बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में दादा मियां के उर्स मेले के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में आयोजित जलपरी शो के दौरान करीब 20 हजार लीटर पानी से भरे विशाल टैंक का शीशा अचानक टूट गया। तेज आवाज के साथ शीशा टूटते ही पानी और कांच के टुकड़े दर्शकों की ओर फैल गए। इस हादसे में चार बच्चों समेत कुल 15 लोग घायल हो गए। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और लोगों के बीच चीख-पुकार शुरू हो गई।
हादसा फखरपुर थाना क्षेत्र के खालिदपुर गांव में आयोजित दादा मियां के उर्स मेले में हुआ। यहां लोगों के मनोरंजन के लिए जलपरी शो का आयोजन किया गया था। शो देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दर्शक टैंक के बाहर लगे पारदर्शी शीशे के माध्यम से पानी के अंदर जलपरी का प्रदर्शन देख रहे थे। इसी दौरान अचानक टैंक का शीशा टूट गया और देखते ही देखते वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।
घटना में घायल बच्चों और अन्य लोगों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) फखरपुर पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल दो बच्चों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। वहीं अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जलपरी शो के दौरान अचानक टूटा टैंक का शीशा, मची भगदड़
जानकारी के अनुसार, खालिदपुर गांव में दादा मियां के उर्स मेले के अवसर पर जलपरी शो लगाया गया था। शो देखने के लिए लोग टिकट लेकर अंदर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि दर्शकों से प्रवेश के लिए 50 रुपये का टिकट लिया जा रहा था।
शो के दौरान करीब 20 से 25 लोग मौजूद थे। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थे। लोग टैंक के सामने खड़े होकर पानी के अंदर चल रहे प्रदर्शन को देख रहे थे। तभी अचानक तेज आवाज के साथ टैंक का शीशा टूट गया।
शीशा टूटने के बाद टैंक में भरा पानी तेजी से बाहर निकलने लगा। इसके साथ ही कांच के टुकड़े भी आसपास खड़े दर्शकों पर जा गिरे। सबसे ज्यादा चोटें टैंक के सामने खड़े बच्चों को आईं। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
हादसे के बाद मेले में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। घायल लोगों को बाहर निकालने और अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू हुई। कुछ देर के लिए पूरे मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चार बच्चों समेत 15 लोग घायल, दो की हालत गंभीर
इस हादसे में कुल 15 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों में चार बच्चे भी शामिल हैं। बच्चों के सिर और चेहरे पर कांच लगने से चोटें आईं।
घायल बच्चों की पहचान अर्श (8 वर्ष), बुरऊ (7 वर्ष), अहद खान (8 वर्ष) और मोहम्मद सादिक (9 वर्ष) के रूप में बताई गई है। सभी खालिदपुर गांव के निवासी बताए गए हैं।
घटना में जलपरी का किरदार निभा रही युवती भी घायल हुई है। हादसे के बाद सभी घायलों को उपचार के लिए सीएचसी फखरपुर ले जाया गया।
चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद गंभीर रूप से घायल दो बच्चों को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद छुट्टी दे दी गई।
इस घटना ने मेले में आयोजित मनोरंजन कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर बच्चों की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद जरूरी है।
आयोजक और केयरटेकर मौके से फरार, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद कार्यक्रम के आयोजक और केयरटेकर मौके से चले गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि इतने बड़े पानी के टैंक में दर्शकों को शो दिखाने से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए थे।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि जलपरी शो के दौरान टैंक का शीशा टूटने से
15 लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
पुलिस के अनुसार, आयोजक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और
उसकी तलाश की जा रही है। मामले की जांच के साथ हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
अब जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि टैंक का शीशा किन परिस्थितियों में टूटा।
क्या टैंक के निर्माण में इस्तेमाल किया गया शीशा पर्याप्त मजबूत था?
क्या पानी के दबाव को ध्यान में रखकर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था?
इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, बच्चों की सुरक्षा जरूरी
बहराइच की यह घटना मनोरंजन कार्यक्रमों में सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को सामने लाती है।
मेलों और सार्वजनिक आयोजनों में बड़ी संख्या में परिवार
अपने बच्चों के साथ पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजकों की जिम्मेदारी होती है कि
किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या मनोरंजन कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जांच कराई जाए।
विशेष रूप से पानी से भरे बड़े टैंक, कांच के ढांचे और अन्य अस्थायी संरचनाओं का
इस्तेमाल करते समय उनकी मजबूती और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।
20 हजार लीटर पानी की क्षमता वाले टैंक के आसपास दर्शकों को खड़ा करने से
पहले पर्याप्त सुरक्षा दूरी, मजबूत संरचना और आपातकालीन व्यवस्था होनी चाहिए।
इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर प्राथमिक उपचार और
आपातकालीन चिकित्सा सहायता की सुविधा भी उपलब्ध रहनी चाहिए।
बहराइच में हुए इस हादसे के बाद प्रशासन के सामने आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था की
जांच करने की चुनौती है। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
निष्कर्ष: बहराइच के खालिदपुर गांव में दादा मियां के उर्स मेले के दौरान जलपरी शो में हुआ
हादसा बेहद चिंताजनक है। करीब 20 हजार लीटर पानी से
भरे टैंक का शीशा टूटने से चार बच्चों समेत 15 लोग घायल हो गए।
दो बच्चों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
पुलिस ने आयोजक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
अब सभी की नजर जांच और घायलों के स्वास्थ्य से जुड़ी आगे की जानकारी पर है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. बहराइच में जलपरी शो के दौरान हादसा कहां हुआ?
उत्तर: यह हादसा बहराइच जिले के फखरपुर थाना क्षेत्र के खालिदपुर
गांव में दादा मियां के उर्स मेले के दौरान हुआ।
प्रश्न 2. जलपरी शो का टैंक कितने लीटर पानी से भरा था?
उत्तर: जानकारी के अनुसार, शो के लिए बनाए गए टैंक में करीब 20 हजार लीटर पानी भरा हुआ था।
प्रश्न 3. हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं?
उत्तर: हादसे में चार बच्चों समेत कुल 15 लोग घायल हुए हैं।
प्रश्न 4. घायल बच्चों को कहां भर्ती कराया गया?
उत्तर: सभी घायलों को पहले सीएचसी फखरपुर पहुंचाया गया। गंभीर रूप से
घायल दो बच्चों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
प्रश्न 5. हादसे के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
उत्तर: पुलिस ने आयोजक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और
उसकी तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है।
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