Operation Sindoor Kirana Hills: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के किराना हिल्स को लेकर लंबे समय से चल रहे सवालों पर अब पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने किराना हिल्स को किसी निर्धारित लक्ष्य के तौर पर निशाना नहीं बनाया था। हालांकि, उनके मुताबिक Sargodha के आसपास पाकिस्तानी रडार की तलाश में भेजी गई एक भारतीय loitering munition संभवतः अपना निर्धारित लक्ष्य नहीं ढूंढ पाई और बाद में किराना हिल्स क्षेत्र में जाकर गिर गई।
जनरल अनिल चौहान ने यह जानकारी 25 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के कार्यक्रम में दी। उनके बयान के बाद ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े इस बेहद संवेदनशील घटनाक्रम को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
किराना हिल्स को लेकर क्या बोले जनरल अनिल चौहान?
पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने Sargodha के आसपास पाकिस्तानी रडारों की तलाश के लिए कई loitering munitions भेजी थीं। किराना हिल्स Sargodha से करीब 10 किलोमीटर उत्तर में स्थित क्षेत्र है।
उनके मुताबिक ऐसी munition को लक्ष्य की तलाश के लिए एक निश्चित समय तक क्षेत्र में घूमने की क्षमता होती है। यदि उसे निर्धारित समय में लक्ष्य नहीं मिलता है, तो वह नीचे आकर किसी स्थान पर impact कर सकती है। जनरल चौहान ने इसी संभावना के आधार पर कहा कि इनमें से कोई एक munition संभवतः किराना हिल्स की किसी पहाड़ी से टकराई होगी।
क्या भारत ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया था?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत ने पाकिस्तान के कथित परमाणु प्रतिष्ठान को जानबूझकर निशाना बनाया था। जनरल चौहान के बयान के मुताबिक इसका जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा कि किराना हिल्स भारत के घोषित या निर्धारित लक्ष्य में शामिल नहीं था। उनका बयान इस बात पर जोर देता है कि यदि वहां कोई impact हुआ भी था, तो वह एक unintended घटना थी और उसका उद्देश्य पाकिस्तान के परमाणु ढांचे पर हमला करना नहीं था।
इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के तत्कालीन डायरेक्टर जनरल ऑफ एयर ऑपरेशंस एयर मार्शल एके भारती ने भी कहा था कि भारत ने किराना हिल्स को लक्ष्य नहीं बनाया था। जनरल चौहान ने भी उनके उस स्पष्टीकरण को सही बताया।
Sargodha क्यों था महत्वपूर्ण लक्ष्य?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान Sargodha पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों में शामिल था। भारतीय मिशन में पाकिस्तानी रडार और अन्य सैन्य क्षमताओं की पहचान तथा उन्हें निष्क्रिय करने पर विशेष ध्यान दिया गया था।
जनरल चौहान के अनुसार, Sargodha के आसपास मौजूद रडारों की तलाश के लिए loitering munitions भेजी गई थीं। इन हथियारों का उद्देश्य किसी क्षेत्र में कुछ समय तक घूमते हुए निर्धारित लक्ष्य की तलाश करना होता है।
किराना हिल्स Sargodha के काफी नजदीक होने के कारण उस इलाके में चल रहे सैन्य अभियान के दौरान किसी munition के वहां पहुंच जाने की संभावना सामने आई है।
Loitering munition कैसे काम करती है?
Loitering munition को सामान्य भाषा में ऐसे हथियार के रूप में समझा जा सकता है जो किसी संभावित लक्ष्य वाले क्षेत्र में पहुंचकर कुछ समय तक लक्ष्य की तलाश कर सकता है।
जनरल चौहान के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान भेजी गई munition लगभग दो घंटे तक loiter कर सकती थी। यदि उसे उस दौरान निर्धारित रडार या अन्य लक्ष्य नहीं मिलता, तो उसकी उड़ान क्षमता समाप्त होने के बाद वह नीचे आकर impact कर सकती थी।
यही वजह है कि जनरल चौहान ने किराना हिल्स में संभावित impact को एक अनजाने घटनाक्रम के रूप में समझाया।
क्या किराना हिल्स में परमाणु था?
किराना हिल्स को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच सुरक्षा और रणनीतिक चर्चाएं लंबे समय से होती रही हैं। विभिन्न रिपोर्टों में इस क्षेत्र को पाकिस्तान की परमाणु क्षमताओं से जुड़े इलाके के रूप में बताया जाता रहा है।
इसी कारण ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किराना हिल्स में संभावित impact की खबर ने विशेष ध्यान आकर्षित किया था। हालांकि, किसी संवेदनशील सैन्य या परमाणु सुविधा को जानबूझकर निशाना बनाए जाने का दावा जनरल चौहान के ताजा बयान से समर्थित नहीं होता।
ऑपरेशन सिंदूर में भारत की रणनीति क्या थी?
ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान चलाया गया था। भारत ने इसे आतंकवादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई के रूप में पेश किया था। शुरुआती हमलों में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही गई थी।
बाद में संघर्ष के दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़े लक्ष्य भी चर्चा में आए। ताजा खुलासे से यह संकेत मिलता है कि उस दौरान भारतीय सैन्य अभियान में लक्ष्य चयन और मिशन की परिस्थितियां काफी जटिल थीं।
Skardu को लेकर भी जनरल चौहान ने दी जानकारी
किराना हिल्स के अलावा जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान Skardu को लेकर भी अहम जानकारी साझा की। उनके अनुसार भारतीय वायुसेना को Skardu एयरबेस पर हमला करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन वहां खराब मौसम के कारण योजना में बदलाव करना पड़ा।
इसके बाद लक्ष्य को Bholari की ओर बदल दिया गया। इससे पता चलता है कि
ऑपरेशन के दौरान परिस्थितियों के अनुसार भारतीय सैन्य योजना में बदलाव किए गए थे।
किराना हिल्स का मामला फिर क्यों चर्चा में आया?
किराना हिल्स को लेकर सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्र पाकिस्तान की रणनीतिक और
परमाणु क्षमताओं से जुड़े दावों के कारण संवेदनशील माना जाता है। यदि किसी सैन्य अभियान के दौरान यहां
कोई हथियार गिरता है तो स्वाभाविक रूप से इसके रणनीतिक मायने निकाले जाते हैं।
लेकिन जनरल चौहान के बयान ने तस्वीर को अलग तरीके से पेश किया है। उनके अनुसार
किसी munition का वहां पहुंचना एक अनपेक्षित घटना हो सकती है, न कि पहले से तय सैन्य लक्ष्य पर हमला।
इसलिए इस पूरे मामले को जानबूझकर किए गए परमाणु प्रतिष्ठान पर हमले के रूप में
पेश करना जनरल चौहान के बयान से मेल नहीं खाता।
भारत-पाकिस्तान तनाव के लिहाज से क्यों अहम है यह खुलासा?
भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु हथियार संपन्न देश हैं। ऐसे में किसी कथित परमाणु-
संबंधित क्षेत्र पर जानबूझकर हमला होने की बात क्षेत्रीय तनाव को काफी बढ़ा सकती है।
जनरल चौहान की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि
उन्होंने संभावित impact को unintended बताया है। इससे ऑपरेशन सिंदूर के
दौरान लक्ष्य चयन और सैन्य कार्रवाई को लेकर एक नया दृष्टिकोण सामने आता है।
हालांकि, इस तरह के संवेदनशील सैन्य अभियानों से जुड़े कई विवरण
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होते हैं। इसलिए उपलब्ध बयानों और
आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निष्कर्ष निकालना उचित होगा।
निष्कर्ष
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किराना हिल्स में क्या हुआ, इस पर पूर्व CDS जनरल
अनिल चौहान का बयान महत्वपूर्ण जानकारी सामने लाता है।
उनके अनुसार भारत ने किराना हिल्स को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया था।
Sargodha के आसपास पाकिस्तानी रडारों की
तलाश में भेजी गई एक loitering munition संभवतः अपना लक्ष्य नहीं ढूंढ पाई और
उसकी उड़ान क्षमता खत्म होने के बाद किराना हिल्स क्षेत्र में जाकर गिर गई।
इस बयान से इतना स्पष्ट है कि किराना हिल्स को लेकर चल रही चर्चा को सीधे तौर पर
एक सुनियोजित परमाणु प्रतिष्ठान पर हमले के रूप में देखना सही नहीं होगा।
हालांकि घटना से जुड़े सभी तकनीकी और सैन्य विवरण सार्वजनिक नहीं हैं,
इसलिए आगे सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी इस मामले को और स्पष्ट कर सकती है।
FAQ:
1. क्या भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में किराना हिल्स को निशाना बनाया था?
पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान के मुताबिक किराना हिल्स भारत का निर्धारित लक्ष्य नहीं था।
उन्होंने संभावित impact को अनजाने में हुई घटना बताया है।
2. किराना हिल्स में भारतीय munition कैसे पहुंची?
जनरल चौहान के अनुसार Sargodha के आसपास रडार तलाश रही
loitering munition को निर्धारित समय में लक्ष्य नहीं मिला होगा और उसकी
उड़ान क्षमता खत्म होने के बाद वह संभवतः किराना हिल्स क्षेत्र में गिर गई।
3. किराना हिल्स कहां स्थित है?
जनरल चौहान के अनुसार किराना हिल्स Sargodha से लगभग 10 किलोमीटर उत्तर में है।
4. क्या किराना हिल्स पाकिस्तान के परमाणु ढांचे से जुड़ा है?
किराना हिल्स को विभिन्न रिपोर्टों में पाकिस्तान की परमाणु क्षमताओं से जुड़े
संवेदनशील क्षेत्र के रूप में बताया गया है। हालांकि इस तरह की
संवेदनशील सैन्य जानकारी के सभी विवरण सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हैं।
5. ऑपरेशन सिंदूर कब हुआ था?
ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान हुआ था।
भारत ने इसे आतंकवादी ढांचे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया था।
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