CAG रिपोर्ट: गोरखपुर जंक्शन ने बनाया रिकॉर्ड, देश के 28 बड़े स्टेशनों में इकलौता पास

Gorakhpur News: यात्री सुविधाओं की जांच में गोरखपुर जंक्शन को मिली बड़ी उपलब्धि

गोरखपुर। गोरखपुर के लोगों के लिए रेलवे से जुड़ी एक बड़ी और गर्व की खबर सामने आई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की रिपोर्ट में गोरखपुर जंक्शन ने देश के बड़े रेलवे स्टेशनों के बीच शानदार प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के मुताबिक NSG-1 श्रेणी के 28 बड़े रेलवे स्टेशनों में गोरखपुर जंक्शन ऐसा इकलौता स्टेशन रहा, जहां जांच किए गए यात्री सुविधा मानकों में कोई कमी नहीं मिली।

यह CAG रिपोर्ट 12 अगस्त 2026 को संसद में पेश की गई थी और इसमें वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के लिए धन के आवंटन, इस्तेमाल और निर्धारित मानकों के अनुपालन की समीक्षा की गई है।

28 बड़े स्टेशनों में गोरखपुर जंक्शन का शानदार प्रदर्शन

CAG की ऑडिट रिपोर्ट में देश के NSG-1 श्रेणी के 28 प्रमुख रेलवे स्टेशनों को शामिल किया गया। इन स्टेशनों पर यात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न सुविधाओं की जांच की गई।

रिपोर्ट के अनुसार कई बड़े स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं से संबंधित कमियां सामने आईं, लेकिन गोरखपुर जंक्शन जांच में निर्धारित मानकों पर खरा उतरा। इसी वजह से गोरखपुर जंक्शन ने देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के बीच अलग पहचान बनाई है।

किन सुविधाओं की हुई जांच?

CAG की टीम ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए उपलब्ध कई मूलभूत सुविधाओं को जांच के दायरे में रखा। इनमें मुख्य रूप से:

  • पीने के पानी की व्यवस्था,
  • वेटिंग हॉल,
  • यात्रियों के बैठने की व्यवस्था,
  • प्लेटफॉर्म शेल्टर,
  • यूरिनल,
  • शौचालय,
  • ऊंचे प्लेटफॉर्म,
  • पंखे,
  • फुट ओवरब्रिज,
  • कूड़ेदान,
  • घड़ियां,
  • पब्लिक एड्रेस सिस्टम,

जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल थे। गोरखपुर जंक्शन पर इन सुविधाओं के संबंध में जांच में कोई कमी नहीं पाई गई।

दूसरे बड़े स्टेशनों पर मिलीं कई कमियां

CAG की रिपोर्ट में देश के अन्य NSG-1 स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं से संबंधित कमियां भी सामने आईं। कुछ स्टेशनों पर पीने के पानी की व्यवस्था में कमी मिली, जबकि कुछ जगहों पर पंखे और वाटर कूलर पर्याप्त नहीं पाए गए।

इसके अलावा कुछ स्टेशनों पर संकेतक व्यवस्था, बैठने की सुविधा, प्लेटफॉर्म शेल्टर और अन्य यात्री सुविधाओं से संबंधित कमियां भी दर्ज की गईं।

ऐसे में गोरखपुर जंक्शन का निर्धारित मानकों पर खरा उतरना स्थानीय यात्रियों और पूर्वोत्तर रेलवे के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

गोरखपुर जंक्शन को NSG-1 श्रेणी क्यों मिली?

भारतीय रेलवे में स्टेशनों को उनकी आय और यात्रियों की संख्या सहित कई मानकों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है। NSG-1 रेलवे स्टेशनों की उच्च श्रेणी में शामिल है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस श्रेणी में ऐसे बड़े और महत्वपूर्ण स्टेशन आते हैं, जहां सालाना आय 500 करोड़ रुपये से अधिक और यात्रियों की संख्या दो करोड़ से ज्यादा होती है।

पूर्वोत्तर रेलवे के कई स्टेशन भी मानकों पर खरे

CAG की रिपोर्ट में पूर्वोत्तर रेलवे के कुल 32 स्टेशनों से रैंडम सैंपल लिए गए थे। इनमें आठ स्टेशनों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप यात्री सुविधाएं पाई गईं।

इनमें गोरखपुर जंक्शन के अलावा बनारस, सारनाथ, दुल्लहपुर, मथुरा कैंट, नकहा जंगल और रोशनपुर समेत अन्य स्टेशन शामिल बताए गए हैं। वहीं 24 स्टेशनों पर अलग-अलग तरह की कमियां सामने आईं।

रेलवे अधिकारियों ने उपलब्धि पर क्या कहा?

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार के अनुसार NSG-1 श्रेणी में गोरखपुर जंक्शन का मानकों पर खरा उतरना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जिन स्टेशनों पर कमियां सामने आई हैं, वहां रेलवे बोर्ड के मानकों के अनुसार सुधार कराया जाएगा और CAG की रिपोर्ट में दिए गए सुझावों के अनुपालन को सुनिश्चित किया जाएगा।

यात्रियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह रिपोर्ट?

रेलवे स्टेशन किसी भी शहर की परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। गोरखपुर जंक्शन पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेलवे केंद्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में यात्री प्रतिदिन आते-जाते हैं।

ऐसे में पानी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, प्लेटफॉर्म शेल्टर, फुट ओवरब्रिज और सूचना प्रणाली जैसी सुविधाओं का बेहतर होना यात्रियों के लिए सीधे तौर पर उपयोगी है।

CAG की रिपोर्ट में गोरखपुर जंक्शन को लेकर सामने आया यह प्रदर्शन रेलवे प्रशासन की यात्री सुविधाओं पर लगातार ध्यान देने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।

गोरखपुर के लिए गर्व की खबर

गोरखपुर जंक्शन की यह उपलब्धि शहर के लिए भी खास है। देश के बड़े NSG-1 स्टेशनों की ऑडिट जांच में जहां कई स्टेशनों पर कमियां सामने आईं, वहीं गोरखपुर जंक्शन को निर्धारित यात्री सुविधा मानकों पर बेहतर पाया गया।

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गोरखपुर जंक्शन पूर्वोत्तर रेलवे के लिए

एक प्रमुख केंद्र है और यहां से देश के कई महत्वपूर्ण शहरों के लिए ट्रेन सेवाएं संचालित होती हैं।

रेलवे से जुड़ी हर बड़ी खबर और गोरखपुर की ताजा अपडेट के लिए Fisherman World News को

Follow और Subscribe करें। खबर पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें।

Fisherman World News का Bell Icon जरूर दबाएं और Notifications में “All” विकल्प चुनें,

ताकि गोरखपुर, उत्तर प्रदेश और देश की महत्वपूर्ण खबरों की अपडेट आप तक समय पर पहुंचती रहे

FAQ

1. CAG रिपोर्ट में गोरखपुर जंक्शन को लेकर क्या सामने आया?

CAG की रिपोर्ट के अनुसार NSG-1 श्रेणी के 28 बड़े रेलवे स्टेशनों में गोरखपुर

जंक्शन ऐसा इकलौता स्टेशन रहा, जहां जांचे गए यात्री सुविधा मानकों में कोई कमी नहीं मिली।

2. CAG रिपोर्ट कब संसद में पेश हुई?

यह रिपोर्ट 12 अगस्त 2026 को संसद में पेश की गई थी।

3. गोरखपुर जंक्शन पर किन सुविधाओं की जांच हुई?

पीने का पानी, वेटिंग हॉल, बैठने की व्यवस्था, प्लेटफॉर्म शेल्टर, शौचालय, यूरिनल,

पंखे, फुट ओवरब्रिज, कूड़ेदान, घड़ी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम जैसी सुविधाओं की जांच की गई।

4. NSG-1 स्टेशन क्या होता है?

NSG-1 भारतीय रेलवे की प्रमुख स्टेशन श्रेणियों में से एक है।

इसमें बहुत अधिक यात्री आवागमन और उच्च सालाना आय वाले बड़े स्टेशन शामिल होते हैं।

5. क्या दूसरे बड़े रेलवे स्टेशनों पर भी कमियां मिलीं?

हां। CAG की जांच में कई स्टेशनों पर पेयजल, पंखे, वाटर कूलर,

संकेतक और अन्य यात्री सुविधाओं से संबंधित कमियां सामने आईं।

6. पूर्वोत्तर रेलवे के कितने स्टेशनों की जांच हुई?

रिपोर्ट के अनुसार पूर्वोत्तर रेलवे के 32 स्टेशनों से रैंडम सैंपल लिए गए थे।

इनमें आठ स्टेशनों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं मिलीं।

7. क्या गोरखपुर जंक्शन की सभी सुविधाएं बेहतर मिलीं?

CAG की रिपोर्ट में जांचे गए 12 प्रमुख यात्री सुविधा बिंदुओं में गोरखपुर जंक्शन पर कोई कमी नहीं पाई गई।

8. गोरखपुर जंक्शन की यह उपलब्धि क्यों महत्वपूर्ण है?

गोरखपुर जंक्शन देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है। ऐसे में बड़े पैमाने की

ऑडिट जांच में यात्री सुविधाओं का मानकों के अनुरूप पाया जाना

स्टेशन और रेलवे प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

9. CAG रिपोर्ट किस अवधि से संबंधित है?

रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की पांच वर्ष की अवधि के दौरान

रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और संबंधित फंड के आवंटन व उपयोग की समीक्षा की गई है।

10. गोरखपुर जंक्शन से जुड़ी ताजा खबर कहां पढ़ें?

गोरखपुर और पूर्वोत्तर रेलवे से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Fisherman World News को

Follow और Subscribe करें तथा Bell Icon दबाकर “All” चुनें

read this post :Myanmar Airstrike: बौद्ध मठ में चल रहे मेडिटेशन कैंप पर हवाई हमला, 14 लोगों की मौत से मचा हड़कंप