तिहाड़ जेल का खाना क्यों चर्चा में है?
दिल्ली की तिहाड़ जेल एक बार फिर अपने भोजन को लेकर सुर्खियों में है। हाल ही में न्यायिक हिरासत में बंद एक विदेशी नागरिक ने अदालत में याचिका दाखिल कर दावा किया कि जेल का नियमित भोजन उनके स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है। इसके बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा कि आखिर भारत की सबसे बड़ी जेलों में शामिल तिहाड़ जेल में कैदियों को क्या खाना दिया जाता है, भोजन की गुणवत्ता कैसे तय होती है और क्या सभी कैदियों को एक जैसा भोजन मिलता है।
तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेल परिसरों में हजारों कैदी बंद हैं। इतने बड़े स्तर पर प्रतिदिन भोजन तैयार करने के लिए दिल्ली जेल मैनुअल के तहत विस्तृत नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन जेल प्रशासन के लिए अनिवार्य है।
तिहाड़ जेल में कैदियों को क्या खाना मिलता है?
दिल्ली जेल मैनुअल के अनुसार जो कैदी स्वयं भोजन की व्यवस्था नहीं करते, उन्हें जेल प्रशासन प्रतिदिन निर्धारित डाइट के अनुसार भोजन उपलब्ध कराता है। सामान्य रूप से दिन में तीन बार भोजन दिया जाता है।
सुबह का भोजन
- चाय
- निर्धारित मात्रा में रोटी
- दाल
- सब्जी
- आवश्यक मात्रा में तेल का उपयोग
दोपहर का नाश्ता
- उबला या भुना चना
- चाय
रात्रि भोजन
- रोटी
- दाल
- चावल
- मौसमी सब्जी
इसके अलावा समय-समय पर अंडा, सोयाबीन, दूध तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी निर्धारित श्रेणी के कैदियों को उपलब्ध कराए जाते हैं ताकि आवश्यक पोषण मिल सके।
क्या सभी कैदियों को एक जैसा भोजन मिलता है?
नहीं। दिल्ली जेल मैनुअल में अलग-अलग श्रेणियों के कैदियों के लिए अलग डाइट निर्धारित की गई है।
इनमें शामिल हैं—
- श्रम करने वाले पुरुष कैदी
- बिना श्रम वाले पुरुष कैदी
- श्रम करने वाली महिला कैदी
- बिना श्रम वाली महिला कैदी
- छोटे बच्चों के साथ रहने वाली महिला कैदी
- जेल परिसर में रहने वाले बच्चे
प्रत्येक श्रेणी की शारीरिक आवश्यकता और कार्य के अनुसार भोजन की मात्रा तय की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर इंस्पेक्टर जनरल जेल प्रशासन की अनुमति से डाइट में बदलाव भी कर सकते हैं।
बीमार कैदियों के लिए अलग भोजन की व्यवस्था
यदि किसी कैदी की तबीयत खराब होती है या डॉक्टर यह मानते हैं कि सामान्य भोजन उसके लिए उपयुक्त नहीं है, तो मेडिकल ऑफिसर विशेष डाइट लिख सकते हैं। यह विशेष भोजन केवल चिकित्सकीय कारणों से दिया जाता है।
जेल नियमों के अनुसार किसी कैदी को दंड देने के उद्देश्य से भोजन कम या ज्यादा नहीं किया जा सकता। मेडिकल जरूरत होने पर दूध, हल्का भोजन या अन्य विशेष आहार उपलब्ध कराया जाता है।
कैसे सुनिश्चित होती है भोजन की गुणवत्ता?
दिल्ली जेल मैनुअल के अनुसार भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है।
इसके तहत—
- सभी कैदियों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन दिया जाता है।
- भोजन साफ-सफाई के साथ तैयार किया जाता है।
- पीने योग्य स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाता है।
- खराब या बासी भोजन परोसने की अनुमति नहीं होती।
- मेडिकल ऑफिसर नियमित रूप से भोजन की गुणवत्ता जांचते हैं।
- सप्ताह में कम से कम एक बार भोजन का वजन और गुणवत्ता परीक्षण किया जाता है।
- जेल अधीक्षक भी नियमित निरीक्षण करते हैं।
तिहाड़ जेल का भोजन चर्चा में क्यों आया?
हाल के दिनों में एक विदेशी कैदी द्वारा अदालत में यह शिकायत की गई कि जेल का भोजन उसके स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है और वह अपना भोजन स्वयं बनाना चाहता है। इस मामले के बाद तिहाड़ जेल की भोजन व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई।
हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि भोजन दिल्ली जेल मैनुअल के अनुसार तैयार किया जाता है और सभी पोषण मानकों का पालन किया जाता है।
मुख्य बातें,
- तिहाड़ जेल में प्रतिदिन तीन समय भोजन दिया जाता है।
- भोजन दिल्ली जेल मैनुअल के अनुसार तैयार होता है।
- सुबह चाय, रोटी, दाल और सब्जी दी जाती है।
- दोपहर में चना और चाय भी शामिल होती है।
- रात में रोटी, दाल, चावल और सब्जी परोसी जाती है।
- बीमार कैदियों को डॉक्टर की सलाह पर अलग डाइट मिल सकती है।
- भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाती है।
- जेल प्रशासन पोषण और स्वच्छता के नियमों का पालन करता है।
FAQ,
1. तिहाड़ जेल में कैदियों को दिन में कितनी बार भोजन मिलता है?
सामान्य तौर पर कैदियों को दिन में तीन बार भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
2. क्या सभी कैदियों का भोजन एक जैसा होता है?
नहीं। अलग-अलग श्रेणी के कैदियों के लिए अलग डाइट स्केल निर्धारित किया गया है।
3. क्या बीमार कैदियों को अलग भोजन मिलता है?
हाँ। मेडिकल ऑफिसर की सलाह पर विशेष डाइट दी जा सकती है।
4. तिहाड़ जेल के भोजन की जांच कौन करता है?
मेडिकल ऑफिसर और जेल अधीक्षक नियमित रूप से भोजन की गुणवत्ता और मात्रा की जांच करते हैं।
5. तिहाड़ जेल का खाना चर्चा में क्यों है?
एक विदेशी कैदी द्वारा भोजन को लेकर अदालत में शिकायत दर्ज कराने के बाद यह विषय फिर चर्चा में आया
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