15 साल में ही जर्जर हुए कांशीराम आवास, दो फ्लैटों की छत गिरने से उठे गंभीर सवाल

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले की ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित कांशीराम आवास योजना में महज 15 साल पहले बने दो फ्लैटों की छत ढहने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बारिश के दौरान हुई इस घटना के बाद आवास में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय फ्लैटों में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई।

घटना के बाद नगर पालिका प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भवन की मजबूती और गुणवत्ता की जांच के लिए समिति गठित करने और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से तकनीकी परीक्षण कराने का निर्णय लिया है।

बारिश के दौरान गिरी दो फ्लैटों की छत

जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के बीच ब्लॉक संख्या 40 और 41 के दो फ्लैटों की छत अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि उस समय दोनों फ्लैट खाली थे, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन इस घटना के बाद आसपास रहने वाले परिवारों में डर का माहौल बन गया है।

50 करोड़ की लागत से बनी थी आवास योजना

उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने शहरी गरीब आवास योजना के तहत लगभग 1,000 फ्लैटों का निर्माण कराया था। परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था और निर्माण कार्य 2011 में पूरा हुआ। कंक्रीट से बने इन भवनों की सामान्य आयु कई दशकों तक मानी जाती है, लेकिन केवल 15 वर्षों में छतों के ढहने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

सीलन, दरारें और बाहर निकली सरिया बनी चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई फ्लैटों में लंबे समय से सीलन, दीवारों में दरारें, प्लास्टर झड़ने और सरिया बाहर निकलने जैसी समस्याएं हैं। बारिश के दौरान छतों से पानी टपकने और जलभराव की शिकायतें भी लगातार मिल रही थीं।

पीडब्ल्यूडी करेगी तकनीकी जांच

नगर पालिका ने पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर भवन की तकनीकी जांच कराने की सिफारिश की है। जांच के दौरान भवन की नींव, बीम, छत, दीवारों की स्थिति, झुकाव, दरारों और अन्य संरचनात्मक पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। यदि भवन असुरक्षित पाया जाता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निवासियों में हादसे का डर

आवास में रहने वाले लोगों का कहना है कि छत गिरने की घटना के बाद वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि रात में भी हादसे का डर बना रहता है और

प्रशासन को जल्द से जल्द जांच पूरी कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

सेवानिवृत्त अभियंताओं का कहना है कि यदि कंक्रीट से बने भवन की छत इतनी कम

अवधि में क्षतिग्रस्त हो जाए तो यह निर्माण सामग्री या निर्माण मानकों की गुणवत्ता की ओर संकेत करता है।

हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

निष्कर्ष

सिद्धार्थनगर के कांशीराम आवास में दो फ्लैटों की छत गिरने की घटना ने सरकारी

आवास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और

रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि

उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएंगे।

FAQ

Q1. यह घटना कहां हुई?
यह घटना सिद्धार्थनगर की ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित कांशीराम आवास योजना में हुई।

Q2. कितने फ्लैटों की छत गिरी?
बारिश के दौरान दो फ्लैटों की छत ढह गई।

Q3. क्या इस हादसे में कोई घायल हुआ?
नहीं, घटना के समय फ्लैट खाली होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई।

Q4. प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?
नगर पालिका ने जांच समिति गठित की है और पीडब्ल्यूडी से भवन की तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया है

🏠 क्या सरकारी आवास योजनाओं की गुणवत्ता की नियमित जांच अनिवार्य होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।

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