गोरखपुर। नेपाल में फ्लैश फ्लड के कारण हुई भारी तबाही के बाद गंडक नदी में पानी का दबाव बढ़ने की आशंका ने गोरखपुर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जिलाधिकारी दीपक मीणा ने स्पष्ट किया है कि गोरखपुर में फिलहाल बाढ़ या खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद नदी के जलप्रवाह में संभावित बदलाव को देखते हुए प्रशासन एहतियात बरत रहा है। खासकर नदी किनारे और पहले बाढ़ से प्रभावित रहे इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
*नेपाल की फ्लैश फ्लड का गंडक नदी पर पड़ सकता है असर
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण कई इलाकों में भारी नुकसान की सूचना है। बड़ी मात्रा में पानी जमा होने के कारण इसका असर गंडक नदी के जलप्रवाह पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर प्रशासन नदी के जलस्तर और संभावित बदलाव पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना है कि नेपाल से आने वाले अतिरिक्त पानी का असर जिले के निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों पर न पड़े। जलस्तर में किसी भी तरह की तेजी आने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाने की तैयारी रखी जा रही है।
राप्ती नदी का जलस्तर फिलहाल काफी नीचे
जिलाधिकारी दीपक मीणा के अनुसार, गोरखपुर में राप्ती नदी का जलस्तर फिलहाल काफी नीचे है। वहीं, घाघरा नदी में भी पानी लगातार कम हो रहा है। ऐसे में जिले में वर्तमान समय में किसी गंभीर बाढ़ की स्थिति नहीं है।
प्रशासन का कहना है कि नेपाल में हुई फ्लैश फ्लड को देखते हुए सतर्कता जरूरी है, लेकिन मौजूदा जलस्तर को देखते हुए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन संभावित परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रहा है।
बड़हलगंज के छह गांव पहले हुए थे प्रभावित
प्रशासन के मुताबिक, बड़हलगंज क्षेत्र के छह गांव पहले बाढ़ से प्रभावित हुए थे। इन क्षेत्रों में स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
इसके अलावा खजनी क्षेत्र का एक गांव भी पूर्व में बाढ़ की चपेट में आया था। ऐसे प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर प्रशासन की ओर से निगरानी जारी है।
गंडक के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक नदी में संभावित दबाव को देखते हुए प्रशासन जलप्रवाह की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी जुटाने और किसी भी बदलाव की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल संभावित स्थिति के लिए पहले से तैयारी रखना है, ताकि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते कार्रवाई की जा सके।
राप्ती और घाघरा से फिलहाल राहत
गोरखपुर के लिए राहत की बात यह है कि फिलहाल राप्ती और घाघरा नदियों की स्थिति चिंताजनक नहीं बताई गई है। राप्ती का जलस्तर काफी नीचे होने और घाघरा में पानी कम होने से जिले में तत्काल व्यापक बाढ़ का खतरा नहीं बताया गया है।
हालांकि, नदियों के जलस्तर में बदलाव मौसम और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी पर निर्भर करता है। इसलिए प्रशासन की ओर से निगरानी जारी रखना महत्वपूर्ण है।
किन इलाकों पर विशेष नजर?
गंडक में पानी का दबाव बढ़ने की आशंका के बीच नदी के आसपास के
निचले इलाकों और पहले बाढ़ से प्रभावित गांवों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
बड़हलगंज और खजनी क्षेत्र में पहले बाढ़ की स्थिति सामने आने के कारण
इन इलाकों की स्थिति पर नजर रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। किसी भी तरह के जलस्तर परिवर्तन की
जानकारी मिलने पर स्थानीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील
फिलहाल प्रशासन ने लोगों को घबराने की जरूरत नहीं बताई है।
हालांकि नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और बाढ़ या नदी के
जलस्तर से संबंधित जानकारी के लिए प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्राथमिकता दें।
नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव दिखाई देने पर स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी देना भी जरूरी है।
प्रशासन की तैयारियां जारी
नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद गंडक में संभावित पानी के दबाव को देखते हुए
प्रशासन की ओर से निगरानी व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे से पहले स्थिति का आकलन करना और
जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की व्यवस्था सक्रिय करना है।
फिलहाल गोरखपुर में खतरे जैसी स्थिति नहीं
जिलाधिकारी दीपक मीणा के बयान के अनुसार, फिलहाल गोरखपुर में बाढ़ या खतरे
जैसी कोई स्थिति नहीं है। राप्ती नदी का जलस्तर नीचे है और घाघरा में भी पानी कम हो रहा है।
ऐसे में वर्तमान स्थिति राहत देने वाली है। लेकिन नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद
गंडक नदी में संभावित बदलाव को देखते हुए प्रशासन एहतियात के तौर पर पूरी तरह अलर्ट है।
निष्कर्ष
नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद गंडक नदी में पानी का दबाव बढ़ने की
आशंका के चलते गोरखपुर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि जिले में
फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। जिलाधिकारी दीपक मीणा के
अनुसार राप्ती नदी का जलस्तर काफी नीचे है, जबकि घाघरा नदी में भी पानी कम हो रहा है।
बड़हलगंज के छह और खजनी क्षेत्र के एक गांव में पहले बाढ़ की स्थिति को देखते हुए
संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है,
लेकिन प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए सतर्क रहना जरूरी है।
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