आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली अंतरिम जमानत, स्वास्थ्य आधार की याचिका खारिज; 24 घंटे प्रशिक्षित केयरटेकर की अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से किया इनकार

दुष्कर्म के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत नहीं मिली है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उन्हें जेल से बाहर भेजने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि अदालत ने उन्हें जेल में 24 घंटे प्रशिक्षित केयरटेकर (Trained Caretaker) रखने की अनुमति दे दी है, ताकि उनकी चिकित्सा संबंधी जरूरतों का ध्यान रखा जा सके।

AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट बनी फैसले का आधार

सुनवाई के दौरान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की मेडिकल रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि आसाराम को फिलहाल अस्पताल में भर्ती किए जाने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें चौबीसों घंटे चिकित्सकीय सहायता और देखभाल की जरूरत है। इसी रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार करते हुए केयरटेकर रखने की अनुमति दी।

स्वास्थ्य आधार पर मांगी थी अंतरिम राहत

आसाराम की ओर से दायर याचिका में बढ़ती उम्र और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की गई थी। उनके वकील ने अदालत से कहा था कि नियमित चिकित्सा देखभाल के लिए उन्हें जेल से बाहर रहने की अनुमति दी जाए। वहीं अदालत ने AIIMS की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद पाया कि चिकित्सा सुविधाएं जेल व्यवस्था के भीतर भी उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

केयरटेकर रहेगा, लेकिन जेल से बाहर नहीं आएंगे

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षित केयरटेकर केवल उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में सहायता करेगा। इसका अर्थ यह नहीं है कि आसाराम को अंतरिम जमानत या सजा से राहत मिल गई है। वह पूर्व की तरह न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे और उनकी सजा यथावत लागू रहेगी।

कई बार स्वास्थ्य के आधार पर मांगी जा चुकी है राहत

आसाराम पहले भी विभिन्न अदालतों में स्वास्थ्य संबंधी आधार पर राहत की मांग करते रहे हैं। अलग-अलग मामलों में उन्हें समय-समय पर अंतरिम राहत या पैरोल मिली है, जबकि कई याचिकाएं अदालतों ने खारिज भी की हैं। इस बार सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अंतरिम जमानत देने से इनकार किया है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी

अदालत के इस आदेश के बाद आसाराम जेल में ही रहेंगे। यदि भविष्य में उनकी स्वास्थ्य स्थिति में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होता है, तो कानून के अनुसार वे फिर से संबंधित अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का आदेश केवल प्रशिक्षित केयरटेकर की अनुमति तक सीमित है।

निष्कर्ष

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के आधार पर इस समय आसाराम को

अंतरिम जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत ने AIIMS की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए जेल में

24 घंटे प्रशिक्षित केयरटेकर उपलब्ध कराने की अनुमति दी है।

इससे चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित होगी, लेकिन उनकी न्यायिक हिरासत जारी रहेगी।

FAQ

Q1. क्या सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को अंतरिम जमानत दे दी है?

उत्तर: नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य आधार पर उनकी अंतरिम जमानत की याचिका खारिज कर दी है।

Q2. अदालत ने आसाराम को क्या राहत दी है?

उत्तर: अदालत ने उन्हें जेल में 24 घंटे प्रशिक्षित केयरटेकर रखने की अनुमति दी है।

Q3. AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट में क्या कहा गया था?

उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है,

लेकिन उन्हें चौबीसों घंटे चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है।

Q4. क्या आसाराम जेल से बाहर आएंगे?

उत्तर: नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत से इनकार किया है, इसलिए वे न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।

Q5. क्या भविष्य में वे फिर जमानत की मांग कर सकते हैं?

उत्तर: यदि स्वास्थ्य या अन्य कानूनी आधार बनते हैं, तो

वे कानून के अनुसार दोबारा अदालत में याचिका दाखिल कर सकते हैं।

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