राकेश शर्मा की रिपोर्ट
धुरियापार रोड पर नया नाला तोड़ने से लोगों में नाराजगी
गोरखपुर के धुरियापार रोड के पूर्वी पटरी पर हाल ही में निर्मित नाले को पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा तोड़कर दोबारा नाली निर्माण कराए जाने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब नाला पूरी तरह नया और उपयोग योग्य था, तब उसे तोड़ने की क्या आवश्यकता थी। इस घटना को लेकर क्षेत्र में सरकारी धन की बर्बादी और कार्यों में पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं
पूर्व प्रधान रामसमुझ ने जताई कड़ी आपत्ति
करीब 20 वर्षों तक ग्राम प्रधान रहे रामसमुझ ने इस पूरे मामले पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बने विकास कार्यों को बिना ठोस कारण तोड़ना उचित नहीं है। यदि पहले निर्माण में कोई तकनीकी कमी थी तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने उठाए कई सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले नाला बनाने में सरकारी धन खर्च हुआ और अब उसी नाले को तोड़कर दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। इससे साफ प्रतीत होता है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी में गंभीर लापरवाही हुई है। ग्रामीणों ने पूछा कि यदि पहले निर्माण गलत था तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
निर्माण कार्य से लोगों को हो रही परेशानी
नाले के दोबारा निर्माण के कारण सड़क किनारे रहने वाले लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण सामग्री और मलबे के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या बढ़ने की आशंका भी स्थानीय लोगों ने जताई है।
विधायक और प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
पूर्व प्रधान रामसमुझ और स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्रीय विधायक तथा जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी इसी तरह सरकारी धन का दुरुपयोग होता रहेगा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।
पीडब्ल्यूडी विभाग का पक्ष आना बाकी
इस पूरे मामले में अभी तक पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विभाग का पक्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नए नाले को तोड़ने के पीछे तकनीकी कारण थे या किसी नई परियोजना के तहत निर्माण कराया जा रहा है। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।