गोरखपुर में प्रदेशस्तरीय बैठक, मत्स्य विभाग की योजनाओं से समाज को जोड़ने का लिया गया संकल्प

मत्स्य जीवी समिति राज्य मंत्री वीरू साहनी जी

गोरखनाथ स्थित कार्यालय में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सम्मानित साथियों के साथ आयोजित प्रदेशस्तरीय बैठक में समाज के विकास, संगठन की मजबूती तथा मत्स्यजीवी समुदाय के उत्थान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। यह बैठक केवल औपचारिक संवाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज के सामने मौजूद चुनौतियों, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श का मंच बनी।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव, समस्याएं और सुझाव साझा किए तथा समाजहित में समन्वित प्रयासों को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की।

प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे साथियों का हुआ आत्मीय स्वागत

बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए संगठन के पदाधिकारियों, समाजसेवियों और सम्मानित साथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान सभी ने संगठन की गतिविधियों, सामाजिक दायित्वों और भविष्य की योजनाओं पर विचार साझा किए।

बैठक में भाईचारे, सहयोग और एकजुटता का संदेश देते हुए सभी ने समाज के हित में निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प दोहराया।

मत्स्य विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

बैठक का प्रमुख उद्देश्य मत्स्य विभाग द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना रहा। उपस्थित साथियों को मत्स्य पालन, मत्स्य बीज वितरण, तालाब विकास, आधुनिक मत्स्य तकनीक, सरकारी अनुदान, बीमा योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

वक्ताओं ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब पात्र लाभार्थियों तक सही और समयबद्ध जानकारी पहुंचे। इसके लिए सभी पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाने और पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की अपील की गई।

समाज के विकास और संगठन की मजबूती पर हुई गंभीर चर्चा

बैठक में समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षा, रोजगार, युवाओं की भागीदारी, महिलाओं के सशक्तिकरण, संगठन विस्तार और सामाजिक एकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता और मजबूत संगठन होता है। यदि समाज संगठित रहेगा तो विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना अधिक आसान होगा।

मत्स्यजीवी समाज के हितों की रक्षा पर दिया गया विशेष जोर

बैठक के दौरान मत्स्यजीवी समाज के आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार के नए अवसर,

सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक अधिकारों पर भी गंभीर चर्चा की गई।

यह संकल्प दोहराया गया कि समाज के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक

सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संगठन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।

साथ ही संबंधित विभागों के साथ लगातार संवाद बनाए रखते हुए

समाज की समस्याओं के समाधान के प्रयास जारी रहेंगे।

युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि समाज के विकास में युवाओं और

महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। युवाओं को नेतृत्व से जोड़ने,

स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा महिलाओं को सरकारी योजनाओं से

जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विशेष प्रयास करने का आह्वान किया गया।

साथियों का विश्वास ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति

बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज के लोगों का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही

संगठन की सबसे बड़ी पूंजी है। यही विश्वास समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल बैठकें आयोजित करना नहीं,

बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक विकास, जागरूकता और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का लिया गया संकल्प

बैठक के समापन पर सभी उपस्थित साथियों ने समाजहित, जनकल्याण और संगठन की

मजबूती के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में संगठन और

अधिक सक्रिय होकर समाज के अधिकार, सम्मान और विकास के लिए कार्य करेगा।

साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि समाज सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और

प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

निष्कर्ष

गोरखपुर में आयोजित यह प्रदेशस्तरीय बैठक मत्स्यजीवी समाज के विकास, संगठन की

मजबूती और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

बैठक में लिए गए संकल्प भविष्य में समाज के आर्थिक,

सामाजिक और शैक्षिक उत्थान के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। यदि संगठन और समाज मिलकर

इसी तरह कार्य करते रहे तो अधिक से अधिक पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा और

मत्स्यजीवी समुदाय के समग्र विकास का मार्ग और अधिक मजबूत होगा।

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