देवरिया में स्वागत कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में मारपीट, झंडे के डंडे बने हथियार; वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक कार्यक्रमों में आपसी गुटबाजी और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरी बाजार क्षेत्र के खरोह चौराहे के पास एक स्वागत कार्यक्रम के दौरान भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते मामला बहस से मारपीट तक पहुंच गया और सड़क पर लाठी-डंडे चलने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

स्वागत कार्यक्रम में जुटे थे भाजपा नेता और कार्यकर्ता

जानकारी के मुताबिक, भाजपा के सोशल मीडिया विभाग के राष्ट्रीय सह-संयोजक शिवानंद द्विवेदी के देवरिया आगमन को लेकर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के लिए जिले की सीमा के पास खरोह चौराहे पर स्थानीय नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे थे। इसी दौरान वहां मौजूद सलेमपुर क्षेत्र से जुड़े कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।

शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। माहौल कुछ ही देर में इतना गर्म हो गया कि विवाद हाथापाई में बदल गया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला करते नजर आए।

बहस के बाद अचानक शुरू हो गई मारपीट

घटना के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, भीड़ के बीच किसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

बताया जा रहा है कि बहस बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एक-दूसरे से भिड़ गए। मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर तक सड़क पर अफरातफरी का माहौल बना रहा।

झंडे के डंडे बने मारपीट का हथियार

वायरल वीडियो में घटना की गंभीरता दिखाई दे रही है। वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोग पार्टी के झंडे लगे डंडों से एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं। वाहनों के बीच लोगों को दौड़ाकर मारने की तस्वीरें भी वीडियो में दिखाई देती हैं।

राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान इस तरह की घटना सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि जिन डंडों पर पार्टी के झंडे लगाए गए थे, उन्हीं का इस्तेमाल कथित तौर पर मारपीट के दौरान किया गया।

हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच या पुलिस की पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है।

सड़क पर मची अफरातफरी

घटना के दौरान सड़क पर मौजूद वाहनों और लोगों के बीच काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। वीडियो में मारपीट के दौरान लोगों के इधर-उधर भागने का दृश्य भी नजर आता है।

ऐसे सार्वजनिक स्थान पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक विवाद होने से आसपास के लोगों में भी अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। घटना के बाद मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

पुलिस को मामले की जानकारी, अभी तहरीर नहीं

घटना के बाद पुलिस को पूरे मामले की जानकारी है। क्षेत्रीय थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय के अनुसार, पुलिस को घटना की जानकारी मिली है, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में औपचारिक शिकायत या तहरीर नहीं दी गई थी। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस स्थिति में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मारपीट में कितने लोग शामिल थे और किसी व्यक्ति को गंभीर चोट आई है या नहीं। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जा सकती है।

घटना ने खड़े किए अनुशासन पर सवाल

राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक जुटते हैं। ऐसे आयोजनों में आपसी मतभेद या विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाना अपेक्षित होता है। लेकिन देवरिया में सामने आया यह घटनाक्रम राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच अनुशासन बनाए रखने की चुनौती को सामने लाता है।

अगर किसी राजनीतिक कार्यक्रम में मामूली कहासुनी भी हिंसक झड़प में बदल जाए, तो इससे न केवल कार्यक्रम प्रभावित होता है बल्कि आम लोगों के बीच भी गलत संदेश जाता है। ऐसे मामलों में संगठनात्मक स्तर पर विवाद के कारणों की समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठ सकती है।

वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला

तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में दिखाई देने वाली

कथित मारपीट ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल

किसी भी वीडियो की सत्यता और संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी होती है।

इस मामले में भी उपलब्ध जानकारी के अनुसार वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसलिए सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को आधिकारिक पुलिस जांच से अलग समझना जरूरी है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल पुलिस के अनुसार किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

यदि किसी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है तो पुलिस घटना में शामिल लोगों की पहचान, वीडियो और

अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा सकती है।

जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हो सकता है कि विवाद

किस वजह से शुरू हुआ था और मारपीट में कौन-कौन

लोग शामिल थे। फिलहाल घटना को लेकर आधिकारिक तौर पर सामने आई जानकारी सीमित है।

निष्कर्ष

देवरिया के गौरी बाजार क्षेत्र में स्वागत कार्यक्रम के दौरान भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं के

दो गुटों के बीच हुई कथित मारपीट ने राजनीतिक कार्यक्रमों में अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विवाद के बाद झंडे लगे डंडों से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

पुलिस को घटना की जानकारी है, लेकिन फिलहाल किसी पक्ष की ओर से

औपचारिक तहरीर दर्ज नहीं कराई गई है। ऐसे में मामले की वास्तविक वजह और

आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर तस्वीर शिकायत दर्ज होने और

पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।यो, यूपी न्यूज, उत्तर प्रदेश समाचार, गौरी बाजार, देवरिया खबर,

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FAQ

1. देवरिया में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद कहां हुआ?

यह घटना देवरिया जिले के गौरी बाजार क्षेत्र में खरोह चौराहे के पास हुई बताई गई है।

2. विवाद किस दौरान हुआ?

विवाद एक स्वागत कार्यक्रम के दौरान हुआ, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

3. क्या मारपीट का वीडियो वायरल हुआ है?

हां, घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

4. वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?

वायरल वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोगों को झंडे लगे डंडों से

एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाया गया है।

5. पुलिस ने मामले में क्या कहा?

पुलिस के अनुसार घटना की जानकारी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक

किसी पक्ष की ओर से औपचारिक तहरीर दर्ज नहीं कराई गई थी।

6. क्या मामले में मुकदमा दर्ज हो गया है?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार उस समय तक किसी पक्ष की ओर से

औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की बात कही है।

7. विवाद की वजह क्या थी?

विवाद की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार

किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई, जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया।

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