धुरियापार में हर्षोल्लास से मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी, निकला भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर: जिले के धुरियापार क्षेत्र में बुधवार को जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश के अवसर पर क्षेत्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत कंजुल उलूम, धुरियापार के प्रांगण से भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया।

जुलूस में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। जुलूस विभिन्न गांवों और प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा और अंत में वापस मदरसा परिसर पहुंचकर संपन्न हुआ।

मदरसा परिसर से शुरू हुआ जुलूस

ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित जुलूस की शुरुआत मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत कंजुल उलूम, धुरियापार के परिसर से हुई। यहां से जुलूस में शामिल लोग पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की प्रशंसा में नारे लगाते हुए आगे बढ़े।

जुलूस का मार्ग पहले धुरियापार से शुरू होकर रसूलपुर माफी, सिधवाना, राउतपार और शाहपुर होते हुए धुरियापार पुल तिराहे तक पहुंचा। इसके बाद जुलूस ने क्षेत्र के अन्य गांवों की ओर रुख किया।

कई गांवों से होकर गुजरा जुलूस-ए-मोहम्मदी

धुरियापार पुल तिराहे से जुलूस आगे बढ़ते हुए समदपुर, पहाड़पुर, मुबारकपुर और हमीदपुर पहुंचा। इसके बाद जुलूस रौजा दरगाह से होते हुए देवराजपार और मरवटिया क्षेत्र से गुजरा।

विभिन्न गांवों से गुजरते समय स्थानीय लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। धार्मिक आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। जुलूस में शामिल लोगों ने पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाओं और आदर्शों को याद किया।

कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए पानी और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की।

पैगंबर मोहम्मद साहब के आदर्शों को किया याद

जुलूस के समापन के बाद मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत कंजुल उलूम परिसर में लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनके बताए आदर्शों को याद किया।

इस दौरान वक्ताओं ने लोगों से आपसी भाईचारा, शांति, सद्भाव और जरूरतमंदों की मदद करने की भावना को मजबूत करने की अपील की। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश देने पर भी जोर दिया गया।

मुफ्ती शरीफुल हसन और हाजी रसिक खान ने किया नेतृत्व

जुलूस-ए-मोहम्मदी का नेतृत्व मुफ्ती शरीफुल हसन और आईमा अध्यक्ष हाजी रसिक खान ने किया। उनके नेतृत्व में जुलूस निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा।

कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा।

बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

जुलूस में धुरियापार के प्रधान प्रतिनिधि रिंटू शाही, मोहन गुप्ता, हकीमुल्लाह खान, डॉक्टर मोहम्मद सईद, पप्पू, महताब, लवी, मास्टर सुभानल्लाह, मास्टर हामिद हाफिज, शहाबुद्दीन, फरमान अली, शाह मोहम्मद, बाबू भाई, शान मोहम्मद, इस मोहम्मद, असलम और काजू सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

आयोजकों के अनुसार जुलूस में क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से भी लोग पहुंचे।

सभी ने धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।

पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट

ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकलने वाले जुलूस को देखते हुए स्थानीय

पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। थाना उरुवा पुलिस की ओर से

सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।

जुलूस के मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रही और पुलिस टीम ने पूरे कार्यक्रम के

दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी। पुलिस की चाक-चौबंद

व्यवस्था के बीच जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से अपने निर्धारित मार्ग से गुजरा।

शांति और भाईचारे का दिया संदेश

ईद मिलादुन्नबी के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक उत्साह के साथ सामाजिक

सौहार्द का संदेश भी देखने को मिला। जुलूस में शामिल लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में भाग लिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन क्षेत्र में

आपसी भाईचारे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।

धुरियापार में दिखा उत्साह

ईद मिलादुन्नबी को लेकर धुरियापार और आसपास के गांवों में पहले से ही तैयारियां की गई थीं।

मदरसा परिसर से जुलूस शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने से क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

जुलूस के दौरान धार्मिक नारों और पैगंबर मोहम्मद साहब की प्रशंसा से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। निर्धारित मार्ग

पूरा करने के बाद जुलूस वापस मदरसा परिसर पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन किया गया।

निष्कर्ष

गोरखपुर के धुरियापार क्षेत्र में ईद मिलादुन्नबी का पर्व धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और

भाईचारे के साथ मनाया गया। मदरसा दारुल उलूम अहले

सुन्नत कंजुल उलूम से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी क्षेत्र के कई गांवों से होकर गुजरा।

कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और पैगंबर मोहम्मद साहब के आदर्शों को याद किया।

वहीं थाना उरुवा पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

FAQ: धुरियापार ईद मिलादुन्नबी जुलूस

1. धुरियापार में ईद मिलादुन्नबी का जुलूस कहां से निकला?

जुलूस की शुरुआत मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत कंजुल उलूम, धुरियापार के परिसर से हुई।

2. जुलूस किन क्षेत्रों से होकर गुजरा?

जुलूस धुरियापार, रसूलपुर माफी, सिधवाना, राउतपार, शाहपुर, समदपुर, पहाड़पुर,

मुबारकपुर, हमीदपुर, रौजा दरगाह, देवराजपार और मरवटिया सहित कई क्षेत्रों से होकर गुजरा।

3. जुलूस का नेतृत्व किसने किया?

जुलूस का नेतृत्व मुफ्ती शरीफुल हसन और आईमा अध्यक्ष हाजी रसिक खान ने किया।

4. कार्यक्रम में कितने लोग शामिल हुए?

आयोजकों के अनुसार जुलूस में सैकड़ों स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।

5. सुरक्षा व्यवस्था कैसी रही?

जुलूस को देखते हुए थाना उरुवा पुलिस की ओर से चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

पुलिसकर्मी पूरे मार्ग पर निगरानी रखते रहे।

6. जुलूस का समापन कहां हुआ?

विभिन्न गांवों से होते हुए जुलूस वापस मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत कंजुल उलूम,

धुरियापार परिसर पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।

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