राकेश शर्मा की रिपोर्ट
ग्राम सभा की जमीन पर खड़े 100 साल पुराने पीपल के पेड़ की कटाई से ग्रामीणों में आक्रोश
गोरखपुर जिले के गगहा थाना क्षेत्र के ग्राम नर्रे बुजुर्ग में ग्राम सभा की भूमि पर स्थित लगभग 100 वर्ष पुराने पीपल के पेड़ की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह विशाल पीपल का पेड़ कई पीढ़ियों से गांव की पहचान था। पेड़ पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र माना जाता था। इसके कटने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने देखा पेड़ की कटाई
गांव निवासी मनोज चंद के अनुसार ग्राम सभा की भूमि पर स्थित यह विशाल पीपल का वृक्ष लगभग 100 वर्ष से भी अधिक पुराना था। आरोप है कि 29 जून की रात पड़ौली निवासी शहजादा पुत्र ताजमुल्ला द्वारा चोरी-छिपे पेड़ की कटाई कराई जा रही थी।
सोमवार सुबह जब गांव के कुछ लोग नियमित रूप से टहलने निकले तो उन्होंने देखा कि पीपल के पेड़ की कटाई चल रही है। ग्रामीणों के अनुसार पेड़ का अधिकांश तना और शाखाएं काटी जा चुकी थीं तथा केवल एक हिस्सा बचा हुआ था।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख वहां मौजूद मजदूर वहां से चले गए। ग्रामीणों के अनुसार मौके पर मौजूद व्यक्ति को उन्होंने वहीं रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस, एक व्यक्ति से पूछताछ
ग्रामीणों की सूचना पर डायल 112 और गगहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए गगहा थाने ले गई।
पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पेड़ की कटाई के लिए किसी प्रकार की वैध अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी गगहा राजकुमार सरोज ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने उठाई पर्यावरण और धार्मिक आस्था की सुरक्षा की मांग
गांव के लोगों का कहना है कि पीपल का यह पेड़ केवल एक वृक्ष नहीं था, बल्कि गांव की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक था। वर्षों से ग्रामीण इसके नीचे धार्मिक कार्यक्रम, बैठकों और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन करते रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने पुराने पेड़ की कटाई से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। पीपल का पेड़ ऑक्सीजन, छाया और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम सभा की भूमि पर स्थित पुराने और संरक्षित वृक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति हो सकती है। ग्रामीणों ने पुराने
पेड़ों के संरक्षण के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाने की मांग भी की है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर बढ़ी चिंता
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने वृक्ष केवल हरियाली का हिस्सा नहीं होते, बल्कि
स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। एक परिपक्व पीपल का पेड़ अनेक पक्षियों,
छोटे जीवों और अन्य वनस्पतियों के लिए भी आश्रय का कार्य करता है।
ऐसे पेड़ों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक माना जाता है।
इसी कारण ग्राम सभा, सार्वजनिक स्थानों और संरक्षित भूमि पर स्थित पुराने वृक्षों की सुरक्षा को लेकर
प्रशासन और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होती है।
निष्कर्ष
गोरखपुर के नर्रे बुजुर्ग गांव में लगभग 100 वर्ष पुराने पीपल के पेड़ की कथित
अवैध कटाई का मामला स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
ग्रामीणों की सतर्कता से मामले की जानकारी
समय रहते पुलिस तक पहुंची और जांच शुरू हो गई। अब सभी की निगाहें
पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में नियमों के
उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही
यह घटना सार्वजनिक भूमि पर स्थित ऐतिहासिक और पर्यावरणीय
महत्व वाले वृक्षों के संरक्षण की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
FAQ
1. यह घटना कहां की है?
यह मामला गोरखपुर जिले के गगहा थाना क्षेत्र के ग्राम नर्रे बुजुर्ग का है।
2. किस पेड़ की कटाई का मामला सामने आया है?
ग्राम सभा की भूमि पर स्थित लगभग 100 वर्ष पुराने पीपल के
पेड़ की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है।
3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस मौके पर पहुंची, एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए
हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
4. ग्रामीणों ने क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और ग्राम सभा की
भूमि पर स्थित पुराने वृक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
5. थाना प्रभारी ने क्या कहा?
थाना प्रभारी राजकुमार सरोज के अनुसार तहरीर प्राप्त हुई है और जांच के
आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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