राकेश शर्मा की रिपोर्ट
आईजीआरएस शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
गोरखपुर जिले के गोला उपनगर क्षेत्र स्थित कम्पोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोपालपुर द्वितीय में कार्यरत सहायक अध्यापक विनोद कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति किए जाने का मामला सामने आया है। यह कार्रवाई आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच पूरी होने के बाद की गई है। शिकायत में शिक्षक की सोशल मीडिया गतिविधियों, विभागीय छवि को प्रभावित करने वाले कथित व्यवहार और कार्यशैली को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं।
मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) गोला को सौंपी गई थी। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, सोशल मीडिया पोस्ट, शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और विद्यालय से जुड़े अभिलेखों का परीक्षण किया गया। जांच पूरी होने के बाद तैयार रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को भेज दी गई है। अब पूरे मामले में अंतिम निर्णय बीएसए स्तर पर लिया जाएगा।
सोशल मीडिया गतिविधियों और कार्यशैली की हुई विस्तृत जांच
आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई। खंड शिक्षा अधिकारी ने शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और सोशल मीडिया से जुड़े साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया।
जांच के दौरान यह भी देखा गया कि संबंधित शिक्षक द्वारा सार्वजनिक मंचों पर की गई कुछ टिप्पणियां और सोशल मीडिया पोस्ट सरकारी कर्मचारियों के सेवा एवं आचरण नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। इसके अलावा विद्यालय में उनकी कार्यशैली, पूर्व निरीक्षणों के दौरान प्राप्त शिकायतों तथा विभागीय अभिलेखों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया।
अधिकारियों ने उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया।
जांच रिपोर्ट में कर्मचारी आचरण नियमों का किया गया उल्लेख
खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा तैयार जांच आख्या में उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि संबंधित शिक्षक का कथित आचरण कर्मचारी आचरण नियमों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पाया गया। रिपोर्ट में विभागीय छवि को प्रभावित करने वाले कथित व्यवहार का भी जिक्र किया गया है।
इसी आधार पर बीईओ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए अपनी रिपोर्ट भेज दी है। हालांकि अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है और यह पूरी तरह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभागीय प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है और सभी उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षक से पहले मांगा गया था स्पष्टीकरण
सूत्रों के अनुसार विभागीय जांच के दौरान संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण भी मांगा गया था।
शिक्षक द्वारा प्रस्तुत जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों का अधिकारियों ने विस्तार से परीक्षण किया।
इसके बाद जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की।
अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जांच रिपोर्ट, शिक्षक के स्पष्टीकरण और उपलब्ध
अभिलेखों का परीक्षण करेंगे। यदि जांच में लगाए गए आरोप नियमों के अनुसार प्रमाणित पाए जाते हैं तो
नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि परीक्षण के दौरान
अलग निष्कर्ष सामने आते हैं तो उसी के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।
इस कारण फिलहाल पूरे मामले में अंतिम आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवा एवं आचरण नियमों का पालन क्यों जरूरी?
शिक्षा विभाग समय-समय पर सभी सरकारी कर्मचारियों को सेवा एवं आचरण नियमों के पालन के संबंध में
दिशा-निर्देश जारी करता रहता है। विशेष रूप से सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर शासन की
ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी कर्मचारी ऐसा व्यवहार या टिप्पणी न करे
जिससे विभाग की छवि प्रभावित हो या सेवा नियमों का उल्लंघन हो।
यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत प्राप्त होती है तो विभाग पहले तथ्यों की जांच करता है। जांच के दौरान
संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाता है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर
जांच रिपोर्ट तैयार की जाती है और सक्षम अधिकारी द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाता है।
इसी प्रक्रिया के तहत गोला क्षेत्र के इस मामले में भी जांच पूरी कर
रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी गई है।
बीएसए के अंतिम फैसले पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा लिया जाना शेष है।
शिक्षा विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट, शिक्षक का स्पष्टीकरण और अन्य उपलब्ध
अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो विभागीय कार्रवाई की जा सकती है, जबकि पर्याप्त
स्पष्टीकरण मिलने या अन्य तथ्यों के सामने आने पर निर्णय अलग भी हो सकता है।
इसलिए फिलहाल इस मामले में बीएसए के अंतिम आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
FAQ
Q1. यह मामला किस जिले से जुड़ा है?
उत्तर: यह मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला क्षेत्र स्थित कम्पोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोपालपुर द्वितीय से जुड़ा है।
Q2. शिक्षक के खिलाफ शिकायत किस विषय में की गई थी?
उत्तर: शिकायत सोशल मीडिया गतिविधियों, कथित कार्यशैली और विभागीय छवि को प्रभावित करने वाले व्यवहार से संबंधित थी।
Q3. जांच किस अधिकारी ने की?
उत्तर: मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) गोला द्वारा की गई।
Q4. अब आगे क्या होगा?
उत्तर: अंतिम निर्णय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) जांच रिपोर्ट, उपलब्ध अभिलेखों और शिक्षक के स्पष्टीकरण का परीक्षण करने के बाद लेंगे।
read this post :69 हजार शिक्षक भर्ती पर लखनऊ में बवाल: शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव, पुलिस से धक्का-मुक्की, कई अभ्यर्थी हिरासत में