रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए हैं। जमानत की शर्तों के तहत आजम खां ने 3.50 लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम ने 2.75 लाख रुपये जमा कराए। हालांकि, आजम खां की जेल से वास्तविक रिहाई के रास्ते में अन्य मुकदमों की कानूनी औपचारिकताएं अभी भी महत्वपूर्ण हैं।
हाईकोर्ट से मिली जमानत, सजा पर लगाई रोक
दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 को जमानत दी थी। अदालत ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की। इसका मतलब है कि जमानत मिलने के बावजूद इस मामले में दोषी ठहराए जाने का फैसला फिलहाल बरकरार है। दोनों की चुनाव लड़ने से जुड़ी अयोग्यता भी अभी समाप्त नहीं हुई है। Live Law+1
आजम खां ने जमा कराए 3.50 लाख, अब्दुल्ला ने दिए 2.75 लाख रुपये
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में दोनों की ओर से रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अदालत में आवश्यक धनराशि जमा कराई गई।
- आजम खां: 3.50 लाख रुपये।
- अब्दुल्ला आजम: 2.75 लाख रुपये।
इस राशि में जुर्माने की आधी रकम और जमानतियों से संबंधित निर्धारित धनराशि शामिल थी। दस्तावेज और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए। Hindustan
आजम खां के पांच अन्य मामलों में भी जारी हुए रिहाई परवाने
आजम खां के खिलाफ दर्ज दूसरे मुकदमों में भी रिहाई से संबंधित प्रक्रिया चल रही है। रामपुर की अदालत ने पांच मामलों में जमानतियों के सत्यापन और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद रिहाई परवाने जारी किए हैं।
इनमें डूंगरपुर बस्ती खाली कराने से जुड़े तीन मामले, यतीमखाना बस्ती से संबंधित एक मामला और टांडा में दर्ज एससी-एसटी का एक मामला शामिल है।
हालांकि, आजम खां के खिलाफ 50 से अधिक अन्य मामलों में रिहाई परवाने जारी होने की प्रक्रिया बाकी बताई गई है। ऐसे में सभी मामलों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होना उनकी वास्तविक रिहाई के लिए जरूरी है। Rampur News
ईडी से जुड़े मामले में 2 नवंबर को सुनवाई
आजम खां से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय के मामले में भी कानूनी प्रक्रिया जारी है। टांडा थाने में दर्ज इस मामले में पुलिस की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया है। इस पर सोमवार, 2 नवंबर 2026 को सुनवाई प्रस्तावित है।
इस सुनवाई को भी आजम खां की रिहाई से जुड़े घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत के आदेश के बाद ही इस मामले की अगली स्थिति स्पष्ट होगी।
क्या है दो पैन कार्ड का पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2019 में दर्ज शिकायत से जुड़ा है। आरोप था कि
अब्दुल्ला आजम के पास अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दो पैन कार्ड थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार,
एक पैन कार्ड में उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज थी, जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 दिखाई गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दूसरे पैन कार्ड का इस्तेमाल वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में
नामांकन के दौरान किया गया। आरोप था कि इस प्रक्रिया में आजम खां ने भी सहयोग किया था।
निचली अदालत ने नवंबर 2025 में दोनों को दोषी ठहराया था। बाद में अपीलीय अदालत ने
आजम खां की सजा बढ़ाकर 10 साल और अब्दुल्ला आजम की सजा सात साल कर दी थी।
दोनों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
रामपुर की राजनीति में बढ़ी हलचल
आजम खां और अब्दुल्ला आजम को मिली राहत के बाद रामपुर की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
समाजवादी पार्टी के समर्थक दोनों नेताओं की जेल से रिहाई का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल दो पैन कार्ड मामले में दोनों के रिहाई परवाने जारी होना
एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है। लेकिन आजम खां के अन्य मुकदमों और
ईडी से जुड़े मामले की स्थिति को देखते हुए उनकी वास्तविक रिहाई की
अंतिम तारीख को लेकर अभी सावधानी बरतना जरूरी है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. आजम खां और अब्दुल्ला आजम को जमानत कब मिली?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 को दो पैन कार्ड मामले में दोनों को जमानत दी थी।
2. आजम खां ने कितनी रकम जमा कराई?
आजम खां ने जमानत की शर्तें पूरी करने के लिए 3.50 लाख रुपये जमा कराए।
3. अब्दुल्ला आजम ने कितनी रकम जमा कराई?
अब्दुल्ला आजम ने 2.75 लाख रुपये जमा कराए।
4. क्या दोनों के रिहाई परवाने जारी हो गए हैं?
हां, दो पैन कार्ड मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अदालत ने दोनों के रिहाई परवाने जारी किए हैं।
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