घुमंतू और विमुक्त समुदायों के लिए मुख्यमंत्री योगी का बड़ा ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घुमंतू, अर्द्ध-घुमंतू और विमुक्त समुदायों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब इन समाजों के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड इन समुदायों की पहचान सुनिश्चित करेगा और उन्हें आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा।
हर समुदाय को मिलेगा बोर्ड में प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड में प्रत्येक घुमंतू और विमुक्त समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, ताकि उनकी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि दशकों से उपेक्षित रहे इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और बोर्ड इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ब्रिटिश शासन के कानून का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने वर्ष 1871 के क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के तहत कई घुमंतू समुदायों को “अपराधी जनजाति” घोषित कर दिया था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रयासों से इस कानून को समाप्त किया गया और इन समुदायों को विमुक्त (Denotified) का दर्जा मिला। इसके बावजूद लंबे समय तक इनके समुचित विकास के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए।
सरकारी योजनाओं से जोड़े जाएंगे परिवार
मुख्यमंत्री ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों के परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से पात्र लोगों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समावेशी विकास की नीति पर सरकार का जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की नीति के तहत समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वंचित और उपेक्षित समुदायों को सम्मान और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से घुमंतू विकास बोर्ड का गठन किया गया है।
ग्रामीण और वंचित समुदायों के उत्थान पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वनटांगिया, मुसहर, थारू, गोंड, चेरो, कोल, बुक्सा, सहारिया और अन्य वंचित समुदायों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार इन समुदायों को आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
घुमंतू विकास बोर्ड से क्या होगा फायदा?
सरकार का मानना है कि बोर्ड के गठन से घुमंतू और विमुक्त समुदायों की समस्याओं का व्यवस्थित समाधान होगा। इससे इन समुदायों की पहचान, सरकारी योजनाओं तक पहुंच और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। हाल ही में उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने इस बोर्ड के गठन को मंजूरी दी है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा को उत्तर प्रदेश के घुमंतू, अर्द्ध-घुमंतू और विमुक्त समुदायों के लिए
एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि विकास बोर्ड के माध्यम से
इन समुदायों को सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और प्रभावी तरीके से
उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
FAQ (Frequently Asked Questions)
Q1. उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड क्या है?
उत्तर: यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक बोर्ड है, जिसका उद्देश्य घुमंतू
, अर्द्ध-घुमंतू और विमुक्त समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
Q2. मुख्यमंत्री योगी ने क्या घोषणा की है?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने कहा कि अब घुमंतू समुदायों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए
भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें विकास बोर्ड के माध्यम से योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
Q3. इस बोर्ड से किन लोगों को लाभ मिलेगा?
उत्तर: घुमंतू, अर्द्ध-घुमंतू और विमुक्त समुदायों के पात्र परिवारों को
इस बोर्ड के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
Q4. क्या सभी समुदायों को बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिलेगा?
उत्तर: हां, मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रत्येक घुमंतू और विमुक्त समुदाय को बोर्ड में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
Q5. किन सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा?
उत्तर: पात्र लोगों को आवास, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, बिजली,
उज्ज्वला योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य है।
read this post :डेयरी से बढ़ेगी किसानों की आय: गोरखपुर में डेयरी कॉन्क्लेव-2026, 28 किसानों को मिला बड़ा लाभ