Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के सहारनपुर देहात से विधायक आशु मलिक के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बैठक में जिले के विकास कार्यों और जनसमस्याओं की समीक्षा चल रही थी। इसी दौरान सड़क और नाली निर्माण से जुड़े एक मुद्दे पर दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि बैठक का माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सड़क और नाली निर्माण के मुद्दे से शुरू हुआ विवाद
दिशा की बैठक में सहारनपुर देहात विधायक आशु मलिक ने बेहड़ा संदल गांव में सड़क और नाली निर्माण से जुड़ी समस्या को उठाया। विधायक के अनुसार गांव में करीब चार साल पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन सड़क के साथ नाली का काम अधूरा छोड़ दिया गया। इसके कारण पानी कब्रिस्तान और खेतों की ओर जाने की समस्या पैदा हो रही है।
आशु मलिक ने बैठक में संबंधित अधिकारी से इस समस्या के समाधान को लेकर जानकारी मांगी और नाली का निर्माण पूरा कराने की मांग रखी। अधिकारी की ओर से बताया गया कि संबंधित नाला प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत नहीं आता।
अधिकारी के जवाब पर विधायक ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पहले भी बैठक में उठाया जा चुका है और उस समय भी उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिली थी। इसके बाद बातचीत ने राजनीतिक और व्यक्तिगत तल्खी का रूप ले लिया।
इमरान मसूद और आशु मलिक में आमने-सामने बहस
मामले को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा विधायक आशु मलिक के बीच तीखी बातचीत शुरू हो गई। इमरान मसूद ने बैठक में नियमों का पालन करने और अपनी बात निर्धारित प्रक्रिया के तहत रखने पर जोर दिया। वहीं आशु मलिक का कहना था कि वह जनता की समस्या लेकर बैठक में आए हैं और अधिकारी के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।
बहस के दौरान दोनों नेताओं के तेवर काफी तीखे दिखाई दिए। मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने हुई इस नोकझोंक से बैठक का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
‘चाय पकौड़ी खाने नहीं आए’ पर बढ़ी गर्मी
बहस के दौरान आशु मलिक ने कहा कि वह जनता की समस्याओं को लेकर बैठक में आए हैं और यहां “चाय पकौड़ी खाने नहीं आए”। इसके जवाब में इमरान मसूद ने भी तीखे अंदाज में पूछा कि चाय-पकौड़ी कौन खिला रहा है और विधायक से नियमों के दायरे में रहने को कहा।
इस बातचीत के बाद दोनों नेताओं के बीच बहस और तेज हो गई। बैठक में मौजूद लोगों के बीच भी यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि कुछ समय बाद बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ी और दोनों नेता अन्य मुद्दों पर चर्चा में शामिल होते नजर आए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक स्थिति ज्यादा देर तक तनावपूर्ण नहीं रही।
सांसद ने अधिकारी को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा
विवाद के बीच इमरान मसूद ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि विधायक द्वारा उठाए गए मामले की पूरी जानकारी तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराई जाए। अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर बिंदुवार रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
इससे स्पष्ट है कि बहस के बावजूद बैठक में उठाए गए विकास संबंधी मुद्दे को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रखी गई। अब संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि बेहड़ा संदल गांव में नाली निर्माण किस विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है और समस्या का स्थायी समाधान किस तरह किया जाएगा।
पहले भी दोनों नेताओं के बीच रही है राजनीतिक तल्खी
इमरान मसूद और आशु मलिक के बीच राजनीतिक मतभेद कोई नया मामला नहीं है। दोनों नेताओं के बीच पहले भी सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी और राजनीतिक खींचतान देखने को मिल चुकी है। वर्ष 2025 में भी दोनों के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी सामने आई थी।
ऐसे में दिशा की बैठक में हुआ ताजा विवाद राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि इस बैठक में तत्काल विवाद की वजह विकास कार्य और बैठक की प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा बताया गया है।
बैठक में कई विकास योजनाओं पर हुई चर्चा
दिशा समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में केंद्र और राज्य सरकार से जुड़ी विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था। बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न विकास कार्यों की स्थिति पर चर्चा की।
सड़क, नाली, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी बैठक में उठाए गए। आशु मलिक ने अन्य क्षेत्रों की समस्याओं के साथ सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े विषय भी सामने रखे।
इसी दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच सवाल-जवाब का सिलसिला चला। दिशा जैसी बैठकों में जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याएं प्रशासन के सामने रखते हैं और संबंधित विभागों से उनकी प्रगति की जानकारी मांगी जाती है।
कैंसर जांच और सड़क का मुद्दा भी उठा
बैठक से जुड़ी जानकारी के अनुसार आशु मलिक ने कैंसर जांच से संबंधित समस्या और
खाताखेड़ी क्षेत्र की सड़क का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी समाधान की जरूरत बताते हुए सड़क,
सीवर लाइन और डिवाइडर से जुड़े विकास कार्यों की आवश्यकता पर जोर दिया।
विधायक के मुताबिक खाताखेड़ी क्षेत्र के लिए नगर निगम की ओर से करीब
13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उन्होंने क्षेत्र को
विकास योजनाओं में पर्याप्त प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इमरान मसूद और आशु मलिक के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो सोशल
मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में दोनों
नेताओं के बीच बैठक के दौरान तीखी बातचीत होती दिखाई दे रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली बहस को पूरे बैठक के संदर्भ में समझना जरूरी है। विवाद का
तत्काल कारण विकास कार्य से संबंधित सवाल और बैठक में बोलने की प्रक्रिया से जुड़ा था।
बैठक का अनुशासन बना विवाद का दूसरा पहलू
विवाद का एक प्रमुख पहलू बैठक की कार्यप्रणाली और बोलने के क्रम से भी जुड़ा रहा।
इमरान मसूद ने बैठक को औपचारिक कार्यवाही के अनुसार चलाने पर जोर दिया।
वहीं आशु मलिक जनता की समस्याओं पर सवाल पूछने के अपने अधिकार की बात करते नजर आए।
रिपोर्टों के अनुसार दोनों के बीच पहले बोलने और अनुपूरक सवाल उठाने को लेकर भी असहमति हुई।
बाद में दोनों नेताओं ने बैठक की आगे की कार्यवाही में हिस्सा लिया।
विकास कार्यों की समीक्षा में सामने आई जमीनी समस्या
इस पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक बहस के साथ एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई कि ग्रामीण
क्षेत्रों में सड़क और जल निकासी जैसी बुनियादी समस्याएं अभी भी जनप्रतिनिधियों के लिए बड़ा मुद्दा हैं।
बेहड़ा संदल में नाली अधूरी होने से पानी खेतों और कब्रिस्तान की ओर
जाने की शिकायत सामने आई। यदि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है तो
संबंधित विभागों के बीच समन्वय कर इसका स्थायी समाधान निकालना जरूरी होगा।
दिशा समिति की बैठक का उद्देश्य भी यही है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के
क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के सामने रखा जाए तथा
उनके समाधान के लिए जिम्मेदार विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
आगे क्या होगा?
अब संबंधित अधिकारी द्वारा एक सप्ताह में दी जाने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट से
यह स्पष्ट हो सकता है कि नाली निर्माण की जिम्मेदारी किस विभाग की है, पहले इस संबंध में क्या कार्रवाई हुई और
आगे काम पूरा कराने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
इसके साथ ही खाताखेड़ी समेत अन्य क्षेत्रों में उठाए गए विकास कार्यों और
स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर भी प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।
राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण घटना
सहारनपुर में कांग्रेस और सपा के नेताओं के बीच पहले से चली आ रही राजनीतिक
खींचतान के बीच दिशा बैठक में हुई यह नोकझोंक राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दोनों दल राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति में कई मुद्दों पर साथ दिखाई देते हैं,
लेकिन स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच मतभेद कई बार सामने आते रहे हैं।
हालांकि मौजूदा घटना को केवल राजनीतिक विवाद के रूप में देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी,
क्योंकि बहस की शुरुआत एक स्थानीय विकास समस्या को लेकर हुई थी। बैठक के रिकॉर्ड और
संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट से आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
निष्कर्ष
सहारनपुर की दिशा बैठक में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा विधायक
आशु मलिक के बीच तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक
माहौल गर्म कर दिया। विवाद की शुरुआत बेहड़ा संदल गांव में सड़क और
अधूरे नाले से जुड़ी समस्या को लेकर हुई। विधायक ने नाली निर्माण पूरा कराने की मांग उठाई,
जबकि अधिकारी ने बताया कि नाला प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नहीं आता।
इसके बाद दोनों नेताओं के बीच नियमों और सवाल पूछने के तरीके को लेकर तीखी बहस हुई।
बहस के बावजूद सांसद ने संबंधित अधिकारी को मामले की पूरी जानकारी एक सप्ताह के
भीतर बिंदुवार रिपोर्ट के रूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अब इस रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि
सड़क और नाली की समस्या का समाधान किस विभाग के माध्यम से कराया जाएगा।
वहीं दोनों नेताओं के बीच हुई बहस का वीडियो वायरल होने के बाद
स्थानीय राजनीति में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज है।
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