गोरखपुर: कीचड़ में तब्दील हुआ बनरही का चकरोड मार्ग, ग्रामीणों ने अवैध कब्जा हटाकर सड़क निर्माण की उठाई मांग

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

चकरोड मार्ग कीचड़ में तब्दील, ग्रामीणों का आवागमन हुआ मुश्किल

गोरखपुर जनपद के विकासखंड गोला अंतर्गत ग्राम सभा नेवादा के बनरही गांव को जोड़ने वाला मुख्य चकरोड मार्ग लगातार हो रही बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ और दलदल में बदल गया है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, महिलाओं, किसानों और बुजुर्गों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। बरसात के मौसम में सड़क पर चलना भी मुश्किल हो जाता है और दोपहिया वाहन अक्सर कीचड़ में फंस जाते हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता और लंबे समय से लंबित अतिक्रमण विवाद के कारण सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।

वर्ष 2018 से लंबित है अतिक्रमण का मामला

ग्रामीणों के अनुसार यह चकरोड रामजानकी मार्ग को बनरही गांव से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस रास्ते पर कथित अवैध कब्जे का मामला वर्ष 2018 से गोला तहसील में लंबित है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के अंतर्गत बेदखली का आदेश जारी किया जा चुका है तथा संबंधित नोटिस भी चस्पा किया गया था। इसके बावजूद अब तक कब्जा नहीं हटाया गया, जिससे सड़क निर्माण का कार्य आगे नहीं बढ़ सका है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन कार्रवाई करता तो आज यह मार्ग लोगों के लिए परेशानी का कारण नहीं बनता।

अतिक्रमण के कारण रुका सड़क निर्माण

गांव के लोगों का कहना है कि चकरोड से अतिक्रमण न हटने के कारण प्रशासन न तो मिट्टी डलवा पा रहा है और न ही खड़ंजा अथवा पक्की सड़क का निर्माण करा पा रहा है।

बारिश के दौरान लगातार वाहनों की आवाजाही से पूरा रास्ता दलदल में बदल चुका है। कई स्थानों पर इतना अधिक कीचड़ हो गया है कि पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले अतिक्रमण हटाकर सड़क का निर्माण कराया गया होता तो आज उन्हें इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।

स्कूली बच्चों, महिलाओं और किसानों को सबसे अधिक परेशानी

बरसात के मौसम में इस सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, महिलाओं, किसानों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है।

प्रतिदिन स्कूल जाने वाले बच्चों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चे और बुजुर्ग फिसलकर गिर जाते हैं। किसानों को खेतों तक पहुंचने में कठिनाई होती है, जबकि दोपहिया वाहन अक्सर कीचड़ में फंस जाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

नवागत एसडीएम से लगाई कार्रवाई की गुहार

ग्रामीणों ने गोला के नवागत उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से मांग की है कि चकरोड पर हुए कथित अवैध कब्जे को तत्काल हटवाया जाए और सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाए।

उनका कहना है कि सड़क बनने से न केवल बनरही गांव बल्कि आसपास के

हजारों लोगों को भी राहत मिलेगी और मुख्य मार्ग तक आवागमन सुगम हो जाएगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि बरसात समाप्त होने का इंतजार करने के

बजाय आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए।

प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नया तहसील प्रशासन इस लंबे समय से लंबित मामले को

गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निर्णय करेगा।

ग्रामीणों का मानना है कि यदि अतिक्रमण हटाकर सड़क का निर्माण कराया जाता है तो गांव के

विकास को नई गति मिलेगी और वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

ग्रामीण सड़कें विकास की आधारशिला

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं होती, बल्कि शिक्षा,

स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच का प्रमुख साधन भी होती है।

किसी भी संपर्क मार्ग के खराब होने से विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और

व्यापारियों को सीधा नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों का

समयबद्ध समाधान ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

निष्कर्ष

गोरखपुर के बनरही गांव का चकरोड मार्ग आज ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है।

बारिश के कारण सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गई है और वर्षों से

लंबित अतिक्रमण विवाद के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जा हटाकर मिट्टी, खड़ंजा और पक्की

सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

अब सभी की निगाहें गोला तहसील प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

FAQ

प्रश्न 1: यह मामला किस गांव का है?
उत्तर: ग्राम सभा नेवादा के बनरही गांव का।

प्रश्न 2: सड़क निर्माण क्यों नहीं हो पा रहा है?
उत्तर: ग्रामीणों के अनुसार चकरोड पर कथित अवैध कब्जे के कारण सड़क निर्माण कार्य रुका हुआ है।

प्रश्न 3: अतिक्रमण का मामला कब से लंबित है?
उत्तर: ग्रामीणों के अनुसार यह मामला वर्ष 2018 से गोला तहसील में लंबित है।

प्रश्न 4: ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की है?
उत्तर: अवैध कब्जा हटाकर चकरोड पर मिट्टी, खड़ंजा और पक्की सड़क का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।

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