राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और गांवों में हरियाली का दायरा बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर पौधरोपण का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में विकासखंड गोला की ग्राम पंचायत परसा उर्फ अगलहवा में मंगलवार को हरिशंकरी वृक्ष का विधिवत रोपण किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक संकल्प लिया।
हरिशंकरी वृक्ष में प्रकृति और परंपरा का संगम
हरिशंकरी वृक्ष को भारतीय परंपरा में विशेष महत्व प्राप्त है। इसमें पीपल, बरगद और पाकड़ जैसे वृक्षों का संगम माना जाता है। यही वजह है कि हरिशंकरी का पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से भी जोड़कर देखा जाता है।
ग्राम पंचायत परसा उर्फ अगलहवा में हुए इस पौधरोपण कार्यक्रम ने पर्यावरण और आस्था के इसी जुड़ाव को सामने रखा। ग्रामीणों ने कहा कि गांवों में ऐसे वृक्ष लगाए जाने से हरियाली बढ़ने के साथ-साथ लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी।
ग्रामीणों ने मिलकर किया पौधरोप
णग्राम पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम विकास अधिकारी रविंदर गौड, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जाकिर हुसैन तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसा के इंचार्ज प्रधानाध्यापक सूर्य प्रताप राय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।सभी ने मिलकर हरिशंकरी वृक्ष का रोपण किया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर चर्चा की गई और उपस्थित लोगों ने पौधों की देखभाल तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया।
आने वाली पीढ़ियों के लिए होगा हरियाली का संदेश
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। पेड़-पौधे पर्यावरण को संतुलित रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ग्रामीणों का मानना है कि ग्राम पंचायत में लगाया गया यह हरिशंकरी वृक्ष आने वाले समय में केवल एक पेड़ नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बनेगा।
गांवों में बढ़ेगी हरियाली, मजबूत होगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
ग्राम पंचायतों में होने वाले ऐसे पौधरोपण कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का काम करते हैं। जब ग्रामीण स्वयं पौधरोपण में शामिल होते हैं और उसकी देखभाल का संकल्प लेते हैं, तो अभियान का प्रभाव लंबे समय तक बना रहने की उम्मीद बढ़ती है।
परसा उर्फ अगलहवा में हुआ हरिशंकरी वृक्षारोपण भी इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम ने ग्रामीणों को पेड़ बचाने, अधिक पौधे लगाने और प्रकृति के साथ अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के रिश्ते को मजबूत करने का संदेश दिया।