गोरखपुर ब्रेकिंग: शाही ग्लोबल अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

Gorakhpur News: गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र स्थित शाही ग्लोबल अस्पताल में 35 वर्षीय राकेश यादव की मौत के बाद मंगलवार सुबह परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलने पर रामगढ़ताल पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

अपेंडिक्स के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे राकेश यादव

परिजनों के मुताबिक, राकेश यादव को अपेंडिक्स के ऑपरेशन के लिए 4 अगस्त को शाही ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उन्हें 6 अगस्त को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

परिजनों का कहना है कि डिस्चार्ज होने के बाद राकेश की तबीयत फिर बिगड़ने लगी। हालत खराब होने पर उन्हें दोबारा अस्पताल लाया गया। परिवार का आरोप है कि इस दौरान उनकी गंभीर स्थिति को समय रहते नहीं समझा गया और इलाज में लापरवाही बरती गई।

हालांकि, अस्पताल की ओर से इस मामले में क्या चिकित्सकीय स्थिति थी और इलाज के दौरान कौन-कौन से कदम उठाए गए, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए डॉक्टरों या अस्पताल को दोषी ठहराने से पहले जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।

लखनऊ ले जाते समय एंबुलेंस में मौत

परिजनों के अनुसार, 10 अगस्त की रात राकेश यादव की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाने की तैयारी की गई।

परिवार का दावा है कि लखनऊ ले जाते समय रास्ते में एंबुलेंस के अंदर ही राकेश यादव की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन शव लेकर मंगलवार सुबह गोरखपुर स्थित शाही ग्लोबल अस्पताल पहुंचे।

इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और अस्पताल प्रबंधन तथा डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन, पुलिस पहुंची

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद रामगढ़ताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया।

मामले को लेकर अस्पताल के बाहर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। परिजन अपनी शिकायत की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

परिजनों का कहना है कि यदि इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

पत्नी और दो छोटे बच्चों को पीछे छोड़ गए राकेश

राकेश यादव की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों के अनुसार, मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।

अचानक हुई मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक और भावनात्मक संकट भी खड़ा हो गया है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग कर रहे हैं।

क्या है परिजनों का आरोप?

परिजनों का मुख्य आरोप है कि राकेश यादव की गंभीर होती हालत को समय रहते नहीं पहचाना गया। उनका दावा है कि इलाज के दौरान यदि समय पर उचित कदम उठाए जाते तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।

हालांकि, यह परिजनों का आरोप है। अभी तक किसी स्वतंत्र चिकित्सकीय जांच, मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट या सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्ष के आधार पर यह स्थापित नहीं हुआ है कि राकेश यादव की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई।

मेडिकल मामलों में मौत के कारण और उपचार की गुणवत्ता का आकलन चिकित्सकीय रिकॉर्ड,

जांच रिपोर्ट और विशेषज्ञों की राय के आधार पर ही किया जा सकता है।

निष्पक्ष जांच की मांग

इस मामले में सबसे अहम सवाल राकेश यादव की मौत के वास्तविक कारण को लेकर है।

परिवार जहां चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगा रहा है,

वहीं पूरे मामले की सच्चाई मेडिकल रिकॉर्ड और जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

ऐसे मामलों में अस्पताल में भर्ती होने से लेकर ऑपरेशन, डिस्चार्ज, दोबारा भर्ती और

अंतिम समय में किए गए इलाज तक के सभी रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।

यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर

नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो

वास्तविक चिकित्सकीय कारण भी परिवार के सामने स्पष्ट किया जाना चाहिए।

पुलिस की भूमिका पर भी नजर

प्रदर्शन की सूचना मिलने पर रामगढ़ताल पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

अब देखना होगा कि पुलिस और संबंधित स्वास्थ्य विभाग इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करते हैं।

परिवार की शिकायत, अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम या अन्य चिकित्सकीय रिपोर्ट

सामने आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

Fisherman World News की अपील

राकेश यादव की मौत बेहद दुखद है। परिवार के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। लेकिन मामले की सच्चाई सामने आने तक किसी व्यक्ति या संस्थान को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। निष्पक्ष जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

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FAQ: शाही ग्लोबल अस्पताल गोरखपुर मामला

1. शाही ग्लोबल अस्पताल में किसकी मौत हुई?

परिजनों के अनुसार, 35 वर्षीय राकेश यादव की मौत हुई है।

2. राकेश यादव को अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया था?

परिजनों के मुताबिक, उन्हें अपेंडिक्स के ऑपरेशन के लिए 4 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

3. राकेश यादव को कब डिस्चार्ज किया गया?

परिजनों के अनुसार, इलाज के बाद उन्हें 6 अगस्त को डिस्चार्ज किया गया था।

4. मौत कब हुई?

परिजनों के अनुसार, 10 अगस्त की रात तबीयत बिगड़ने के बाद

लखनऊ ले जाते समय एंबुलेंस में उनकी मौत हो गई।

5. परिजनों ने क्या आरोप लगाया है?

परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।

हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

6. मौत के बाद परिजनों ने क्या किया?

मंगलवार सुबह परिजन राकेश यादव का शव लेकर शाही ग्लोबल अस्पताल पहुंचे और

अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया।

7. पुलिस ने क्या किया?

सूचना मिलने पर रामगढ़ताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे

परिजनों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

8. क्या डॉक्टरों की लापरवाही साबित हो गई है?

नहीं। अभी डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप परिजनों की ओर से लगाया गया है। स्वतंत्र चिकित्सकीय जांच या

सक्षम प्राधिकारी की रिपोर्ट के बाद ही लापरवाही के संबंध में निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

9. राकेश यादव के परिवार में कौन-कौन है?

परिजनों के अनुसार, राकेश यादव अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।

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