माल्हनपार में खेल प्रतिभाओं को मिला नया मंच, कबड्डी मैट का हुआ भव्य उद्घाटन
गोरखपुर | परशुराम यादव
गोरखपुर जनपद के दक्षिणांचल क्षेत्र स्थित बांसगांव के निकट माल्हनपार में खेलों के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज की गई। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स अकैडमी ने लगभग पांच वर्षों की निरंतर मेहनत, समर्पण और खिलाड़ियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बल पर “माटी से मैट” तक का प्रेरणादायक सफर पूरा कर लिया। अकादमी परिसर में आधुनिक कबड्डी मैट का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. हरकेश राम त्रिपाठी ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद खिलाड़ियों ने शानदार कबड्डी मुकाबले का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण
अकादमी की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली बच्चों को खेलों के माध्यम से आगे बढ़ाना था। शुरुआत में खिलाड़ी मिट्टी के मैदान पर अभ्यास करते थे, लेकिन अकादमी प्रबंधन का सपना था कि गांव के खिलाड़ियों को भी महानगरों जैसी आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। वर्षों की मेहनत और समाज के सहयोग से यह सपना अब साकार हो गया है। आधुनिक कबड्डी मैट उपलब्ध होने से खिलाड़ियों को तकनीकी, सुरक्षित और प्रतियोगी माहौल में अभ्यास करने का अवसर मिलेगा।
डॉ. हरकेश राम त्रिपाठी ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
मुख्य अतिथि डॉ. हरकेश राम त्रिपाठी ने कहा कि दक्षिणांचल क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को उचित संसाधन, प्रशिक्षक और आधुनिक सुविधाएं मिलें तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोरखपुर तथा उत्तर प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स अकैडमी की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुकी है।

खो-खो के साथ अब कबड्डी को भी मिलेगा नया मंच
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स अकैडमी में पहले से खो-खो का नियमित प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। अब आधुनिक कबड्डी मैट के शुरू होने से कबड्डी खिलाड़ियों को भी प्रोफेशनल स्तर की सुविधा मिलेगी। इससे खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीकी कौशल, संतुलन और प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार होगा। प्रशिक्षकों का विश्वास है कि आने वाले वर्षों में यहां से कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंच चुके हैं अकादमी के खिलाड़ी
अकादमी पहले ही अपनी उपलब्धियों के कारण क्षेत्र में विशेष पहचान बना चुकी है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कई खिलाड़ियों का चयन खेल विकास प्राधिकरण, राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हो चुका है। यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि ग्रामीण युवाओं को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो वे किसी भी बड़े मंच पर सफलता हासिल कर सकते हैं।
हनुमान चालीसा के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि ने फीता काटकर कबड्डी मैट का उद्घाटन किया। उद्घाटन के तुरंत बाद खिलाड़ियों ने नए मैट पर रोमांचक कबड्डी मुकाबले का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की फुर्ती, तकनीक और खेल भावना ने उपस्थित खेल प्रेमियों को खूब प्रभावित किया और पूरे परिसर में तालियों की गूंज सुनाई दी।

अतिथियों का किया गया सम्मान
अकादमी के संरक्षक सनी सिंह ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन अमन प्रताप चंद ने किया। समारोह में मौजूद सभी अतिथियों ने अकादमी की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण खेल विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।
बड़ी संख्या में पहुंचे खिलाड़ी और खेल प्रेमी
कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शशि प्रताप सिंह, राष्ट्रीय खिलाड़ी यशपाल सिंह (रेलवे), विदुर मणि सिंह,
करुणेश, गुलाब सिंह, योगेंद्र सिंह, दीपक वर्मा, रंजीत श्रीवास्तव, सचिन गुप्ता, संजीत सिंह,
अमर सिंह, चंदन मिश्रा, अनिल चौरसिया, परशुराम यादव,
पंचम उर्फ पंचू जायसवाल, जितेंद्र शुक्ला सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी,
प्रशिक्षक, खेल प्रेमी और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान खेल भावना और उत्साह का वातावरण बना रहा।
गांव से निकलेंगे भविष्य के राष्ट्रीय खिलाड़ी
अकादमी प्रबंधन का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि ग्रामीण
क्षेत्र के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। आधुनिक कबड्डी मैट,
अनुभवी प्रशिक्षकों और बेहतर खेल सुविधाओं के माध्यम से अब गांव के बच्चों को भी
बड़े शहरों जैसी तैयारी का अवसर मिलेगा। इससे क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और
युवाओं के लिए रोजगार तथा करियर के नए रास्ते खुलेंगे।
निष्कर्ष
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स अकैडमी का “माटी से मैट” तक का सफर केवल एक
खेल सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की
खेल प्रतिभाओं को नई पहचान देने वाला ऐतिहासिक कदम है। आधुनिक कबड्डी मैट का
शुभारंभ आने वाले वर्षों में माल्हनपार और पूरे दक्षिणांचल क्षेत्र को खेल मानचित्र पर नई पहचान दिला सकता है।
यह पहल निश्चित रूप से गोरखपुर के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में याद की जाएगी।
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