नाबालिग किशोरी का फोटो-वीडियो वायरल कर ब्लैकमेल का आरोप, गोला पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

नाबालिग किशोरी का फोटो-वीडियो वायरल करने का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

गोरखपुर जनपद के गोला थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय किशोरी का फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर कथित रूप से वायरल कर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आरोप है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और धमकाने का प्रयास किया गया।

पिता ने पुलिस को दी लिखित शिकायत

पीड़िता के पिता ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि गांव के ही एक युवक ने उनकी नाबालिग पुत्री का फोटो और वीडियो कथित रूप से गलत तरीके से तैयार कर फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस कृत्य का उद्देश्य परिवार को ब्लैकमेल करना और दबाव बनाना था।

विरोध करने पर जान से मारने की धमकी का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब परिवार ने इस कृत्य का विरोध किया तो आरोपी ने जान-माल की धमकी दी। इससे पूरा परिवार भय और तनाव के माहौल में है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

सोशल मीडिया से आपत्तिजनक सामग्री हटाने की मांग

पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई कथित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो को जल्द से जल्द हटवाया जाए, ताकि नाबालिग की निजता और सम्मान की रक्षा हो सके। साथ ही आरोपी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई है।

आरोपी पर पहले से भी मुकदमे होने का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित युवक के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और

उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

क्षेत्राधिकारी गोला के निर्देश पर गोला पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की

धारा 351(3) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66E के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य

सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कर रही डिजिटल साक्ष्यों की जांच

पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनी धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नाबालिग की पहचान गोपनीय रखना जरूरी

ऐसे मामलों में कानून के अनुसार नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती।

पुलिस और प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी

प्रकार की फोटो, वीडियो या पहचान संबंधी जानकारी साझा न करें।

साइबर अपराधों को लेकर बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर ब्लैकमेल, फर्जी

फोटो-वीडियो और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों में समय पर

पुलिस को सूचना देना और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

निष्कर्ष

गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र का यह मामला सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर

अपराध की गंभीरता को दर्शाता है। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले में आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो

आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

FAQ

Q1. मामला कहां का है?
उत्तर: यह मामला गोरखपुर जनपद के गोला थाना क्षेत्र का है।

Q2. शिकायत किसने दर्ज कराई?
उत्तर: 15 वर्षीय किशोरी के पिता ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है।

Q3. आरोपी पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
उत्तर: आरोप है कि उसने नाबालिग का फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर ब्लैकमेल किया तथा धमकी दी।

Q4. पुलिस ने किन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है?
उत्तर: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(3) और

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66E के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

Q5. पुलिस ने क्या कहा है?
उत्तर: पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने

आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

read this post :गोपालपुर–दशवतपुर वाया चीनी मिल सड़क बनी गड्ढों का जाल, जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हजारों लोग