राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर/गोला। महिलाओं और छात्राओं को उनके अधिकारों तथा सुरक्षा से जुड़े जरूरी पहलुओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गोला कोतवाली परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एलपीएम स्कूल, गोला की कक्षा 10वीं और 12वीं की छात्राओं ने हिस्सा लिया। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति, एंटी रोमियो अभियान, नशे से होने वाले नुकसान, साइबर अपराध और यातायात नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का आयोजन प्रभारी निरीक्षक गोला चंद्रप्रकाश पांडेय के नेतृत्व में किया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि वर्तमान समय में जागरूकता ही अपराध से बचाव का सबसे मजबूत माध्यम है। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के साथ-साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल जिम्मेदार व्यक्ति या पुलिस को देने की सलाह दी गई।
छात्राओं को महिला सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
कोतवाली परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिला सशक्तिकरण और मिशन शक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी छात्रा या महिला को यदि किसी प्रकार की परेशानी, छेड़छाड़, धमकी या उत्पीड़न का सामना करना पड़े तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए।
उन्हें ऐसी स्थिति में परिवार के सदस्यों, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। छात्राओं को यह भी बताया गया कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में समय पर शिकायत करने से पुलिस को कार्रवाई करने में मदद मिलती है।
एंटी रोमियो अभियान के बारे में दी जानकारी
पुलिस टीम ने छात्राओं को एंटी रोमियो अभियान के उद्देश्य के बारे में भी समझाया। सार्वजनिक स्थानों, स्कूल-कॉलेज के आसपास या रास्ते में किसी प्रकार की छेड़छाड़ अथवा परेशान करने वाली गतिविधि सामने आने पर छात्राओं को तुरंत इसकी सूचना देने की सलाह दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से कहा कि किसी भी असहज परिस्थिति को नजरअंदाज करने के बजाय उसके बारे में जानकारी साझा करना जरूरी है।
साइबर अपराध से बचने के बताए तरीके
कार्यक्रम में साइबर अपराध को लेकर भी छात्राओं को विशेष रूप से जागरूक किया गया। पुलिस ने बताया कि मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
छात्राओं को समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी या बैंकिंग से संबंधित संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। संदिग्ध लिंक, फर्जी मैसेज और अनजान कॉल से भी सावधान रहने की सलाह दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाने की कोशिश करते हैं। इसलिए किसी भी ऑनलाइन गतिविधि में जल्दबाजी करने के बजाय पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशीले पदार्थों की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
छात्राओं से अपील की गई कि वे खुद नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के बारे में जागरूक करें। यदि किसी इलाके में नशे से जुड़ी गतिविधियां दिखाई देती हैं तो इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने की सलाह दी गई।
यातायात नियमों का पालन करने की अपील
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने बताया कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
छात्राओं को हेलमेट लगाने, यातायात संकेतों का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने और सड़क पार करते समय सावधानी बरतने के बारे में समझाया गया।
पुलिस ने छात्राओं से कहा कि वे यातायात नियमों का पालन खुद भी करें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
छात्राओं ने पूछे कई सवाल
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा, साइबर अपराध और अन्य विषयों से जुड़े कई सवाल पूछे। प्रभारी निरीक्षक चंद्रप्रकाश पांडेय ने छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें बताया कि अलग-अलग परिस्थितियों में उन्हें किस तरह सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने यह भी समझाया कि किन परिस्थितियों में पुलिस की मदद लेना जरूरी है और किन गलतियों से बचना चाहिए।
तीन लोगों को जागरूक करने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम में छात्राओं से एक महत्वपूर्ण अपील की। उनसे कहा गया कि वे कोतवाली में मिली जानकारी को केवल अपने तक सीमित न रखें।
प्रत्येक छात्रा अपने परिवार, गांव या आसपास के कम से कम तीन लोगों को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, नशामुक्ति और यातायात नियमों के बारे में जानकारी देकर जागरूक करे। इस तरह जागरूकता का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
छात्राओं ने नियमित कार्यक्रम कराने की मांग की
कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि
इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए।
छात्राओं का कहना था कि पुलिस अधिकारियों से सीधे बातचीत करने और सवाल पूछने से
उन्हें सुरक्षा तथा कानून से संबंधित कई ऐसी जानकारियां मिलीं, जो उनके लिए बेहद उपयोगी हैं।
गांवों और स्कूलों में भी चलेगा जागरूकता अभियान
प्रभारी निरीक्षक चंद्रप्रकाश पांडेय ने कहा कि पुलिस विभाग की ओर से जागरूकता
अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि
समयानुसार गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
इसके साथ ही विद्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को अपराध से बचाव, साइबर सुरक्षा,
नशामुक्ति, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने भी रखे अपने विचार
कार्यक्रम में निरीक्षक अपराध राजेश कुमार यादव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक
इंद्रजीत कुशवाहा और महिला उपनिरीक्षक प्रियंका मौर्या ने भी छात्राओं को संबोधित किया।
अधिकारियों ने छात्राओं से कहा कि जागरूक नागरिक ही
सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को किसी भी तरह की
समस्या होने पर घबराने के बजाय उचित माध्यम से सहायता लेने की सलाह दी।
जागरूकता से मजबूत होगा सुरक्षित समाज
गोला कोतवाली परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल छात्राओं तक जानकारी पहुंचाने तक
सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें अपने परिवार और समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी भी दी गई।
महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नशे जैसी समस्याओं से निपटने के लिए
पुलिस और समाज के बीच बेहतर संवाद जरूरी है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से
लोगों को कानून और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी आसानी से मिल सकती है।
निष्कर्ष
गोला कोतवाली परिसर में एलपीएम स्कूल की छात्राओं के लिए आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस ने
महिला सुरक्षा से लेकर साइबर अपराध और यातायात नियमों तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी।
छात्राओं को मिशन शक्ति, एंटी रोमियो अभियान और नशामुक्ति के बारे में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में छात्राओं ने खुलकर सवाल पूछे और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम
आयोजित करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने भी गांवों और
विद्यालयों में नियमित जागरूकता अभियान चलाने की बात कही।
इस पहल का उद्देश्य लोगों, खासकर युवाओं और छात्राओं को जागरूक बनाकर अपराध की रोकथाम में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
FAQ: गोला कोतवाली जागरूकता कार्यक्रम
1. गोला कोतवाली में जागरूकता कार्यक्रम क्यों आयोजित किया गया?
छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, नशामुक्ति, एंटी रोमियो अभियान और
यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
2. कार्यक्रम में किन छात्राओं ने हिस्सा लिया?
एलपीएम स्कूल गोला की कक्षा 10वीं और 12वीं की छात्राओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
3. छात्राओं को साइबर अपराध के बारे में क्या बताया गया?
उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने, अनजान लिंक और संदिग्ध कॉल से
सावधान रहने तथा निजी और संवेदनशील जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई।
4. मिशन शक्ति के तहत क्या जानकारी दी गई?
छात्राओं को महिला सुरक्षा, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और
परेशानी की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता लेने की जानकारी दी गई।
5. क्या नशामुक्ति के बारे में भी जागरूक किया गया?
हां, छात्राओं को नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया और
नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
6. क्या यातायात नियमों की जानकारी भी दी गई?
हां। छात्राओं को सड़क सुरक्षा, हेलमेट, यातायात संकेतों और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने के बारे में जानकारी दी गई।
7. पुलिस आगे भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करेगी?
प्रभारी निरीक्षक के अनुसार गांवों में चौपाल और विद्यालयों में जागरूकता
कार्यक्रम आयोजित करने का अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।
8. कार्यक्रम में छात्राओं ने क्या मांग की?
छात्राओं ने भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की मांग की।
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