गोरखपुर: 8.50 लाख से बना आदर्श खेल मैदान बदहाल, कूड़ाघर और चारागाह में तब्दील,

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

विकासखंड गोला की ग्राम सभा बरईपुरा उर्फ पड़ौली में वर्ष 2020 में मनरेगा और राज्य वित्त आयोग की लगभग 8.50 लाख रुपये की लागत से विकसित किया गया आदर्श क्रीड़ा स्थल आज बदहाली का शिकार है। कभी ग्रामीण खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का प्रमुख केंद्र रहा यह मैदान अब गड्ढों, जलभराव, घास-फूस और कूड़े-करकट से भर गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रखरखाव के अभाव में यह खेल मैदान अब कूड़ाघर और पशुओं के चारागाह में तब्दील हो चुका है।

करीब दो एकड़ क्षेत्रफल में फैला यह खेल मैदान गोला ब्लॉक मुख्यालय और आनंद विद्यापीठ इंटर कॉलेज के निकट स्थित है। यहां पहले फुटबॉल, क्रिकेट सहित ब्लॉक, तहसील, जनपद और राज्य स्तर की ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, लेकिन अब इसकी हालत ऐसी हो गई है कि खिलाड़ी अभ्यास करने से भी बचने लगे हैं।

वर्ष 2020 में हुआ था उद्घाटन

जून 2020 में इस खेल मैदान का उद्घाटन तत्कालीन दर्जा प्राप्त राज्य खेल मंत्री विभ्राट चन्द कौशिक ने किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि प्रदेश सरकार युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से नवयुवक मंगल दल का गठन कर ग्रामीण युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने की अपील भी की थी।

तत्कालीन ग्राम प्रधान संपूर्णानंद पांडेय के अनुसार वर्ष 2019-20 में राज्य वित्त आयोग और मनरेगा की धनराशि से मैदान का समतलीकरण कराया गया था। मैदान में लोहे की ग्रिल, तारबाड़, मुख्य गेट और ओपन जिम जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई थीं।

रखरखाव के अभाव में बदहाल हुआ मैदान

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के बाद खेल मैदान के नियमित रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप मैदान में जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, बरसात में जलभराव हो जाता है और पूरे परिसर में घास-फूस तथा कूड़ा जमा रहता है।

मैदान की बदहाल स्थिति का असर खिलाड़ियों के साथ-साथ आसपास के लोगों पर भी पड़ रहा है। परिसर में स्थित

वंशक्ति माता मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

खिलाड़ियों ने रखी मिनी स्टेडियम बनाने की मांग

प्रतिदिन मैदान में अभ्यास करने आने वाले राहुल, गोलू, आदर्श बाबा, नितेश,

मल्लू, शुभम, आशुतोष राय, आशीष, हरिकेश और अंकित सहित पुलिस भर्ती एवं

अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने बताया कि यह मैदान कभी

दक्षिणांचल के प्रमुख खेल मैदानों में गिना जाता था, लेकिन आज इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है।

खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि मैदान की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए,

नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए और भविष्य में इसे मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित किया जाए,

ताकि ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकें।

बीडीओ ने दिए सुधार के निर्देश

खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) दिवाकर सिंह ने बताया कि खेल मैदान की

बदहाल स्थिति को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को मैदान की

साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि जल्द ही मैदान को व्यवस्थित कर खिलाड़ियों के लिए

बेहतर और सुरक्षित खेल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन के आश्वासन के बाद

वर्षों से उपेक्षित पड़े इस खेल मैदान की तस्वीर बदलेगी और

यह एक बार फिर ग्रामीण युवाओं के खेल और प्रतिभा विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।

FAQ

Q1. यह खेल मैदान कहां स्थित है?
उत्तर: गोरखपुर जिले के गोला विकासखंड की ग्राम सभा बरईपुरा उर्फ पड़ौली में।

Q2. खेल मैदान का निर्माण कब हुआ था?
उत्तर: वर्ष 2020 में मनरेगा और राज्य वित्त आयोग की लगभग 8.50 लाख रुपये की लागत से।

Q3. वर्तमान में मैदान की क्या स्थिति है?
उत्तर: मैदान गड्ढों, जलभराव, घास-फूस और कूड़े-करकट से भरा हुआ है तथा रखरखाव के अभाव में बदहाल हो चुका है।

Q4. प्रशासन ने क्या कहा है?
उत्तर: बीडीओ गोला दिवाकर सिंह ने बताया कि मैदान की साफ-सफाई और मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं तथा जल्द ही खिलाड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

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