JPSC-JSSC आंदोलन में बड़ा मोड़: देवेंद्र नाथ महतो ने 4 दिन बाद तोड़ा अनशन, सोनम वांगचुक की अपील के बाद लिया फैसला

सोनम वांगचुक की अपील के बाद लिया बड़ा फैसला

झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने चार दिन तक चली अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। यह फैसला उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ वीडियो कॉल पर हुई बातचीत के बाद लिया। वांगचुक ने महतो से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और आंदोलन को जारी रखने के लिए अनशन समाप्त करने की अपील की थी।

स्वास्थ्य बिगड़ने पर बढ़ी थी चिंता

देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। लगातार चार दिनों तक भोजन और पानी नहीं लेने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। चिकित्सकों ने भी चेतावनी दी थी कि यदि उन्होंने पानी और भोजन नहीं लिया तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है। इसी बीच सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल कर उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई और आंदोलन को लंबे समय तक जारी रखने के लिए पहले स्वास्थ्य सुरक्षित रखने की सलाह दी।

अनशन समाप्त, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा

देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल भूख हड़ताल समाप्त की है, आंदोलन नहीं। उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का सत्याग्रह और धरना पहले की तरह जारी रहेगा। उनका कहना है कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।

क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?

प्रदर्शन कर रहे छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, कथित परीक्षा अनियमितताओं की CBI जांच कराने, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियों के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।

रांची बना आंदोलन का केंद्र

राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से हजारों छात्र धरने पर बैठे हैं। आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और विभिन्न छात्र संगठनों के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों ने आगे ‘तिरंगा मार्च’ और विधानसभा घेराव जैसे कार्यक्रमों की भी घोषणा की है।

सरकार पर बढ़ा दबाव

छात्र आंदोलन के तेज होने से राज्य सरकार पर भी दबाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही छात्रों को न्याय दिलाने का आश्वासन दे चुके हैं। हालांकि छात्र नेताओं का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। इसी कारण आंदोलन फिलहाल जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

सोनम वांगचुक के समर्थन से आंदोलन को मिली नई पहचान

सोनम वांगचुक के समर्थन के बाद झारखंड का यह छात्र आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। महतो ने कहा कि वांगचुक का संदेश छात्रों के लिए प्रेरणादायक है और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। आंदोलन के आयोजकों ने भी स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक रहेगा।

निष्कर्ष

देवेंद्र नाथ महतो द्वारा भूख हड़ताल समाप्त करने से आंदोलन की रणनीति में बदलाव जरूर आया है,

लेकिन छात्रों की मांगें अब भी जस की तस हैं। JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड में जारी

यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। अब सभी की निगाहें

राज्य सरकार के अगले कदम और छात्रों की मांगों पर होने वाले निर्णय पर टिकी हैं।

FAQ

प्रश्न 1: देवेंद्र नाथ महतो ने अनशन क्यों समाप्त किया?
उत्तर: सोनम वांगचुक की अपील और स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए उन्होंने अनशन समाप्त किया।

प्रश्न 2: क्या छात्र आंदोलन खत्म हो गया है?
उत्तर: नहीं, केवल भूख हड़ताल समाप्त हुई है। आंदोलन और सत्याग्रह जारी रहेगा।

प्रश्न 3: छात्र क्या मांग कर रहे हैं?
उत्तर: JPSC परीक्षा रद्द करने, CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की जा रही है।

प्रश्न 4: आंदोलन कहां चल रहा है?
उत्तर: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र लगातार धरना दे रहे हैं।

प्रश्न 5: सोनम वांगचुक की क्या भूमिका रही?
उत्तर: उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से देवेंद्र नाथ महतो से स्वास्थ्य का

ध्यान रखने और अनशन समाप्त करने की अपील की

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