परशुराम यादव की रिपोर्ट
आजादी के बाद भी सड़क से वंचित सैरो गांव
गोरखपुर जनपद के विकासखंड खजनी अंतर्गत ग्राम सभा सैरो के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के कई दशक बीत जाने के बावजूद गांव में आज तक पक्के रास्ते का निर्माण नहीं हो सका है। सड़क के अभाव में लोगों को हर दिन कीचड़ और जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है।
बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार गांव से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने सड़क निर्माण के लिए कई बार तहसील, ब्लॉक, जिला प्रशासन, सांसद, विधायक और संबंधित विभागों को लिखित एवं मौखिक शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उनका कहना है कि हर बार केवल आश्वासन मिला, लेकिन सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया गया। इससे गांव के लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

कीचड़ में गिरने से बच्चे का टूटा हाथ
ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में सैरो वनटोला के एक बच्चे का हाथ कीचड़ भरे गड्ढे में गिरने से टूट गया। उनका कहना है कि यदि गांव में पक्का रास्ता होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
हालांकि इस घटना की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण इसे सड़क की बदहाली का परिणाम बता रहे हैं।
मरीजों को चारपाई पर ले जाने की मजबूरी
ग्रामीणों के अनुसार सड़क न होने का सबसे अधिक असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि एंबुलेंस गांव के अंदर तक नहीं पहुंच पाती, जिससे गंभीर मरीजों को चारपाई पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का दावा है कि कई बार इलाज में देरी होने से मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने सड़क निर्माण को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

विकास के दावों पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सैरो गांव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह
जनपद गोरखपुर में स्थित है, लेकिन आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है।
उनका आरोप है कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं,
लेकिन गांव की वास्तविक स्थिति उन दावों से मेल नहीं खाती।
ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव को विकास योजनाओं में लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी
सड़क निर्माण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और
जिला अधिकारी गोरखपुर, खंड विकास अधिकारी खजनी तथा
अन्य संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं,
बल्कि जमीन पर सड़क निर्माण का कार्य शुरू होना चाहिए।
चक्का जाम और आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण शुरू नहीं कराया गया तो
वे लोकतांत्रिक तरीके से चक्का जाम और बड़ा आंदोलन करेंगे।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांव का सर्वे कर तत्काल सड़क निर्माण की
प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
प्रशासन का पक्ष
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में जिला प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से
कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन या जनप्रतिनिधियों का
पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
निष्कर्ष
खजनी के सैरो गांव में सड़क निर्माण की मांग कोई नई नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से
वे इस समस्या से जूझ रहे हैं और अब उनका धैर्य जवाब दे रहा है। यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं हुआ तो
यह मुद्दा बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
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