राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर। बेलघाट क्षेत्र के टिकुलियाडांड वाया सिसवा बाबू मार्ग पर झिरझिरवा नाले के पास करीब 150 मीटर सड़क पर 2 से 3 फुट तक पानी भर गया है। जलभराव के कारण ग्रामीणों और राहगीरों का आवागमन मुश्किल हो गया है। बारिश के बीच इस हिस्से से गुजरने में हादसे का खतरा बना हुआ है।
क्षेत्र के स्कूली बच्चों को भी इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है।
गोरखपुर जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग
टिकुलियाडांड वाया सिसवा बाबू मार्ग बेलघाट कस्बे से होते हुए जिला मुख्यालय गोरखपुर जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।
इस सड़क से गोधना, बेलवाडांड़, महुलिया, रामपुर, रंजीतगढ़, सिसवा बाबू, रापतपुर, नरगड़ा और शिवदत्त सिंह समेत करीब दो दर्जन गांवों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं।
ऐसे में सड़क पर लंबे हिस्से में पानी भर जाने से बड़ी संख्या में ग्रामीणों के आवागमन पर असर पड़ रहा है।

झिरझिरवा नाले के पास सड़क पर भरा पानी
वर्तमान में झिरझिरवा नाले के पास करीब 150 मीटर सड़क पानी में डूबी हुई है। कई जगह पानी की गहराई 2 से 3 फुट तक बताई जा रही है।
ऐसे में सड़क से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी हो रही है। पानी के नीचे सड़क की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण फिसलने और वाहन असंतुलित होने का खतरा भी बना रहता है।
स्कूली बच्चों के लिए भी बढ़ा खतरा
सड़क पर जलभराव का असर क्षेत्र के छात्र-छात्राओं पर भी पड़ रहा है।
विद्यालय जाने वाले बच्चों को इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है।
पानी के बीच से होकर स्कूल जाने के दौरान बच्चों को परेशानी के साथ-साथ
दुर्घटना का खतरा भी रहता है। बारिश के दौरान जलभराव बढ़ने पर स्थिति और कठिन हो सकती है।
हर साल बारिश में सामने आती है समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में इस मार्ग पर जलभराव की समस्या
हर वर्ष सामने आती है। यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि
लंबे समय से क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
हर वर्ष बारिश आते ही झिरझिरवा नाले के पास सड़क पर
पानी जमा होने लगता है और लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
दो दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित
इस मार्ग से करीब दो दर्जन गांवों के लोग बेलघाट कस्बे और जिला
मुख्यालय की ओर आते-जाते हैं। ग्रामीणों के लिए यह मार्ग रोजमर्रा के कामकाज,
बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है।
जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
सड़क ऊंची कराने की मांग
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क के प्रभावित हिस्से को ऊंचा किए जाने और
जलनिकासी की उचित व्यवस्था होने से समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से टिकुलियाडांड वाया सिसवा बाबू मार्ग के
प्रभावित हिस्से को पर्याप्त ऊंचा कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान सड़क पानी में न डूबे।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का स्थायी समाधान होने से करीब दो
दर्जन गांवों के लोगों के साथ स्कूली छात्र-छात्राओं को भी राहत मिलेगी।
लोगों ने संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है,
ताकि हर बरसात में पानी से होकर आवागमन करने की मजबूरी समाप्त हो सके।
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