बैकवर्ड, एससी, एसटी और ओबीसी सामाजिक संगठनों का निर्णायक मंथन आज लखनऊ में, संवैधानिक अधिकारों और बहुजन मुद्दों पर होगी बड़ी चर्चा

लखनऊ में आयोजित होगा महत्वपूर्ण सामाजिक सम्मेलन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार 2 अगस्त 2026 को बैकवर्ड, एससी, एसटी एवं ओबीसी सामाजिक संगठनों का एक महत्वपूर्ण निर्णायक मंथन आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 11:00 बजे यूपी प्रेस क्लब, चाइना गेट, लखनऊ में आयोजित होगा। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकार, बहुजन महापुरुषों के विचार और वर्तमान सरकारी नीतियों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद भारती होंगे मुख्य वक्ता

इस सम्मेलन में राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद भारती (एडवोकेट) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। वे सामाजिक समानता, संविधान में प्रदत्त अधिकारों, बहुजन समाज की वर्तमान चुनौतियों तथा सामाजिक संगठनों की भूमिका पर अपना संबोधन देंगे। आयोजकों के अनुसार यह बैठक भविष्य की सामाजिक रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

गोरखपुर से रामानुज राव भी करेंगे संबोधित

कार्यक्रम में गोरखपुर से रामानुज राव (एडवोकेट), राष्ट्रीय विधिक सलाहकार, राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा भी विशेष रूप से शामिल होंगे। वे संविधान, सामाजिक न्याय, विधिक अधिकारों और बहुजन समाज से जुड़े समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे।

उपस्थित माननीय सदस्य कार्यक्रम में डॉ.विनोद कुमार शास्त्री एडवोकेट राष्ट्रीय अध्यक्ष भीम फाउंडेशन उत्तर प्रदेश लखनऊ, मधुसूदन कुशवाहा संरक्षक भारतीय कुशवाहा महासभा, मकसूद अंसारी राष्ट्रीय अध्यक्ष पशमांडा महासभा, विष्णु देव मौर्य उपाध्यक्ष मौर्य उत्थान समिति गोमती नगर लखनऊ, कैलाश सिंह यादव एडवोकेट बैकवर्ड क्लास संघ, नरेंद्र कुमार मौर्य संस्थापक अध्यक्ष बुद्ध वेलफेयर फाउंडेशन, रामकुमार लोधी एडवोकेट संरक्षक बैकवर्ड क्लास संघ,आयोजक आर.के. बौद्ध राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय बहुजन महिला संगठन होंगे

सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर होगा मंथन

आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में वर्तमान सरकारी नीतियों का सामाजिक प्रभाव, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं वंचित समाज से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा सामाजिक संगठनों की भूमिका, संवैधानिक अधिकारों की जानकारी, सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक एकजुटता को मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श होगा।

कुशीनगर में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन की होगी तैयारी

बैठक में आगामी 12 एवं 13 सितंबर 2026 को तथागत भगवान बुद्ध के

महापरिनिर्वाण स्थल, कुशीनगर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के

चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।

अधिवेशन की रूपरेखा, कार्यक्रम की तैयारी, विभिन्न राज्यों से

प्रतिनिधियों की भागीदारी और संगठन विस्तार जैसे विषयों पर भी निर्णय लिए जाने की संभावना है।

सामाजिक संगठनों से भागीदारी की अपील

राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा की ओर से बैकवर्ड, एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग से जुड़े सामाजिक संगठनों,

पदाधिकारियों, बुद्धिजीवियों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा युवाओं से कार्यक्रम में अधिक से

अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है। आयोजकों का कहना है कि यह मंथन सामाजिक एकता और

संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

निष्कर्ष

लखनऊ में आयोजित होने वाला यह निर्णायक मंथन सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और

बहुजन समाज के समकालीन मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। कार्यक्रम में लिए गए

निर्णय आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन की दिशा तय करने के साथ-साथ सामाजिक

संगठनों के बीच बेहतर समन्वय और एकजुटता को भी मजबूती दे सकते हैं।

आयोजकों ने सभी इच्छुक नागरिकों से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

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