महानगर को मिलेगी आधुनिक इलेक्ट्रिक बस सेवा
Gorakhpur में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शासन ने महानगर में संचालन के लिए 150 वातानुकूलित और सुविधा संपन्न इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
चार्जिंग प्वाइंट बनाने की कवायद शुरू
शासन के दिशा-निर्देश पर महानगर इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति ने चार्जिंग स्टेशन निर्माण की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जानकारी के अनुसार, कोनी क्षेत्र में 50 इलेक्ट्रिक बसों की क्षमता वाला चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। यहां बसों की चार्जिंग और तकनीकी सुविधाओं की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
100 और बसों के लिए बनेगा दूसरा चार्जिंग हब
इसके अलावा शहर के आसपास 100 इलेक्ट्रिक बसों की क्षमता वाला एक और बड़ा चार्जिंग प्वाइंट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
जिला प्रशासन के सहयोग से इसके लिए उपयुक्त भूमि की तलाश की जा रही है। भूमि चिन्हित होते ही निर्माण और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी जाएंगी।
प्रदूषण नियंत्रण और यातायात सुधार को मिलेगा बढ़ावा
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
वातानुकूलित बसों से यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से डीजल
बसों पर निर्भरता कम होगी और शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
शहर में बेहतर होगी पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था
महानगर में इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से ट्रैफिक दबाव कम करने और लोगों को
सस्ती एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य गोरखपुर को आधुनिक और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जोड़ना है।
विकास की दिशा में बड़ा कदम
गोरखपुर में लगातार हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच इलेक्ट्रिक बस परियोजना को भी
महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे शहर की परिवहन व्यवस्था को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।