613 अंक और ऑल इंडिया रैंक 6567 के साथ डॉक्टर बनने के सपने की ओर बढ़ाया

गोरखपुर राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर की बेटी ने बढ़ाया जिले का गौरव

$गोरखपुर जिले के गोला क्षेत्र के ग्राम पटौहा की बेटी कृतिका दुबे ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET 2026 में शानदार सफलता हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। कृतिका ने अपने पहले ही प्रयास में 613 अंक प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6567 हासिल की है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के बाद परिवार, शिक्षकों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हर ओर से उन्हें बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं मिल रही हैं।

बचपन से पढ़ाई में रहीं मेधावी

कृतिका दुबे शुरू से ही पढ़ाई में होनहार छात्रा रही हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मां सरस्वती देवी शिक्षा संस्थान, पटौहा से प्राप्त की। इसके बाद कक्षा 9 और 10 की पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर बालिका विद्यालय, सूर्यकुण्ड, गोरखपुर से पूरी की। इंटरमीडिएट की शिक्षा एक निजी विद्यालय से पूरी करने के बाद उन्होंने डॉक्टर बनने के अपने लक्ष्य पर पूरी मेहनत के साथ ध्यान केंद्रित किया।

पहले प्रयास में हासिल की बड़ी सफलता

NEET देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। ऐसे में पहले ही प्रयास में 613 अंक और AIR 6567 प्राप्त करना कृतिका की कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने नियमित अध्ययन, सही रणनीति और समय प्रबंधन के बल पर यह सफलता हासिल की।

कोचिंग और अनुशासित तैयारी का मिला लाभ

स्कूली शिक्षा के साथ-साथ कृतिका ने एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से भी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। उन्होंने कठिन विषयों पर विशेष ध्यान दिया और नियमित मॉक टेस्ट व रिवीजन के माध्यम से अपनी तैयारी को मजबूत बनाया। उनकी सफलता यह साबित करती है कि अनुशासित अध्ययन और निरंतर अभ्यास से बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

परिवार का मिला पूरा सहयोग

कृतिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने बड़े पिता संतोष कुमार दुबे, माता-पिता और पूरे परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया और पढ़ाई के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया। परिवार के सहयोग और विश्वास ने उन्हें हर चुनौती का सामना करने की प्रेरणा दी।

दिवंगत बाबा का सपना किया साकार

कृतिका ने बताया कि उनके दिवंगत बाबा स्वर्गीय राम उजागिर दुबे का सपना था कि परिवार से कोई डॉक्टर बने और समाज की सेवा करे। उन्होंने कहा कि यह सफलता उनके बाबा के सपने को पूरा करने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है। अब उनका लक्ष्य एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेकर एक कुशल और संवेदनशील डॉक्टर बनना है।

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करने की कृतिका की कहानी अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और आत्मविश्वास बनाए रखा जाए तो सफलता अवश्य मिलती है।

जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने दी शुभकामनाएं

कृतिका की सफलता पर क्षेत्र के विधायक राजेश त्रिपाठी सहित कई जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें बधाई दी। सभी ने कहा कि उनकी उपलब्धि गोरखपुर के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है और इससे क्षेत्र के अन्य छात्र-छात्राओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल

कृतिका की सफलता के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है।

परिजन मिठाइयां बांटकर जश्न मना रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि

कृतिका ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिश्रम,

अनुशासन और मजबूत इरादों के दम पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

निष्कर्ष

NEET 2026 में कृतिका दुबे की सफलता केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे

गोरखपुर जिले के लिए गर्व का विषय है। पहले ही प्रयास में 613 अंक और AIR 6567 हासिल कर उन्होंने

यह साबित कर दिया कि मेहनत और समर्पण के साथ बड़े सपने सच किए जा सकते हैं।

उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

FAQ

Q1. कृतिका दुबे ने NEET 2026 में कितने अंक प्राप्त किए?

उत्तर: कृतिका दुबे ने 613 अंक प्राप्त किए हैं।

Q2. कृतिका दुबे की ऑल इंडिया रैंक (AIR) क्या रही?

उत्तर: उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6567 हासिल की है।

Q3. कृतिका दुबे किस जिले की रहने वाली हैं?

उत्तर: वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला क्षेत्र के ग्राम पटौहा की निवासी हैं।

Q4. कृतिका ने अपनी सफलता का श्रेय किसे दिया?

उत्तर: उन्होंने अपने बड़े पिता संतोष कुमार दुबे, माता-पिता, परिवार और शिक्षकों के सहयोग को अपनी सफलता का श्रेय दिया।

Q5. कृतिका दुबे का अगला लक्ष्य क्या है?

उत्तर: उनका लक्ष्य एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेकर सफल डॉक्टर बनना और समाज की सेवा करना है।

Q6. कृतिका की सफलता से विद्यार्थियों को क्या सीख मिलती है?

उत्तर: उनकी सफलता यह सिखाती है कि सही रणनीति, नियमित मेहनत, अनुशासन और

आत्मविश्वास के साथ किसी भी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

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