उत्तर प्रदेश में पंचायतों के नए परिसीमन के बाद ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य में 644 ग्राम पंचायत वार्ड खत्म कर दिए गए हैं, जिसमें 15 जिले विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। नगर निकायों के गठन और विस्तार का असर 501 ग्राम पंचायतों पर पड़ा है, जिसके चलते लगभग 1700 पंचायत वार्ड कम हो गए हैं। यानी ग्राम पंचायतों की संख्या और उनके वार्ड दोनों में कटौती की गई है
नए परिसीमन के बाद सबसे अधिक वार्ड खत्म होने का रिकॉर्ड देवरिया जिले में रहा, जहां 512 ग्राम पंचायतें खत्म की गईं। इसकी वजह से संबंधित क्षेत्रों में स्थानीय शासन के ढांचे में बड़ा परिवर्तन हुआ है। लखनऊ, मथुरा, प्रयागराज, मऊ, लखीमपुर, बलिया, गोंडा, मेरठ, हरदोई, गाजियाबाद, गोरखपुर, सुल्तानपुर, चंदौली, उन्नाव व कानपुर नगर सहित कई जिलों की ग्राम पंचायतों पर भी नगर निकायों के विस्तार का सीधा असर पड़ा है। इन जिलों में प्रशासनिक पुनर्गठन ने पंचायत स्तर पर बड़ा बदलाव आगे बढ़ाया है
