WHO ने BRICS की स्वास्थ्य पहल की सराहना, New Delhi Declaration में हेल्थ पर बड़ा फोकस

18वें BRICS शिखर सम्मेलन में अपनाई गई New Delhi Declaration में स्वास्थ्य को प्रमुख प्राथमिकता दिए जाने की विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सराहना की है। WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने BRICS नेताओं की स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को महत्वपूर्ण बताया।

घोषणा में Universal Health Coverage, मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों, टीबी उन्मूलन, डिजिटल हेल्थ, स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाने और पारंपरिक चिकित्सा के समावेशन जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया है।

भारत की अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं ने New Delhi Declaration को अपनाया। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मजबूत, समावेशी और लोगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने पर जोर

घोषणा में BRICS देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अनुभव, तकनीक और बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था और आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया है। वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग में WHO की समन्वयकारी भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है।

टीबी के खिलाफ सामूहिक प्रयास

तपेदिक यानी TB को BRICS घोषणा में गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में शामिल किया गया है। इसके खिलाफ अनुसंधान, तकनीकी सहयोग और सदस्य देशों के बीच अनुभव साझा करने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

इसके साथ ही संक्रामक रोगों, जूनोटिक बीमारियों और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर निगरानी तथा शुरुआती चेतावनी प्रणाली विकसित करने की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

डिजिटल हेल्थ और AI को बढ़ावा

BRICS देशों ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता सुधारने में डिजिटल तकनीक की भूमिका को महत्वपूर्ण माना है। घोषणा में लोगों की जरूरतों पर आधारित डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने और दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

स्वास्थ्य आपात स्थितियों की तैयारी और प्रतिक्रिया में Artificial Intelligence (AI) तथा डिजिटल तकनीक के उपयोग को भी उपयोगी माध्यम माना गया है।

मानसिक स्वास्थ्य भी एजेंडे में

BRICS की स्वास्थ्य पहल में मानसिक स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। घोषणा में इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए Training Hub Network और Centres of Excellence के नेटवर्क का समर्थन किया गया है।

NIMHANS को इस नेटवर्क के समन्वयक Centre of Excellence के रूप में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य शोध, नीति संवाद और स्वास्थ्य क्षेत्र की बेहतर प्रथाओं को साझा करना है।

पारंपरिक चिकित्सा पर बढ़ा सहयोग

New Delhi Declaration में Traditional, Complementary and Integrative Medicine (TCIM) को भी स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा गया है।

BRICS देशों ने इस क्षेत्र में विशेषज्ञ कार्य समूह बनाने के प्रस्ताव का स्वागत किया है।

इसके माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े ज्ञान, अनुसंधान और अनुभव साझा किए जाने की उम्मीद है।

साथ ही पारंपरिक चिकित्सा की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता को

वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

WHO प्रमुख ने क्या कहा?

WHO महानिदेशक डॉ. टेड्रोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BRICS नेताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए

घोषणा में WHO के समर्थन तथा बहुपक्षीय स्वास्थ्य सहयोग से जुड़ी प्रतिबद्धताओं की सराहना की।

उन्होंने Universal Health Coverage, मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों, TB समाप्त करने के प्रयासों,

स्वास्थ्यकर्मियों, डिजिटल हेल्थ और पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

इसके अलावा 14 सितंबर को WHO प्रमुख ने BRICS देशों से अगली स्वास्थ्य आपात स्थिति आने से

पहले तैयारियों को मजबूत करने, स्वास्थ्य नवाचारों को जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचाने, सीमापार सहयोग को

व्यावहारिक बनाने और स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश जारी रखने का आह्वान किया।

स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान

घोषणा में प्रशिक्षित और सक्षम स्वास्थ्य कार्यबल की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

BRICS देशों के बीच प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और शोध सहयोग बढ़ाने की बात कही गई है।

इस तरह के सहयोग से विकासशील देशों में स्वास्थ्य सेवाओं की

उपलब्धता और क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में पहल

New Delhi Declaration में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ दवाओं,

वैक्सीन, उपचार और जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

स्थानीय स्तर पर मेडिकल उत्पादों के उत्पादन, बेहतर नियामक सहयोग और

स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए मजबूत आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने को महत्वपूर्ण माना गया है।

अब घोषणाओं को जमीन पर उतारने की चुनौती

New Delhi Declaration ने BRICS देशों के स्वास्थ्य सहयोग के लिए

कई प्राथमिकताएं निर्धारित कर दी हैं। अब इन प्रतिबद्धताओं को किस तरह

व्यावहारिक नीतियों और कार्यक्रमों में बदला जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा।

TB नियंत्रण, महामारी की तैयारी, डिजिटल हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्यकर्मियों की

क्षमता और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में ठोस सहयोग से

सदस्य देशों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूती मिल सकती है।

निष्कर्ष

BRICS New Delhi Declaration में स्वास्थ्य को केवल चिकित्सा सेवाओं तक

सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे रोकथाम, आपात तैयारी,

तकनीक, अनुसंधान और समान स्वास्थ्य पहुंच से जोड़ा गया है।

WHO की सकारात्मक प्रतिक्रिया से BRICS के स्वास्थ्य एजेंडे को वैश्विक स्तर पर

भी महत्व मिला है। अब सबसे बड़ी चुनौती इन घोषणाओं को प्रभावी नीतियों,

पर्याप्त निवेश और जमीन पर लागू होने वाले कार्यक्रमों में बदलने की होगी

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