उत्तर प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 17 जुलाई से 22 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होगा, जिससे लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
अगले छह दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 17 जुलाई से शुरू होने वाला बारिश का दौर अगले छह दिनों तक जारी रह सकता है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होने से मानसून की गतिविधियां लगातार बढ़ेंगी।
इन जिलों में भारी बारिश के अधिक आसार
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश से बारिश की शुरुआत होगी, जिसके बाद अगले 48 घंटों में इसका असर मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंच जाएगा। तराई क्षेत्र सहित कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। पिछले कुछ दिनों से कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा था, लेकिन अब मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
प्रयागराज रहा सबसे गर्म, कई जिलों में हुई अच्छी बारिश
हाल के दिनों में प्रयागराज का अधिकतम तापमान लगभग 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं अंबेडकर नगर, हमीरपुर, मथुरा, अयोध्या और गोरखपुर समेत कई जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे स्थानीय लोगों को गर्मी से राहत मिली।
किसानों के लिए राहत की खबर
मानसून के दोबारा सक्रिय होने से धान, मक्का, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों की खेती को लाभ मिलने की उम्मीद है। पर्याप्त वर्षा होने से खेतों में नमी बढ़ेगी और सिंचाई की आवश्यकता कम होगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ सीजन के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकती है।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका
भारी बारिश के दौरान लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और अन्य बड़े शहरों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने स्थानीय निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने की आशंका के
समय खुले स्थानों में न रुकने और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
किसानों को भी मौसम के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से अगले छह दिनों तक अच्छी
बारिश की संभावना है। इससे एक ओर लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत
मिलेगी तो दूसरी ओर किसानों को भी फायदा होगा। हालांकि
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की
आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
FAQ
Q1. उत्तर प्रदेश में मानसून कब से फिर सक्रिय होगा?
उत्तर: मौसम विभाग के अनुसार 17 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होगा और
22 जुलाई तक प्रभावी रहने की संभावना है।
Q2. यूपी में कितने दिनों तक बारिश होने की संभावना है?
उत्तर: अगले छह दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की, मध्यम और
कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
Q3. किन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है?
उत्तर: पूर्वी उत्तर प्रदेश, तराई क्षेत्र तथा बाद में मध्य और पश्चिमी
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश के आसार हैं।
Q4. तापमान में कितना बदलाव आएगा?
उत्तर: लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
Q5. क्या किसानों को इस बारिश से फायदा होगा?
उत्तर: हां, खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है
क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और सिंचाई की जरूरत कम होगी।
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