20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान: जंतर-मंतर से निकलेगा प्रदर्शन, सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके करेंगे नेतृत्व

20 जुलाई को संसद मार्च की घोषणा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party – CJP) ने 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है। यह मार्च संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित करने की योजना है। संगठन ने देशभर के छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों से इसमें शामिल होने की अपील की है।

सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके करेंगे नेतृत्व

CJP के अनुसार, इस मार्च का नेतृत्व जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके करेंगे। सोनम वांगचुक पिछले कुछ दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनके स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई है और उनका वजन भी कम हुआ है।

क्या हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें?

आंदोलनकारी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाना चाहिए।

संगठन का यह भी कहना है कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और वहां जनता की चिंताओं को उठाया जाना चाहिए।

जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से धरना जारी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खराब मौसम और लगातार बारिश के बावजूद उन्हें कई बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने कहा कि वह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखता रहेगा।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज

संसद मार्च की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर इस आंदोलन को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक समूहों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ संगठनों ने मार्च का समर्थन किया है, जबकि अन्य ने सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया है।

आगे क्या होगा?

20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के दौरान प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था,

प्रदर्शनकारियों की भागीदारी और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल संगठन ने कहा है कि

मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखी जाएंगी।

निष्कर्ष

20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च ने छात्र आंदोलन को नई दिशा दे दी है। जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित

यह मार्च शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधार जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास माना जा रहा है।

अब देखना होगा कि इस आंदोलन पर सरकार और संबंधित संस्थाएं क्या रुख अपनाती हैं।

FAQ

Q1. संसद मार्च कब निकाला जाएगा?
20 जुलाई को, संसद के मानसून सत्र के पहले दिन।

Q2. मार्च का नेतृत्व कौन करेगा?
सोनम वांगचुक और CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके।

Q3. आंदोलन की मुख्य मांग क्या है?
परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही।

Q4. प्रदर्शन कहां चल रहा है?
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर।

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