राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर में अतिक्रमण हटाने के दौरान बवाल
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची राजस्व विभाग की टीम के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। घटना गोला थाना क्षेत्र के ग्राम चाड़ी की बताई जा रही है, जहां सरकारी बंजर भूमि से कथित अवैध कब्जा हटाने के लिए राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ पहुंची थी।
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों द्वारा विरोध किए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। राजस्व कर्मियों की ओर से आरोप लगाया गया है कि विरोध कर रहे लोगों ने टीम को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज तथा मारपीट की। घटना में कुछ राजस्व कर्मियों को चोटें आने की भी जानकारी सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने राजस्व लेखपाल की शिकायत के आधार पर सात नामजद लोगों समेत 10 से 15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच करने के साथ आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।
एसडीएम के निर्देश पर पहुंची थी राजस्व टीम
बताया गया कि ग्राम चाड़ी में सरकारी बंजर भूमि पर कथित कब्जे की शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही थी। उपजिलाधिकारी गोला मनीष कुमार के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।
टीम का उद्देश्य सरकारी भूमि की स्थिति का निरीक्षण करने के साथ कथित अतिक्रमण को हटाना था। प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई के दौरान मौके पर राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मौके पर मौजूद राजस्व कर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई।
विरोध के बाद बिगड़ा माहौल
राजस्व विभाग की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक, टीम जब सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी, उसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।
आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों ने राजस्व कर्मियों को घेर लिया। इसके बाद कथित रूप से गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मामला बढ़ने पर कुछ कर्मचारियों के साथ मारपीट किए जाने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस की सक्रियता के बाद वहां का माहौल शांत कराया गया।
लेखपाल समेत दो राजस्व कर्मियों को चोट लगने का दावा
घटना के दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारियों को चोटें आने की बात सामने आई है। शिकायत के अनुसार लेखपाल मनीष कुमार यादव और लेखपाल टीपू राय को हल्की चोटें आईं।
कार्रवाई के दौरान राजस्व निरीक्षक पृथ्वीनाथ गुप्ता, लेखपाल सोनू कुमार और नायब तहसीलदार बालचंद चौहान भी मौके पर मौजूद बताए गए हैं।
घटना के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई। सरकारी कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट और अभद्रता को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
सात नामजद सहित कई अज्ञात लोगों पर मुकदमा
राजस्व लेखपाल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले में सात लोगों को नामजद किया है। शिकायत में जयहिन्द, श्यामलाल, अरुण, सुशीला देवी, गिरजावती देवी और सुजीत समेत सात लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और विवाद में किसकी क्या भूमिका रही।
अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस घटनास्थल से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य जानकारी की जांच कर सकती है।
BNS की कई धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें धारा 191(2), 223, 329(3), 132, 121(1), 352 और 351(3) शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
$पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के दौरान सरकारी कार्य में किस तरह बाधा डाली गई और
राजस्व कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे।
सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप सरकारी कार्य में बाधा डालने का है।
राजस्व विभाग की टीम सरकारी भूमि से कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए मौके पर गई थी।
शिकायत के मुताबिक, कार्रवाई का विरोध करते हुए लोगों ने सरकारी
कर्मचारियों को घेर लिया। इसके बाद स्थिति कथित रूप से हिंसक हो गई।
प्रशासन का रुख है कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई यदि
नियमानुसार की जा रही थी तो उसमें किसी प्रकार की बाधा डालना गंभीर मामला है। वहीं,
पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सरकारी बंजर जमीन पर कब्जे का मामला
ग्राम चाड़ी में जिस जमीन को लेकर कार्रवाई की गई, उसे सरकारी बंजर भूमि बताया गया है।
प्रशासन की ओर से कथित अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।
सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायतें मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम
द्वारा मौके का निरीक्षण और कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि सरकारी
संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अभियान जारी रहेगा।
हालांकि, जमीन से संबंधित विवादों में राजस्व रिकॉर्ड, भूमि की प्रकृति, सीमांकन और
कब्जे से जुड़े दस्तावेज महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में पूरे मामले की
अंतिम तस्वीर जांच और राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही साफ होगी।
पुलिस की कार्रवाई से आरोपियों में हड़कंप
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
नामजद लोगों के साथ-साथ अज्ञात आरोपियों की पहचान भी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, घटना के बाद प्रशासनिक अमले में भी इस बात को लेकर सख्ती दिखाई जा रही है कि
सरकारी भूमि से जुड़े अभियानों के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
प्रशासन की ओर से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी
जारी रहने की बात कही गई है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों की जांच के
बाद नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
ऐसे अभियानों में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखने की होती है।
यदि कार्रवाई का विरोध होता है तो पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाया जाता है,
ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
ग्राम चाड़ी की घटना के बाद प्रशासन अब ऐसे मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरत सकता है।
जांच के बाद साफ होगी घटना की पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में लगाए गए
आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों,
राजस्व टीम की कार्रवाई और कथित मारपीट से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी।
यह भी देखा जाएगा कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
किस प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और विरोध करने वाले लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
निष्कर्ष
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र के ग्राम चाड़ी में सरकारी बंजर भूमि से कथित
अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व टीम के साथ विवाद और मारपीट का मामला सामने आने के
बाद प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गए हैं। राजस्व विभाग की
शिकायत पर सात नामजद समेत 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
राजस्व कर्मियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज, धक्का-मुक्की, मारपीट और धमकी देने
जैसे आरोप लगाए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, कौन-कौन लोग
इसमें शामिल थे और सरकारी कार्रवाई में किस स्तर पर बाधा पहुंचाई गई। वहीं प्रशासन का कहना है कि
सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान नियमानुसार आगे भी जारी रहेगा।
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