जालौन कोल्ड स्टोरेज विवाद में नया मोड़, रिंकू सिंह राही ने रखा अपना पक्ष
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कोल्ड स्टोरेज निरीक्षण के दौरान हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। पूर्व उप जिलाधिकारी (एसडीएम) रिंकू सिंह राही ने मामले की जांच कर रहे अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के समक्ष अपना विस्तृत पक्ष रखा है। उन्होंने 17 बिंदुओं में लिखित जवाब और कई दस्तावेजी साक्ष्य जमा किए हैं। राही का दावा है कि निरीक्षण के दौरान उन्हें कथित रूप से धमकी और प्रलोभन देने की कोशिश की गई थी।
यह मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
क्या है पूरा मामला?
23 जून को जालौन क्षेत्र स्थित एक कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण के दौरान तत्कालीन एसडीएम रिंकू सिंह राही और जालौन ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन के बीच विवाद हो गया था। इस घटना के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा और जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की जांच अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को सौंप दी।
जांच के दौरान संबंधित पक्षों से दस्तावेज, रिकॉर्ड और लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया। इसी क्रम में रिंकू सिंह राही ने अपना विस्तृत जवाब जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया है।
रिंकू सिंह राही ने क्या लगाए आरोप?
अपने लिखित जवाब में रिंकू सिंह राही ने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोल्ड स्टोरेज का पंजीकरण, लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे थे, लेकिन उन्हें समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान उन्हें कार्यालय के अंदर बुलाकर ऐसी बातें कही गईं जिन्हें उन्होंने अनुचित और नियमों के विपरीत बताया। राही के अनुसार उस दौरान उन्हें कथित रूप से धमकी और प्रलोभन जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने अपने जवाब में यह भी कहा कि यदि जांच में सभी तथ्यों की पुष्टि होती है, तो मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
जांच अधिकारी के पास पहुंचे दस्तावेज और साक्ष्य
रिंकू सिंह राही ने जांच अधिकारी को 17 बिंदुओं में विस्तृत उत्तर सौंपा है। बताया जा रहा है कि इसके साथ उन्होंने कई दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
जांच अधिकारी अब सभी संबंधित पक्षों के बयान, दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करेंगे।
इसके बाद अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी,
जिसके आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय हो सकती है।
आगे क्या हो सकता है?
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और
सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है। यदि जांच में
किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं, तो
संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है, तो जांच रिपोर्ट उसी आधार पर तैयार की जाएगी।
फिलहाल मामले की अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और प्रशासनिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
जालौन कोल्ड स्टोरेज निरीक्षण विवाद अब प्रशासनिक जांच के महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है।
पूर्व एसडीएम रिंकू सिंह राही ने 17 बिंदुओं में अपना पक्ष रखते हुए धमकी और
प्रलोभन के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों के निर्णय के बाद ही सामने आएगा।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप रिंकू सिंह राही के लिखित जवाब पर आधारित हैं।
इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
FAQ
प्रश्न 1. यह मामला किस जिले से जुड़ा है?
उत्तर: यह मामला उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से संबंधित है।
प्रश्न 2. रिंकू सिंह राही ने क्या दावा किया है?
उत्तर: उन्होंने जांच अधिकारी को दिए गए अपने जवाब में निरीक्षण के दौरान
कथित धमकी और प्रलोभन मिलने का आरोप लगाया है।
प्रश्न 3. उन्होंने कितने बिंदुओं में जवाब दिया है?
उत्तर: उन्होंने 17 बिंदुओं में अपना लिखित जवाब और साक्ष्य जांच अधिकारी को सौंपे हैं।
प्रश्न 4. क्या मामले की जांच पूरी हो गई है?
उत्तर: नहीं। जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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