लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े बताए जा रहे शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को और सख्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क से जुड़े सदस्यों को आतंकी घोषित करने की सिफारिश की है। यह कदम स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में हुई सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई के बाद सामने आया है।
सरकारी जानकारी के अनुसार 12 अगस्त को देश के 14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई की गई थी। इस अभियान में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में अब तक 80 से अधिक FIR और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां दर्ज की गई हैं।
शहजाद भट्टी नेटवर्क पर यूपी पुलिस का बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से गृह मंत्रालय को भेजी गई सिफारिश को नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को अगले स्तर पर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है। पुलिस का आरोप है कि शहजाद भट्टी नेटवर्क सीमा पार से संचालित गतिविधियों से जुड़ा हुआ है और इसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े बताए गए हैं।
हालांकि, किसी व्यक्ति या नेटवर्क को कानूनी रूप से आतंकी घोषित करने की अंतिम प्रक्रिया संबंधित केंद्रीय कानूनों और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अनुसार होगी। इसलिए फिलहाल इसे यूपी पुलिस की सिफारिश के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
स्वतंत्रता दिवस से पहले हुई थी बड़ी कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों ने 12 अगस्त को शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ बहु-राज्यीय अभियान चलाया था। इस कार्रवाई में राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग का इस्तेमाल किया गया।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 14 राज्यों में कुल 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें उत्तर प्रदेश से 62, हरियाणा से 52, दिल्ली से 51 और पंजाब से 44 लोग शामिल थे। राजस्थान से 15, महाराष्ट्र से 8 और उत्तराखंड से 5 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा कर्नाटक, गुजरात और बिहार में तीन-तीन तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में दो-दो लोगों को हिरासत में लिया गया था।
अब तक 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां
गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से अधिक FIR और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA, भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
यूपी पुलिस की नई सिफारिश इसी व्यापक कार्रवाई के बीच सामने आई है।
यूपी में सबसे ज्यादा लोगों पर कार्रवाई
12 अगस्त के अभियान में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 62 लोगों को हिरासत में लिया गया था। यह संख्या अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा बताई गई है।
पुलिस की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नेटवर्क के संपर्क में कौन-कौन लोग थे, उनकी भूमिका क्या थी और उन्हें किस प्रकार की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
जांच एजेंसियां नेटवर्क के कथित स्थानीय संपर्कों और उनके वित्तीय तथा डिजिटल कनेक्शन को भी खंगाल रही हैं।
IED, ग्रेनेड और हथियार बरामद होने का दावा
केंद्र सरकार की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे बरामद किए।
सरकारी एजेंसियों के अनुसार ये बरामदगी नेटवर्क के कथित सीमा पार संपर्कों की ओर संकेत करती है। इसी आधार पर नेटवर्क की गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना जा रहा है।
रेकी और निगरानी का भी आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े लोग स्थानीय संपर्कों के माध्यम से पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रेकी कराते थे।
इसके अलावा कुछ स्थानों पर निगरानी के उद्देश्य से CCTV कैमरे लगाए जाने की बात भी सरकारी रिपोर्ट में कही गई है।
यदि जांच में ये आरोप और मजबूत होते हैं तो नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।
युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए जोड़ने का आरोप
शहजाद भट्टी नेटवर्क की जांच में सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार नेटवर्क के लोग युवाओं को प्रभावित करने और उन्हें अपने संपर्क में लाने की कोशिश कर रहे थे।
इस पहलू की जांच सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऑनलाइन माध्यमों के जरिए किसी नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जा सकता है।
आतंकी घोषित करने की सिफारिश का क्या मतलब है?
यूपी पुलिस की ओर से गृह मंत्रालय को की गई सिफारिश का मतलब यह है कि पुलिस नेटवर्क और उसके सदस्यों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर और कठोर कानूनी कार्रवाई चाहती है।
किसी संगठन या व्यक्ति को आतंकी घोषित करना केवल पुलिस की सिफारिश से स्वतः प्रभावी नहीं हो जाता।
इसके लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया और केंद्र सरकार के स्तर पर निर्णय आवश्यक होता है।
इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि शहजाद भट्टी या
उसके नेटवर्क के सभी सदस्य कानूनी रूप से आतंकी घोषित हो चुके हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी सतर्कता
स्वतंत्रता दिवस से पहले हुई कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई है।
केंद्र सरकार ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रखने की बात कही है।
देशभर में अलग-अलग राज्यों की पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों, हथियारों की तस्करी,
ऑनलाइन नेटवर्क और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पर नजर रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
शहजाद भट्टी कौन है?
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार शहजाद भट्टी को पाकिस्तान आधारित
नेटवर्क का प्रमुख संचालक बताया गया है। सरकारी रिपोर्ट में उसके नेटवर्क को
ISI समर्थित आतंकी सिंडिकेट के रूप में वर्णित किया गया है। इस नेटवर्क पर भारत में ग्रेनेड,
IED और पेट्रोल बम हमलों तथा लक्षित हत्याओं से जुड़े होने के आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, इन आरोपों से जुड़े मामलों में अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।
आगे क्या होगा?
अब यूपी पुलिस की सिफारिश पर गृह मंत्रालय के स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।
साथ ही सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित ठिकानों की तलाश जारी रख सकती हैं।
जांच में बरामद डिजिटल उपकरण, हथियार, दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से
जुड़े रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं। इनकी जांच से नेटवर्क की संरचना और
उसके कथित संपर्कों को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई अब एक नए चरण में पहुंच गई है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में हुई कार्रवाई में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया और
200 से ज्यादा गिरफ्तारियों की जानकारी सामने आई। अब उत्तर प्रदेश पुलिस ने शहजाद भट्टी और
उसके नेटवर्क से जुड़े सदस्यों को आतंकी घोषित करने के लिए गृह मंत्रालय से सिफारिश की है।
IED, ग्रेनेड, हथियार और कथित जासूसी उपकरणों की बरामदगी के बाद
सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानकर जांच आगे बढ़ा रही हैं।
अब सबसे महत्वपूर्ण नजर गृह मंत्रालय के अगले कदम और जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों पर रहेगी।
FAQ
1. शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर यूपी पुलिस ने क्या सिफारिश की है?
यूपी पुलिस ने गृह मंत्रालय से शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क से
जुड़े सदस्यों को आतंकी घोषित करने की सिफारिश की है।
2. क्या शहजाद भट्टी को अभी आतंकी घोषित कर दिया गया है?
अभी इसे यूपी पुलिस की सिफारिश के रूप में देखा जाना चाहिए।
अंतिम कानूनी निर्णय सक्षम केंद्रीय प्राधिकारी की प्रक्रिया के बाद होगा।
3. शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कितने राज्यों में कार्रवाई हुई?
12 अगस्त को 14 राज्यों में समन्वित कार्रवाई की गई थी।
4. इस कार्रवाई में कितने लोग हिरासत में लिए गए?
सरकारी जानकारी के अनुसार 253 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
5. अब तक कितने मामले दर्ज हुए हैं?
सरकारी जानकारी के अनुसार नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से अधिक
FIR दर्ज की गई हैं और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं।
6. यूपी में कितने लोगों पर कार्रवाई हुई?
12 अगस्त की कार्रवाई में उत्तर प्रदेश से 62 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है।
7. शहजाद भट्टी नेटवर्क से क्या बरामद होने का दावा किया गया है?
सरकारी जानकारी के अनुसार IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड,
पिस्तौल, जिंदा कारतूस और निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे बरामद किए गए।
8. नेटवर्क पर किस तरह की गतिविधियों के आरोप हैं?
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार नेटवर्क पर ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों,
लक्षित हत्याओं तथा पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी जैसे गंभीर आरोप हैं।
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