छात्र देश का भविष्य हैं
फिशरमैन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभान निषाद ने देशहित और छात्रहित को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि छात्र किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य के निर्माता होते हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन और प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, इसलिए छात्रों की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
देशहित और छात्रहित सर्वोपरि: चंद्रभान निषाद
चंद्रभान निषाद ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में छात्रों की भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। यदि युवा अपनी समस्याओं को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार और समाज के सामने रखते हैं, तो उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का भविष्य होते हैं। इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार, प्रशासन और समाज सभी की जिम्मेदारी है।
26 जुलाई के बाद छात्रों पर कथित कार्रवाई को लेकर जताई चिंता
फिशरमैन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दावा किया कि 26 जुलाई 2026 के बाद आंदोलन में शामिल कुछ छात्रों को चिन्हित कर पुलिस द्वारा हिरासत में लेने और प्रताड़ित किए जाने की शिकायतें संगठन के संज्ञान में आई हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाएं हुई हैं तो उनकी निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। किसी भी निर्दोष छात्र के साथ अन्याय लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाए और यदि कहीं भी किसी स्तर पर गलत कार्रवाई हुई है तो कानून के अनुसार उचित कदम उठाए जाएं।
राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अभिजीत दीपके से विशेष अपील
चंद्रभान निषाद ने माननीय राहुल गांधी, माननीय अखिलेश यादव, अभिजीत दीपके सहित अन्य विपक्षी नेताओं और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे छात्रहित में आगे आएं और यदि किसी छात्र के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है तो उसे न्याय दिलाने के लिए प्रभावी पहल करें।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आवाज़ उठाई जाए। उनका कहना था कि छात्र किसी राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य पूंजी हैं, इसलिए छात्रहित के मुद्दे पर सभी दलों को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी जरूरी
चंद्रभान निषाद ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति उसके जागरूक नागरिकों और युवाओं में निहित होती है। यदि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हैं तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे संविधान और कानून का सम्मान करते हुए पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं अहिंसक तरीके से अपनी मांग रखें तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहें।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतंत्र की पहचान है और संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
प्रशासन से निष्पक्ष और संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग
फिशरमैन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रशासन से भी अपील की कि छात्रों से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की कार्रवाई आवश्यक हो तो वह कानून के दायरे में और उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए की जाए, ताकि किसी निर्दोष छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित कर अधिकांश समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।
डॉ. नरेंद्र सिंह यादव ने भी जताई चिंता
डॉ. नरेंद्र सिंह यादव, प्रबंध निदेशक, बच्चा राम यादव इंटरमीडिएट कॉलेज, ने कहा कि छात्र राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनका भविष्य सुरक्षित रखना सरकार, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में छात्रों की शिक्षा और करियर प्रभावित नहीं होना चाहिए। यदि कोई विवाद उत्पन्न होता है तो उसका समाधान संवेदनशीलता, संवाद और न्यायपूर्ण प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी छात्र का भविष्य अंधकारमय न हो।
फिशरमैन आर्मी की प्रमुख मांगें
फिशरमैन आर्मी ने छात्रहित में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं—
- छात्रों के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए।
- किसी भी निर्दोष छात्र के साथ प्रताड़ना या अन्याय न हो।
- दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
- छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
- जरूरतमंद छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
- सरकार, प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच संवाद स्थापित कर समस्याओं का समाधान निकाला जाए।
- छात्रों के भविष्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
संवाद और न्याय ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत
चंद्रभान निषाद ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि
वह अपने युवाओं और छात्रों की आवाज़ को कितनी गंभीरता से सुनता है। उन्होंने कहा कि टकराव नहीं बल्कि संवाद,
संवेदनशीलता और न्याय ही किसी भी विवाद का स्थायी समाधान है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फिशरमैन आर्मी संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और
कानून के शासन में पूर्ण विश्वास रखती है तथा हमेशा राष्ट्रहित, छात्रहित और
समाजहित के मुद्दों को शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से उठाती रहेगी।
निष्कर्ष
फिशरमैन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभान निषाद ने कहा कि छात्र
देश की सबसे बड़ी पूंजी और भविष्य के निर्माता हैं। उनके अधिकारों की रक्षा करना केवल
सरकार या प्रशासन की ही नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अभिजीत दीपके सहित सभी जनप्रतिनिधियों,
प्रशासन और सामाजिक संगठनों से अपील की कि यदि छात्रों के साथ किसी प्रकार का अन्याय हुआ है तो
उसकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराई जाए और प्रत्येक निर्दोष छात्र को न्याय मिले। साथ ही
उन्होंने छात्रों से संविधान और कानून का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण एवं
लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संवाद, न्याय और
संवेदनशीलता के माध्यम से ही छात्रों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है तथा
देश के युवाओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
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