उरुवा में भूजल संरक्षण पर मंथन, BDO बोले– हर बूंद बचाना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

भूजल सप्ताह के तहत विकासखंड सभागार में आयोजित हुई जागरूकता गोष्ठी

गोरखपुर जनपद के विकासखंड उरुवा में मंगलवार को भूजल सप्ताह के अवसर पर “भूजल सर्वेक्षण एवं संरक्षण” विषय पर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विकासखंड सभागार में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी (BDO) सत्य प्रकाश सिंह ने की। गोष्ठी का उद्देश्य तेजी से गिरते भूजल स्तर के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना था। कार्यक्रम में विकासखंड के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, कर्मचारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

BDO ने जताई भविष्य की चिंता

खंड विकास अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में भूजल का लगातार गिरता स्तर देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। यदि अभी से जल संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में पीने के पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पानी की हर बूंद का महत्व समझें और अनावश्यक जल बर्बादी को तुरंत रोकें।

हर बूंद बचाने का दिया संदेश

उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है और इसका संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। घरों, स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर जल बचाने की आदत विकसित करनी होगी। वर्षा जल संचयन, तालाबों का संरक्षण, पुराने जल स्रोतों का पुनर्जीवन तथा वृक्षारोपण जैसे उपाय भूजल स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

जनभागीदारी से ही सफल होगा अभियान

BDO ने कहा कि प्रशासन विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रहा है, लेकिन इन योजनाओं की सफलता तभी संभव है जब आम जनता भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों और युवाओं से अपने-अपने गांवों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।

भूजल सर्वेक्षण की उपयोगिता पर हुई चर्चा

गोष्ठी में विशेषज्ञों ने भूजल सर्वेक्षण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण से यह पता चलता है कि किस क्षेत्र में भूजल स्तर कितना नीचे जा चुका है और किन उपायों से उसे पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसी आधार पर भविष्य की जल संरक्षण योजनाएं तैयार की जाती हैं, जिससे संभावित जल संकट को कम किया जा सके।

जल संरक्षण के लिए बताए गए प्रभावी उपाय

कार्यक्रम में प्रत्येक सरकारी एवं निजी भवन में वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाने,

खेतों में आधुनिक जल संरक्षण तकनीकों का उपयोग करने, तालाबों एवं

पोखरों की नियमित सफाई कराने तथा भूजल रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण पर

विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भविष्य में बड़े परिणाम दे सकते हैं।

अधिकारियों की रही सक्रिय सहभागिता

गोष्ठी में एडीओ पंचायत सभाजीत यादव, सदानंद, राघवेन्द्र, विनोद कुमार, कृष्णमोहन, संदीप कुमार सहित

विकासखंड के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने जल संरक्षण के प्रति लोगों को

जागरूक करने का संकल्प लिया और इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही।

निष्कर्ष

भूजल संरक्षण आज केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से

जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। विकासखंड उरुवा में आयोजित यह गोष्ठी लोगों को

जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

यदि प्रशासन और समाज मिलकर जल संरक्षण के उपायों को अपनाते हैं, तो

भविष्य में जल संकट से काफी हद तक बचा जा सकता है।

💧 क्या आपके क्षेत्र में भी भूजल स्तर लगातार गिर रहा है?अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं।

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