प्रयागराज मेट्रो परियोजना को मिली रफ्तार, ₹12,000 करोड़ की लागत से बनेगी मेट्रो, दिसंबर तक शिलान्यास की तैयारी

10 साल पुरानी मेट्रो परियोजना को मिली नई गति

प्रयागराज में लंबे समय से प्रस्तावित मेट्रो परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। करीब एक दशक तक फाइलों में अटकी इस योजना को राज्य सरकार से नई गति मिली है। अब संशोधित डीपीआर (Detailed Project Report) के आधार पर लगभग ₹12,000 करोड़ की लागत वाली परियोजना पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है और दिसंबर 2026 तक शिलान्यास की तैयारी की जा रही है।

दिसंबर में शिलान्यास की तैयारी

अधिकारियों के अनुसार, परियोजना से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यदि सभी स्वीकृतियां समय पर मिलती हैं, तो दिसंबर में परियोजना का शिलान्यास कराया जा सकता है। इसके बाद निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू होने की संभावना है।

संशोधित डीपीआर में बढ़ा नेटवर्क

संशोधित योजना के अनुसार मेट्रो नेटवर्क का विस्तार पहले की तुलना में बढ़ाया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, परियोजना की कुल लंबाई लगभग 60 किलोमीटर तक हो सकती है और स्टेशनों की संख्या भी बढ़ाई गई है। प्रस्तावित नेटवर्क रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, एयरपोर्ट, संगम क्षेत्र तथा प्रमुख आवासीय एवं व्यावसायिक इलाकों को जोड़ने पर केंद्रित है।

शहर को मिलेंगे कई बड़े लाभ

मेट्रो परियोजना के पूरा होने के बाद प्रयागराज में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक आधुनिक और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। इसके प्रमुख संभावित लाभ इस प्रकार हैं—

  • ट्रैफिक जाम में कमी
  • यात्रा समय में बचत
  • प्रदूषण कम करने में सहायता
  • रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और प्रमुख क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी
  • निवेश और शहरी विकास को बढ़ावा

रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

इतनी बड़ी अवसंरचना परियोजना के निर्माण के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही निर्माण, परिवहन, रियल एस्टेट, व्यापार और सेवा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी मेट्रो

परियोजना में आधुनिक स्टेशन, डिजिटल टिकटिंग, स्मार्ट यात्री सूचना प्रणाली, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था

विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली निजी वाहनों पर निर्भरता कम कर सकती है। इससे ईंधन की खपत और वायु प्रदूषण में कमी लाने में भी मदद मिलेगी तथा शहर में टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित होगी।

निष्कर्ष

प्रयागराज मेट्रो परियोजना शहर के लिए एक महत्वपूर्ण अवसंरचना पहल मानी जा रही है।

लगभग ₹12,000 करोड़ की इस योजना के शिलान्यास की तैयारियां तेज हैं। यदि परियोजना तय समय के

अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में प्रयागराज को आधुनिक, तेज और

पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली मिल सकती है। हालांकि परियोजना की

समय-सीमा और अंतिम स्वरूप आधिकारिक स्वीकृतियों एवं निर्माण प्रगति पर निर्भर करेगा।

FAQ

प्रश्न 1: प्रयागराज मेट्रो परियोजना की अनुमानित लागत कितनी है?

उत्तर: संशोधित योजना के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹12,000 करोड़ बताई जा रही है।

प्रश्न 2: मेट्रो परियोजना का शिलान्यास कब हो सकता है?

उत्तर: उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दिसंबर 2026 तक शिलान्यास की तैयारी की जा रही है,

हालांकि अंतिम तिथि आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगी।

प्रश्न 3: मेट्रो नेटवर्क कितना बड़ा होगा?

उत्तर: संशोधित योजना के अनुसार नेटवर्क लगभग 60 किलोमीटर तक विस्तारित किया जा सकता है।

प्रश्न 4: परियोजना से शहर को क्या लाभ होंगे?

उत्तर: ट्रैफिक जाम में कमी, बेहतर सार्वजनिक परिवहन, प्रदूषण नियंत्रण, तेज यात्रा और

आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

प्रश्न 5: क्या परियोजना का डीपीआर तैयार हो चुका है?

उत्तर: परियोजना का संशोधित डीपीआर तैयार करने और उसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है।

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