मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक: किसान पुष्पेंद्र पर झपटा, गर्दन में गड़ाए दांत; 7 घाव, बाल-बाल बची जान

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में तेंदुए के हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। डिलारी क्षेत्र के मलकपुर सेमली गांव में मंगलवार को तेंदुए ने एक ही दिन में दो किसानों को निशाना बनाया। खेत में खाद डाल रहे 22 वर्षीय पुष्पेंद्र पर अचानक हमला कर तेंदुए ने उसकी गर्दन दबोच ली। भाइयों और आसपास मौजूद लोगों की चीख-पुकार के बाद तेंदुआ उसे छोड़कर गन्ने के खेत की ओर भाग गया। डॉक्टरों के अनुसार पुष्पेंद्र के शरीर पर सात गहरे घाव हैं।

खेत में काम कर रहे पुष्पेंद्र पर अचानक झपटा तेंदुआ

जानकारी के अनुसार, पुष्पेंद्र अपने भाइयों और चाचा के साथ खेत में खाद डाल रहा था। काम लगभग पूरा होने वाला था, तभी गन्ने के खेत से अचानक तेंदुआ निकला और उस पर हमला कर दिया।

हमले में पुष्पेंद्र जमीन पर गिर गया। इसके बाद तेंदुए ने उसकी गर्दन को अपने जबड़े में दबोच लिया और उसे गन्ने की ओर खींचने की कोशिश की। पुष्पेंद्र की चीख सुनकर उसके दोनों भाई तुरंत मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर तेंदुए को डराने का प्रयास किया।

गर्दन में करीब 2 सेंटीमीटर गहरा घाव

तेंदुए के हमले में पुष्पेंद्र को गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में जांच के दौरान उसके शरीर पर कुल सात घाव मिले। सिर पर पंजों के गहरे निशान बताए गए हैं, जबकि गर्दन में तेंदुए के दांत लगने से करीब दो सेंटीमीटर गहरा जख्म हुआ।

डॉक्टरों के अनुसार तेंदुए के जबड़े की पकड़ सांस की नली से बेहद करीब थी। समय रहते उसके भाइयों के पहुंचने से उसकी जान बच गई। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

45 सेकंड की देरी पड़ सकती थी भारी

पुष्पेंद्र के मामले में बचाव दल और परिवार के लोगों का समय पर पहुंचना बेहद अहम रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, यदि बचाव में थोड़ी और देर होती तो उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। तेंदुआ कुछ समय तक उसे दबोचे रहा, लेकिन लोगों के शोर के बाद वह उसे छोड़कर भाग गया।

उसी दिन दूसरे किसान पर भी हमला

इसी इलाके में मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे पशु चराकर लौट रहे एक अन्य किसान पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, तस्लीम पर पीछे से हमला हुआ और तेंदुए ने उसकी गर्दन पकड़ ली।

पीछे से आ रहे ग्रामीणों ने शोर मचाकर तेंदुए को भगाया और घायल किसान को अस्पताल पहुंचाया। उसकी स्थिति गंभीर होने पर उसे आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया।

वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

लगातार हो रहे हमलों के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी और तलाश अभियान तेज कर दिया है। मलकपुर सेमली में तेंदुए को पकड़ने के लिए अतिरिक्त पिंजरा लगाया गया है। आसपास के कई गांवों में भी वन विभाग की टीमें सक्रिय हैं।

ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अकेले खेतों की ओर जाने से बचें और संभव हो तो समूह में ही खेतों पर जाएं।

गन्ने के खेत बने तेंदुओं के छिपने का ठिकाना

मुरादाबाद के कांठ, डिलारी, भोजपुर और ठाकुरद्वारा क्षेत्र में गन्ने के खेतों में तेंदुओं की मौजूदगी को लेकर

चिंता बढ़ी हुई है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार गन्ने के खेत तेंदुओं को छिपने के लिए सुरक्षित

जगह उपलब्ध कराते हैं। बारिश के मौसम में मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ सकता है।

ग्रामीणों में बढ़ी दहशत

एक ही दिन में दो किसानों पर हमले के बाद मलकपुर सेमली और आसपास के गांवों में

भय का माहौल है। ग्रामीणों की मांग है कि तेंदुए को जल्द पकड़ा जाए और

खेतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।

वन विभाग की टीमें इलाके में लगातार निगरानी कर रही हैं और

तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

निष्कर्ष

मुरादाबाद के डिलारी क्षेत्र में तेंदुए के लगातार हमलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। मलकपुर सेमली में

22 वर्षीय पुष्पेंद्र पर हुए हमले में उसे सात गंभीर घाव आए, जबकि समय पर पहुंचे उसके भाइयों ने

उसकी जान बचाई। इसी दिन एक अन्य किसान पर भी हमला हुआ।

फिलहाल वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरे बढ़ाकर तलाश अभियान तेज कर दिया है।

ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने और अकेले खेतों में नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।

FAQ

Q1. तेंदुए ने किसान पुष्पेंद्र पर कहां हमला किया?
हमला मुरादाबाद के डिलारी क्षेत्र के मलकपुर सेमली गांव में खेत के पास हुआ।

Q2. पुष्पेंद्र को कितनी चोटें आईं?
रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर पर कुल सात घाव मिले। गर्दन, सिर और सीने पर चोटें आईं।

Q3. पुष्पेंद्र की जान कैसे बची?
उसके भाइयों ने चीख सुनकर मौके पर पहुंचकर शोर मचाया। लोगों के पहुंचने पर तेंदुआ उसे छोड़कर भाग गया।

Q4. क्या उसी दिन किसी अन्य व्यक्ति पर भी हमला हुआ?
हां, उसी क्षेत्र में शाम को पशु चराकर लौट रहे एक अन्य किसान पर भी तेंदुए ने हमला किया।

Q5. वन विभाग ने क्या कार्रवाई की?
वन विभाग ने इलाके में तलाश और निगरानी बढ़ाई है तथा तेंदुए को पकड़ने के लिए अतिरिक्त पिंजरा लगाया है।

Q6. ग्रामीणों को क्या सावधानी बरतने की सलाह दी गई है?
ग्रामीणों को अकेले खेतों में जाने से बचने और संभव हो तो

समूह में खेतों पर जाने की सलाह दी गई है।