शराब ने छीन लिया एक परिवार का अपना: BRD मेडिकल कॉलेज से निकला व्यक्ति सड़क किनारे मृत मिला, बेटी फोन पर पुलिस से कहती रही—“प्लीज सर, एक बार बात करा दीजिए”

गोरखपुर। शराब की लत केवल शराब पीने वाले व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को भीतर से तोड़ देती है। यह परिवार का सुकून, बच्चों के सपने और अपनों की उम्मीदों को भी धीरे-धीरे निगलती चली जाती है। गोरखपुर में सामने आई एक दर्दनाक घटना ने इसी कड़वी सच्चाई को फिर सामने ला दिया।

बताया गया कि 23 अगस्त 2026 को एक व्यक्ति के परिजन उसे शराब की लत से परेशान होकर इलाज कराने के लिए BRD मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर लेकर पहुंचे थे। परिजन मेडिकल कॉलेज में उसे बैठाकर कुछ जरूरी सामान लेने के लिए बाहर गए। इसी दौरान मौका पाकर वह वहां से निकल गया।

घरवालों से बचने के लिए कॉलोनी की ओर चला गया

परिजनों की नजर से बचने के लिए वह मेडिकल कॉलेज के पीछे स्थित नौतन बिहार कॉलोनी की तरफ चला गया। कॉलोनी के लोगों के अनुसार, उसने कई घरों के दरवाजे खटखटाए और लोगों से बार-बार करीब 50 रुपये देने की गुहार लगाता रहा। उसका कहना था कि उसे शराब पीनी है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, उस समय उसके हाथ-पैर कांप रहे थे। लोगों ने उसे समझाया कि वह घर चला जाए और परिवार वालों के पास वापस लौट जाए। लेकिन वह वापस जाने के बजाय सड़क किनारे पड़े एक तख्त पर जाकर लेट गया।

किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ समय बाद वहां का दृश्य इतना दर्दनाक हो जाएगा।

मजदूरों ने समझा धूप से परेशान कोई अनजान व्यक्ति सो रहा है

घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। वहां काम करने वाले लोगों ने सड़क किनारे तख्त पर पड़े व्यक्ति को देखा, लेकिन उन्होंने यही समझा कि शायद कोई अनजान व्यक्ति धूप से परेशान होकर आराम कर रहा है।

किसी को यह जानकारी नहीं थी कि तख्त पर पड़ा वह व्यक्ति हमेशा के लिए दुनिया से विदा हो चुका है।

जब घटना की जानकारी आसपास के लोगों को हुई तो पुलिस को 112 नंबर पर सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और व्यक्ति की तलाशी ली। उसके पास से मोबाइल फोन मिला, जो उस समय बंद था।

मोबाइल ऑन होते ही आया बेटी का फोन

पुलिस ने मोबाइल फोन ऑन किया तो कुछ देर बाद उस पर एक लड़की का फोन आया। लड़की ने पुलिस को बताया कि जिस व्यक्ति का मोबाइल है, वह बीमार है और शराब पीने की लत से परेशान है। परिवार के लोग उसे इलाज कराने के लिए लेकर गए थे और पिछले करीब दो घंटे से उसकी तलाश कर रहे थे।

इसके बाद फोन पर लड़की की आवाज में अपने पिता को लेकर बेचैनी साफ दिखाई दी।

वह पुलिसकर्मियों से बार-बार गुहार लगाती रही—

“प्लीज सर, एक बार बात करा दीजिए।”

लेकिन पुलिसकर्मी जानते थे कि मौके पर मौजूद व्यक्ति की स्थिति गंभीर है और

वे उसे उससे बात नहीं करा सकते थे। पुलिस ने लड़की को समझाते हुए कहा कि

वह परिवार के किसी जिम्मेदार व्यक्ति को पुलिस चौकी पर भेजे।

उस फोन कॉल में एक परिवार की बेचैनी, उम्मीद और अनजाने डर की पूरी कहानी छिपी हुई थी।

शराब ने एक परिवार से पिता, पति, भाई और बेटा छीन लिया

बताया जा रहा है कि मृतक देखने और पहनावे से एक अच्छे परिवार का

व्यक्ति प्रतीत होता था। लेकिन शराब की लत ने उसके जीवन को

इस कदर प्रभावित किया कि इलाज के लिए परिवार उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आया था और

वह वहां से निकलकर सड़क तक पहुंच गया।

एक तरफ परिवार उसे तलाश रहा था, वहीं दूसरी तरफ वह शराब की तलब में

अनजान लोगों से पैसे मांग रहा था। अंततः उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।

यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की मौत की कहानी नहीं है,

बल्कि यह सवाल भी छोड़ जाती है कि आखिर शराब की लत इंसान से क्या-क्या छीन लेती है?

क्या शराब अपनों से ज्यादा जरूरी हो गई?

शराब पीने वाला व्यक्ति अक्सर यह सोचता है कि वह सिर्फ शराब पी रहा है।

लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा भयावह हो सकती है। नशे की लत धीरे-धीरे व्यक्ति का स्वास्थ्य, सम्मान

, आर्थिक स्थिति और परिवार का भरोसा तक खत्म कर सकती है।

बच्चों की आंखों में पिता के बेहतर भविष्य का सपना होता है।

पत्नी को पति से परिवार के साथ खड़े रहने की उम्मीद होती है।

माता-पिता अपने बेटे को खुश देखना चाहते हैं। लेकिन जब शराब की लत हावी हो जाती है तो

इन सभी रिश्तों पर इसका गहरा असर पड़ता है।

गोरखपुर की यह घटना समाज के सामने एक गंभीर सवाल छोड़ती है—क्या कुछ घंटों की शराब की तलब इतनी बड़ी है कि उसके लिए परिवार की जिंदगीभर की खुशियां दांव पर लग जाएं?

शराब की लत को बीमारी समझकर समय रहते कराएं इलाज

शराब की गंभीर लत से जूझ रहे व्यक्ति को केवल समझाने या डांटने के

बजाय परिवार के सहयोग और चिकित्सकीय सहायता की जरूरत हो सकती है।

ऐसे मामलों में समय रहते डॉक्टर या नशा मुक्ति विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

परिवार के सदस्यों को भी नशे की समस्या को छिपाने के बजाय

उसके उपचार के लिए कदम उठाने चाहिए। समय पर मिलने वाली चिकित्सकीय मदद

कई बार व्यक्ति को नशे के चक्र से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

एक बोतल शराब के पीछे कभी-कभी एक पूरा परिवार अपना सुकून, अपना भविष्य और अपना कोई अपना खो देता है।

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