गोरखपुर में माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट का एकदिवसीय धरना, 31 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को सौंपा ज्ञापन

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हुआ प्रदर्शन

गोरखपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) की जिला कार्यकारिणी ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय परिसर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरने का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने किया, जबकि संचालन जिला मंत्री डॉ. शोभित श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था, सेवा संबंधी समस्याओं और विभिन्न लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया।

कार्यक्रम के अंत में संगठन की ओर से 31 सूत्रीय मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम 21 सूत्रीय ज्ञापन तथा जिला स्तर की समस्याओं को लेकर 11 सूत्रीय मांगपत्र जिला विद्यालय निरीक्षक अजीत कुमार सिंह को सौंपा गया।

‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ और समान सेवा शर्तों की मांग

धरने को संबोधित करते हुए संगठन के प्रांतीय संरक्षक जगदीश पांडेय ठकुराई ने कहा कि यदि भारत को शिक्षा के क्षेत्र में विश्वस्तरीय बनाना है, तो “वन नेशन, वन एजुकेशन” और “वन नेशन, वन सर्विस कंडीशन” की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की सेवा शर्तों को कमजोर करने और सुविधाओं में कटौती करने से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती। साथ ही उन्होंने शिक्षा के निजीकरण और पूंजीवादी नीतियों का विरोध करते हुए सभी शिक्षकों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।

संगठन के संघर्ष से मिले शिक्षकों को अधिकार

प्रांतीय मंत्री डॉ. अजय कुमार पांडेय ने कहा कि ठकुराई गुट वर्षों से शिक्षा, शिक्षक और विद्यार्थियों के हितों की लड़ाई लड़ता आया है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षकों को जो अधिकार और सुविधाएं प्राप्त हैं, वे संगठन के लंबे संघर्ष का परिणाम हैं।

उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक संगठित नहीं रहेंगे तो उनकी सेवा शर्तों और अधिकारों पर संकट आ सकता है। उन्होंने शिक्षा के निजीकरण का विरोध करते हुए इसे रोकने के लिए व्यापक आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया।

शिक्षक निर्वाचन में संगठन को मजबूत करने की अपील

प्रांतीय मंत्री देवेंद्र प्रताप सिंह गौतम ने कहा कि संगठन हमेशा ईमानदारी, पारदर्शिता और संघर्ष के मार्ग पर चला है। उन्होंने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संगठन के अधिकृत प्रत्याशी सत्यपाल सिंह को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि मजबूत प्रतिनिधित्व से शिक्षकों की समस्याएं विधान परिषद तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी।

भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता की मांग

जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार एवं घूसखोरी पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों के

अधिकारों और सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें विधान परिषद में

प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता है, तो वे शिक्षकों की समस्याओं को

मजबूती से उठाएंगे और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

डीआईओएस ने दिया सकारात्मक आश्वासन

धरने के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक अजीत कुमार सिंह ने संगठन की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि

जिला स्तर पर लंबित सभी उचित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने यह भी

आश्वासन दिया कि शासन स्तर से संबंधित मांगों को तत्काल

सरकार के पास भेजा जाएगा, ताकि उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

बड़ी संख्या में शिक्षक हुए शामिल

धरने में पूर्व प्रांतीय मंत्री सुधाकर त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष दुर्गेश दत्त पाण्डेय, मंडल मंत्री डॉ. डी.एन.

पाण्डेय, महानगर अध्यक्ष घनश्याम तिवारी, वाचस्पति शुक्ला, महानंद द्विवेदी, अवनींद्र कुमार सिंह,

अतुल राय, डॉ. दिनेश गौतम सिंह, रामजी बागी, सुभाष यादव, श्रीकांत त्रिपाठी,

बालकृष्ण पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और पदाधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में संगठन ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना समाप्त करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

निष्कर्ष

गोरखपुर में आयोजित इस एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन के माध्यम से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) ने

शिक्षकों की सेवा शर्तों, शिक्षा व्यवस्था, पारदर्शिता और लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

अब शिक्षकों की नजर शासन और प्रशासन पर है कि उनकी मांगों पर कब तक ठोस कार्रवाई होती है।

FAQ

Q1. धरना किस संगठन ने आयोजित किया?

उत्तर: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) ने।

Q2. धरना कहाँ आयोजित हुआ?

उत्तर: जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय, गोरखपुर परिसर में।

Q3. संगठन ने कितनी मांगें रखीं?

उत्तर: कुल 31 सूत्रीय मांगें रखी गईं, जिनमें 21 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम और 11 सूत्रीय मांगपत्र जिला स्तर की समस्याओं से संबंधित था।

Q4. शिक्षकों की प्रमुख मांग क्या थी?

उत्तर: ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’, समान सेवा शर्तें, पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर रोक और शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा।

Q5. डीआईओएस ने क्या आश्वासन दिया?

उत्तर: जिला स्तर की समस्याओं के शीघ्र समाधान और शासन स्तर की मांगों को सरकार तक भेजने का आश्वासन दिया।

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