गोरखपुर में शराब की दुकान का जबरदस्त विरोध! स्कूल के पास ठेका खोलने पर ग्रामीण पहुंचे डीएम कार्यालय

महुआडाबर में शराब की दुकान का विरोध तेज

गोरखपुर जिले के महुआडाबर क्षेत्र में प्रस्तावित कम्पोजीट शराब की दुकान को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और अभिभावक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित शराब की दुकान को तत्काल निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर शराब की दुकान खोले जाने की तैयारी की जा रही है, वहां आसपास विद्यालय, मुख्य सड़क और घनी आबादी स्थित है। ऐसे स्थान पर शराब का ठेका खुलने से सामाजिक माहौल प्रभावित होने के साथ बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रस्तावित दुकान की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए और किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए। उनका कहना है कि शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

स्कूल और मुख्य मार्ग के पास ठेका खोलने पर ग्रामीणों ने जताई कड़ी आपत्ति

ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में बताया कि प्रस्तावित शराब की दुकान ऐसे स्थान पर खोली जा रही है जहां से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं स्कूल आते-जाते हैं। इसके अलावा यह क्षेत्र मुख्य आवागमन मार्ग पर स्थित है, जिससे पूरे दिन लोगों की आवाजाही बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यहां शराब की दुकान खुलती है तो नशे में रहने वाले लोगों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे छात्राओं, महिलाओं और राहगीरों को असुविधा के साथ असुरक्षा का भी सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूलों के आसपास शराब की दुकान खोलना समाज के लिए अच्छा संदेश नहीं है और इससे बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने प्रशासन से अपील की कि बच्चों की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को निरस्त किया जाए।

सामाजिक माहौल बिगड़ने और अपराध बढ़ने की जताई आशंका

महुआडाबर के ग्रामीणों ने कहा कि यदि घनी आबादी और शैक्षणिक संस्थानों के पास शराब की दुकान खोली जाती है तो क्षेत्र का सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है। उनका मानना है कि शराब की उपलब्धता बढ़ने से मारपीट, घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाएं, छेड़छाड़ और अन्य आपराधिक घटनाओं में वृद्धि होने की आशंका रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक हितों और सार्वजनिक सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। यदि स्थानीय लोगों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया तो इसका सीधा असर गांव के शांतिपूर्ण वातावरण पर पड़ सकता है।

कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गांव का विकास शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित माहौल से होता है, इसलिए ऐसी जगहों पर शराब की दुकान खोलने के बजाय वैकल्पिक स्थान तलाशना अधिक उचित होगा।

महिलाओं और अभिभावकों ने भी खोला मोर्चा

जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में बड़ी संख्या में महिलाएं और अभिभावक भी शामिल रहे। महिलाओं ने कहा कि गांव के बच्चों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है और स्कूल के आसपास शराब की दुकान खुलना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता।

अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का मानसिक और सामाजिक विकास सकारात्मक वातावरण में ही संभव है। यदि विद्यालय के पास शराब का ठेका खुलता है तो इसका गलत प्रभाव नई पीढ़ी पर पड़ सकता है। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि प्रस्तावित दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, जहां इससे सामाजिक जीवन प्रभावित न हो।

डीएम से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में अनुरोध किया कि प्रस्तावित कम्पोजीट शराब की दुकान के लिए जारी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही स्थानीय लोगों की आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से सुना जाए।

उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो क्षेत्र के लोग

लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिला

प्रशासन जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए ऐसा निर्णय लेगा जिससे बच्चों की शिक्षा,

महिलाओं की सुरक्षा और गांव का सामाजिक वातावरण सुरक्षित रह सके।

महुआडाबर के लोगों की एकजुटता पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध करना नहीं है,

बल्कि अपने गांव के शांतिपूर्ण माहौल और आने वाली पीढ़ी के

भविष्य की रक्षा करना है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।

निष्कर्ष

गोरखपुर के महुआडाबर में प्रस्तावित शराब की दुकान को लेकर ग्रामीणों का

विरोध लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। स्कूल, मुख्य सड़क और घनी आबादी के

पास ठेका खोले जाने के प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों ने गंभीर आपत्ति जताई है।

महिलाओं, अभिभावकों और ग्रामीणों की एकजुटता ने इस मुद्दे को प्रमुख बना दिया है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन स्थानीय लोगों की

मांगों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए क्या निर्णय लेता है।

FAQ

1. यह मामला कहां का है?

यह मामला गोरखपुर जिले के महुआडाबर क्षेत्र का है।

2. ग्रामीण किस बात का विरोध कर रहे हैं?

ग्रामीण स्कूल और घनी आबादी के पास प्रस्तावित कम्पोजीट शराब की दुकान का विरोध कर रहे हैं।

3. ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की है?

ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर प्रस्तावित शराब की दुकान को

निरस्त करने या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।

4. ग्रामीणों को किस बात की चिंता है?

ग्रामीणों का कहना है कि शराब की दुकान खुलने से बच्चों, महिलाओं और

आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है तथा सामाजिक माहौल बिगड़ने का खतरा है।

5. आगे क्या हो सकता है?

ग्रामीणों ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।

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