देवरिया, 14 सितंबर। बरियारपुर में निर्माणाधीन नगर पंचायत कार्यालय के कार्य में हो रही देरी को लेकर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कड़ी नाराजगी जताई है। सोमवार को जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन कार्यालय भवन का औचक निरीक्षण किया और मौके पर चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया।
निर्धारित समय के बाद भी परियोजना पूरी नहीं होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को सख्त निर्देश दिए कि सितंबर माह के भीतर हर हाल में निर्माण कार्य पूरा कराया जाए।
निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता की ली जानकारी
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और निर्धारित समयसीमा की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परियोजना के अब तक पूरे हुए कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना संबंधित कार्यदायी संस्था और ठेकेदार की जिम्मेदारी है।
2.35 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा कार्यालय
नगर पंचायत बरियारपुर का नया कार्यालय भवन करीब 2 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इस परियोजना का शुभारंभ जून 2025 में हुआ था और इसे जून 2026 तक पूरा किया जाना निर्धारित था।
निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर जिलाधिकारी ने संबंधितों को सख्त चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य को अब और लंबित नहीं किया जाएगा। कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने और सितंबर माह के भीतर परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
देरी पर एफआईआर की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ठेकेदार एवं कार्यदायी संस्था को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के
भीतर निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि समयसीमा का पालन नहीं होने की स्थिति में विधिक कार्रवाई के
साथ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
डीएम की सख्ती के बाद निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और
संबंधित संस्था पर समयसीमा के भीतर परियोजना पूरी करने का दबाव बढ़ गया है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश
डीएम मधुसूदन हुल्गी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि
निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में काम पूरा करने के नाम पर निर्माण की
गुणवत्ता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली
सामग्री और किए जा रहे कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए।
निर्माण कार्य की नियमित निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और प्रगति की लगातार समीक्षा करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन से संचालित परियोजनाओं में लापरवाही
अथवा अनावश्यक देरी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के समय कार्यदायी संस्था सीएमडीएस, डीएसटीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की प्रगति पर
लगातार नजर रखी जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए।
सितंबर तक कार्यालय पूरा कराने का लक्ष्य
नगर पंचायत कार्यालय भवन के निर्माण से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सुविधाओं के बेहतर होने की उम्मीद है।
अब जिलाधिकारी द्वारा तय की गई सितंबर माह की समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराना
संबंधित कार्यदायी संस्था और अधिकारियों के लिए प्रमुख जिम्मेदारी होगी।
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