मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ 38वां दीक्षांत समारोह
मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के 38वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भरता, नवाचार और उद्यमिता का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे उद्यम विकसित करें जो दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को डिग्रियां और पदक भी प्रदान किए गए।
युवाओं को दिया आत्मनिर्भर भारत का संदेश
अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि देश के विकास में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा का उपयोग समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि नई पीढ़ी को नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सामाजिक दायित्व और सेवा की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उनका कहना था कि शिक्षा तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
मेधावी विद्यार्थियों को मिली डिग्रियां और सम्मान
दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के सफल विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध उपाधियां प्रदान की गईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और अन्य सम्मान देकर उनके शैक्षणिक योगदान की सराहना की गई। समारोह में विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षक, शोधार्थी, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर बल
राज्यपाल ने कहा कि आज का समय तकनीक और नवाचार का है। उन्होंने विद्यार्थियों से नए विचारों को व्यवसाय और सामाजिक समाधान में बदलने की अपील करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को भी स्टार्टअप और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना चाहिए। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षित युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, परिश्रम और नवाचार के साथ अपने कौशल का उपयोग राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया।
निष्कर्ष
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन
पटेल का संदेश केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं था, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर,
नवाचारी और रोजगार सृजक बनने की प्रेरणा देने पर केंद्रित रहा। उनके संबोधन ने शिक्षा,
उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने पर जोर दिया।
FAQ
Q1. दीक्षांत समारोह कहां आयोजित हुआ?
उत्तर: मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के 38वें दीक्षांत समारोह में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।
Q2. मुख्य अतिथि कौन थीं?
उत्तर: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि थीं।
Q3. राज्यपाल ने विद्यार्थियों को क्या संदेश दिया?
उत्तर: उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार
सृजित करने वाले बनने और उद्यमिता को अपनाने का आह्वान किया।
Q4. समारोह में क्या-क्या हुआ?
उत्तर: विद्यार्थियों को डिग्रियां और मेधावी छात्रों को पदक एवं सम्मान प्रदान किए गए।
Q5. राज्यपाल ने किन विषयों पर विशेष जोर दिया?
उत्तर: उन्होंने आत्मनिर्भरता, नवाचार, स्टार्टअप, नैतिक मूल्य, सामाजिक जिम्मेदारी और
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका पर विशेष बल दिया।
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