बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हुई हवाई भिड़ंत में साहस दिखाने वाले वीर चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान एक बार फिर चर्चा में हैं। भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में कदम रखा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय से जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने के बाद वह क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से जुड़े हैं।
अभिनंदन वर्धमान के सैन्य करियर के बाद कमर्शियल एविएशन में जाने की खबर ने लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लड़ाकू विमान उड़ाने वाला भारतीय वायु सेना का पायलट सीधे यात्री विमान उड़ा सकता है? इसका जवाब है—हां, लेकिन इसके लिए कई जरूरी प्रक्रियाओं और नागरिक उड्डयन के नियमों को पूरा करना होता है।
2019 में दुनिया ने देखा था अभिनंदन का शौर्य
अभिनंदन वर्धमान को 27 फरवरी 2019 की भारत-पाकिस्तान हवाई भिड़ंत के बाद देशभर में पहचान मिली। बालाकोट एयरस्ट्राइक के अगले दिन पाकिस्तानी वायु सेना की कार्रवाई का जवाब देते हुए उन्होंने MiG-21 Bison से उड़ान भरी थी।
इसी हवाई मुकाबले के दौरान उनका विमान भी मिसाइल की चपेट में आया और उन्हें इजेक्ट करना पड़ा। उनका विमान पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में गिरा और उन्हें पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया था। करीब 60 घंटे बाद 1 मार्च 2019 को उन्हें भारत वापस सौंप दिया गया। उनकी वीरता के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
IAF छोड़ने के बाद FLY91 से जुड़े अभिनंदन
अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायु सेना में लंबे समय तक सेवा देने के बाद इस साल सेवा से विदाई ली। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह 31 मार्च को IAF से बाहर हुए और इसके बाद नागरिक विमानन क्षेत्र में कदम रखा। अब वह गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 में पायलट के तौर पर जुड़े हैं।
यह बदलाव इसलिए भी खास है क्योंकि लड़ाकू विमान उड़ाने और यात्री विमान उड़ाने की ट्रेनिंग एवं संचालन प्रक्रिया अलग होती है। इसलिए सैन्य पायलट को सिविल एविएशन में जाने से पहले निर्धारित मानकों को पूरा करना पड़ता है।
क्या कोई IAF पायलट प्राइवेट एयरलाइन में जा सकता है?
हां। भारतीय सशस्त्र बलों के योग्य पायलट सेवा पूरी करने या नियमों के तहत सेवानिवृत्त होने के बाद नागरिक एयरलाइंस में करियर बना सकते हैं। सैन्य पायलटों के पास उड़ान का व्यापक अनुभव, तकनीकी प्रशिक्षण और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता होती है, इसलिए नागरिक विमानन क्षेत्र में उनके अनुभव को उपयोगी माना जाता है।
हालांकि, केवल IAF का पायलट होना कमर्शियल एयरलाइन का विमान उड़ाने के लिए पर्याप्त नहीं है। उसे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
सैन्य पायलट को कमर्शियल पायलट बनने के लिए क्या करना पड़ता है?
1. सेना से आधिकारिक रूप से बाहर होना जरूरी
सैन्य सेवा में रहते हुए अधिकारी किसी निजी या कमर्शियल संस्था में नौकरी नहीं कर सकता। इसलिए पहले निर्धारित नियमों के अनुसार सेवा से बाहर होना जरूरी है।
इसके बाद संबंधित सैन्य अधिकारियों और रक्षा मंत्रालय से आवश्यक NOC यानी No Objection Certificate की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
2. सैन्य उड़ान रिकॉर्ड की जांच
सैन्य पायलट द्वारा किए गए उड़ान अनुभव और फ्लाइंग ऑवर्स को नागरिक विमानन व्यवस्था के तहत सत्यापित किया जाता है। इसके लिए उसके लॉगबुक और संबंधित रिकॉर्ड की जांच होती है।
3. DGCA की परीक्षाएं और मेडिकल टेस्ट
सैन्य पायलट को नागरिक विमानन के नियमों के अनुसार आवश्यक
परीक्षाएं देनी पड़ सकती हैं। इसमें एयर रेगुलेशन, एविएशन मौसम विज्ञान जैसे विषय शामिल होते हैं।
इसके अलावा सिविल एविएशन के मानकों के अनुसार Class-1 Medical भी जरूरी होता है।
4. यात्री विमान के लिए अलग ट्रेनिंग
फाइटर जेट और पैसेंजर विमान की उड़ान तकनीक अलग होती है। इसलिए
किसी फाइटर पायलट को एयरबस, बोइंग या ATR जैसे कमर्शियल विमान उड़ाने से पहले
संबंधित विमान के लिए आवश्यक टाइप रेटिंग और सिम्युलेटर ट्रेनिंग पूरी करनी होती है।
यानी युद्धक विमान उड़ाने का अनुभव महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन यात्री
विमान उड़ाने के लिए संबंधित विमान की अलग ट्रेनिंग और प्रमाणन आवश्यक है।
अभिनंदन का नया करियर क्यों है खास?
अभिनंदन वर्धमान उन सैन्य पायलटों में शामिल हैं जिन्होंने बेहद चुनौतीपूर्ण
परिस्थितियों में अपने कौशल और साहस का परिचय दिया। 2019 की घटना के बाद वह
देश में साहस और सैन्य पेशेवर क्षमता के प्रतीक के रूप में पहचाने गए।
अब उनका नागरिक विमानन में प्रवेश उनके करियर का एक नया अध्याय है। सैन्य सेवा के
दौरान हासिल किया गया अनुभव और विमानन कौशल अब कमर्शियल एविएशन में इस्तेमाल होगा।
FAQ
Q1. अभिनंदन वर्धमान ने IAF क्यों छोड़ी?
अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्ति के बाद नागरिक विमानन क्षेत्र में कदम रखा है।
Q2. अभिनंदन वर्धमान अब किस एयरलाइन से जुड़े हैं?
रिपोर्टों के अनुसार वह गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से पायलट के तौर पर जुड़े हैं।
Q3. क्या IAF का फाइटर पायलट प्राइवेट एयरलाइन में पायलट बन सकता है?
हां। सेवा से बाहर होने और जरूरी NOC के साथ DGCA की निर्धारित लाइसेंस, मेडिकल, परीक्षा और
ट्रेनिंग संबंधी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद सैन्य पायलट नागरिक एयरलाइन में जा सकता है।
Q4. क्या फाइटर जेट उड़ाने का लाइसेंस सीधे पैसेंजर विमान के लिए मान्य होता है?
नहीं। यात्री विमान उड़ाने के लिए संबंधित सिविल एविएशन आवश्यकताओं को पूरा करना और
विमान के प्रकार के अनुसार जरूरी ट्रेनिंग व टाइप रेटिंग हासिल करना पड़ता है।
Q5. अभिनंदन वर्धमान को कौन सा सैन्य सम्मान मिला है?
2019 की हवाई कार्रवाई में उनके साहस के लिए उन्हें भारत के
युद्धकालीन वीरता पुरस्कार वीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
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