वृंदावन/मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर वृंदावन में तैयारियां तेज हो गई हैं। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में कान्हा के जन्मोत्सव के बाद होने वाली विशेष मंगला आरती इस बार भी बेहद खास रहने वाली है। मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंगला आरती में प्रवेश सीमित रखने का निर्णय लिया गया है।
4 और 5 सितंबर की मध्यरात्रि 1:45 बजे बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती होगी। इस विशेष आरती के दौरान केवल 600 श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए हाई पावर कमेटी की ओर से पास जारी किए जाएंगे। बिना अधिकृत पास के मंगला आरती के समय मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
जन्माष्टमी के बाद आधी रात को होगी विशेष आरती
वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद होने वाली यह आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।
इस बार जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। इसके बाद 4 और 5 सितंबर की मध्यरात्रि में रात 1:45 बजे मंगला आरती होगी। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वृंदावन पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन और संबंधित कमेटी ने प्रवेश व्यवस्था को नियंत्रित रखने का फैसला किया है।
केवल 600 भक्त कर सकेंगे मंगला आरती के दर्शन
मंगला आरती के दौरान मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ न हो, इसके लिए श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखी गई है। इस बार केवल 600 भक्तों को पास के माध्यम से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
हाई पावर कमेटी की ओर से जारी किए जाने वाले पास के आधार पर ही श्रद्धालु मंगला आरती में शामिल हो सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करना और आरती के दौरान दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।
सेवायतों के यजमानों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। यानी उनके लिए भी प्रवेश पास जरूरी होगा। इसके अलावा मंगला आरती की कवरेज करने वाले मीडिया कर्मियों के लिए भी पास व्यवस्था लागू रहेगी।
आरती के बाद आम भक्तों के लिए खुलेंगे पट
मंगला आरती के दौरान सीमित श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा, लेकिन आरती समाप्त होने के बाद आम भक्तों के लिए दर्शन की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक मंगला आरती के बाद ठाकुर बांके बिहारी जी के दर्शन पूरी रात जारी रहेंगे। यानी जिन श्रद्धालुओं को विशेष आरती में प्रवेश नहीं मिल पाएगा, वे आरती के बाद सामान्य दर्शन कर सकेंगे।
सुबह करीब 5:30 बजे मंदिर के पट बंद किए जाएंगे। इसके बाद मंदिर में नियमित समय-सारिणी के अनुसार दर्शन की प्रक्रिया चलेगी।
भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा पर खास जोर
जन्माष्टमी के अवसर पर वृंदावन में देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में बांके बिहारी मंदिर और आसपास के क्षेत्र में भारी भीड़ रहने की संभावना है।
इसी वजह से मंदिर की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। हाई पावर कमेटी की बैठक में पिछले वर्ष की मंगला आरती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सेवायतों ने पिछली व्यवस्था के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि आरती के समय पुलिसकर्मियों की संख्या अधिक दिखाई देने से श्रद्धालुओं के बीच भी इसकी चर्चा हुई थी।
मंदिर के अंदर सीमित रहेगी पुलिस और सुरक्षा गार्डों की संख्या
हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बैठक के दौरान बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था में कुछ बदलाव किए जाएंगे। मंदिर के भीतर पुलिसकर्मियों और सुरक्षा गार्डों की संख्या को सीमित रखा जाएगा।
हालांकि सुरक्षा व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जरूरत के मुताबिक निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
इसका उद्देश्य यह है कि मंदिर परिसर में सुरक्षा भी बनी रहे और मंगला आरती के दौरान धार्मिक वातावरण भी सहज बना रहे।
पास के बिना प्रवेश नहीं
मंगला आरती में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि बिना पास मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
हाई पावर कमेटी की ओर से निर्धारित व्यवस्था के अनुसार विशेष आरती के लिए प्रवेश पास जारी किए जाएंगे। सेवायत, उनके यजमान और मीडिया कर्मी भी निर्धारित पास व्यवस्था के अंतर्गत ही प्रवेश कर पाएंगे।
इसलिए श्रद्धालुओं को मंगला आरती के समय सामान्य दर्शन की तरह मंदिर पहुंचने के बजाय पहले से तय प्रवेश व्यवस्था की जानकारी रखना जरूरी होगा।
जन्माष्टमी पर वृंदावन में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा और वृंदावन में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बांके बिहारी मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र होने के कारण यहां विशेष रूप से भीड़ बढ़ जाती है।
जन्माष्टमी की रात मंदिरों में धार्मिक आयोजन, भजन-कीर्तन और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।
ऐसे में प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ
श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराने की चुनौती रहती है।
मंगला आरती में प्रवेश को केवल 600 लोगों तक सीमित करने का
फैसला इसी भीड़ प्रबंधन का हिस्सा माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर भी चर्चा
हाई पावर कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान मंदिर की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई।
जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा-वृंदावन में वीआईपी गतिविधियों और
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहने वाली है।
मंदिर की व्यवस्था को लेकर हुई बैठक में कमेटी के सदस्य सेवानिवृत्त जिला जज मुकेश मिश्रा,
सेवायत हिमांशु गोस्वामी, रजत गोस्वामी, शैलेंद्र गोस्वामी,
शैंकी गोस्वामी और मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी जानकारी
अगर आप जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन की योजना बना रहे हैं तो
मंगला आरती और सामान्य दर्शन के बीच अंतर समझना जरूरी है।
मंगला आरती में केवल पासधारी 600 श्रद्धालु प्रवेश कर पाएंगे। लेकिन
आरती समाप्त होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खोल दिए जाएंगे। इसलिए जिन लोगों के
पास मंगला आरती का पास नहीं है, वे आरती के बाद सामान्य दर्शन के लिए मंदिर जा सकते हैं।
जन्माष्टमी पर भीड़ अधिक होने की संभावना को देखते हुए श्रद्धालुओं को
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
बांके बिहारी मंदिर मंगला आरती: एक नजर में
- मंगला आरती 4-5 सितंबर की मध्यरात्रि होगी।
- आरती का समय रात 1:45 बजे निर्धारित है।
- केवल 600 श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा।
- प्रवेश के लिए अधिकृत पास जरूरी होगा।
- सेवायतों और उनके यजमानों के लिए भी पास व्यवस्था रहेगी।
- मीडिया कर्मियों को भी पास के जरिए प्रवेश मिलेगा।
- आरती के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खोल दिए जाएंगे।
- पूरी रात दर्शन की व्यवस्था रहेगी।
- सुबह करीब 5:30 बजे मंदिर के पट बंद होंगे।
- मंदिर के अंदर सुरक्षा कर्मियों की संख्या सीमित रखने की तैयारी है।
श्रद्धालु रखें इन बातों का ध्यान
जन्माष्टमी के अवसर पर वृंदावन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भीड़ को ध्यान में रखते हुए
यात्रा की योजना बनानी चाहिए। मंगला आरती के लिए पास नहीं है तो
बिना पास मंदिर में प्रवेश की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
साथ ही मंदिर परिसर में सुरक्षा जांच और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
भीड़ के बीच बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के साथ विशेष सावधानी बरतना भी आवश्यक है।
जन्माष्टमी का पर्व आस्था और उल्लास का अवसर है। ऐसे में श्रद्धालुओं से
संयम बनाए रखने और व्यवस्था में सहयोग करने की उम्मीद की जा रही है।
FAQ: बांके बिहारी मंदिर मंगला आरती 2026
1. बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती कब होगी?
जन्माष्टमी की मध्यरात्रि के बाद 4 और 5 सितंबर की रात 1:45 बजे मंगला आरती होगी।
2. मंगला आरती में कितने श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा?
विशेष मंगला आरती के लिए केवल 600 श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा।
3. क्या बिना पास मंगला आरती देख सकते हैं?
नहीं। मंगला आरती के समय मंदिर में प्रवेश के लिए निर्धारित पास जरूरी होगा।
4. क्या आम श्रद्धालु आरती के बाद दर्शन कर सकते हैं?
हां। मंगला आरती समाप्त होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खोल दिए जाएंगे।
5. मंदिर के पट कब बंद होंगे?
आरती के बाद दर्शन पूरी रात चलेंगे और सुबह करीब 5:30 बजे मंदिर के पट बंद किए जाएंगे।
6. क्या सेवायतों के यजमान भी मंगला आरती में जा सकते हैं?
हां, लेकिन उन्हें भी निर्धारित प्रवेश पास की आवश्यकता होगी।
7. क्या मीडिया कर्मियों के लिए भी पास जरूरी है?
हां। मंगला आरती की कवरेज के लिए आने वाले मीडिया कर्मियों के लिए भी पास व्यवस्था लागू रहेगी।
8. मंगला आरती में प्रवेश सीमित क्यों किया गया है?
जन्माष्टमी पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर में
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए प्रवेश संख्या सीमित रखी गई है।
9. क्या आरती के बाद पूरी रात दर्शन होंगे?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार मंगला आरती के बाद आम भक्तों के लिए पूरी रात दर्शन खुले रहेंगे।
10. क्या मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था बदलेगी?
हां। इस बार मंदिर के अंदर पुलिसकर्मियों और सुरक्षा गार्डों की
संख्या सीमित रखने की तैयारी है, जबकि जरूरत के अनुसार निगरानी व्यवस्था जारी रहेगी।
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