गोरखपुर: गीडा परियोजना के लिए भूमि पुनर्ग्रहण में तेजी, एसडीएम गोला ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

गोला तहसील सभागार में हुई महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर जिले के उरुवा क्षेत्र में प्रस्तावित गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) परियोजना को गति देने के लिए मंगलवार को गोला तहसील सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी (एसडीएम) गोला मनीष कुमार ने की। बैठक में तहसील के सभी संबंधित राजस्व अधिकारी, कानूनगो, लेखपाल और अन्य विभागीय कर्मचारियों ने भाग लिया। मुख्य उद्देश्य भूमि पुनर्ग्रहण कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना तथा लंबित प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने की रणनीति तय करना था।

भूमि पुनर्ग्रहण की प्रगति का किया गया विस्तृत मूल्यांकन

बैठक के दौरान भूमि पुनर्ग्रहण से जुड़े प्रत्येक बिंदु पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने अब तक किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समीक्षा के बाद एसडीएम मनीष कुमार ने कहा कि गीडा परियोजना सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है, इसलिए भूमि अधिग्रहण और पुनर्ग्रहण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

हरपुर, सकरदेइया और धौरहरा गांवों पर रहेगा विशेष फोकस

समीक्षा बैठक में चयनित गांव हरपुर, सकरदेइया और धौरहरा की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। एसडीएम ने निर्देश दिया कि राजस्व विभाग की टीमें इन गांवों का शीघ्र स्थलीय निरीक्षण करें। भूमि अभिलेखों का गहन परीक्षण किया जाए तथा स्वामित्व, सीमांकन और अन्य आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की तकनीकी या राजस्व संबंधी समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश

उपजिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि इतनी महत्वपूर्ण परियोजना को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करें। साथ ही प्रत्येक चरण की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें ताकि समय रहते समस्याओं का समाधान किया जा सके।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

बैठक के दौरान एसडीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या कार्य में शिथिलता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाने चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी स्तर पर फाइल लंबित न रहे और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी हों।

पूर्वांचल के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर बनेगी गीडा परियोजना

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि गीडा परियोजना केवल औद्योगिक विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पूर्वांचल के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना होगी, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही परिवहन, व्यापार, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी तेजी से विकास होने की संभावना है।

पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया पर प्रशासन का जोर

एसडीएम मनीष कुमार ने अधिकारियों से कहा कि भूमि पुनर्ग्रहण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और

कानून के अनुरूप पूरी की जाए। किसानों और संबंधित पक्षों के साथ संवाद बनाए रखने तथा उनकी

समस्याओं का समय पर समाधान करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का

उद्देश्य परियोजना को बिना किसी अनावश्यक विवाद के समय पर आगे बढ़ाना है।

नियमित समीक्षा बैठकों से होगी निगरानी

बैठक के समापन पर एसडीएम ने बताया कि गीडा परियोजना से जुड़े सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी।

प्रत्येक विभाग से प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर मौके पर निरीक्षण भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी औपचारिकताएं

जल्द पूरी कराकर परियोजना का निर्माण कार्य समय पर शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।

निष्कर्ष

गोरखपुर के उरुवा क्षेत्र में प्रस्तावित गीडा परियोजना को लेकर प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है।

भूमि पुनर्ग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने, अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और समयबद्ध

कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए दिए गए निर्देश इस बात का संकेत हैं कि परियोजना को जल्द धरातल पर

उतारने की तैयारी चल रही है। यह परियोजना भविष्य में पूर्वांचल के औद्योगिक विकास,

निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है।

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