2025 रहा MSME का स्वर्णिम वर्ष: 35,800 नई इकाइयों का पंजीकरण, ₹3,900 करोड़ निवेश और 1.45 लाख लोगों को मिला रोजगार

2025 रहा MSME का स्वर्णिम वर्ष, रिकॉर्ड 35,800 नई इकाइयों का हुआ पंजीकरण

गौतमबुद्ध नगर जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र ने वर्ष 2025 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिला उद्योग केंद्र के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 35,800 नई MSME इकाइयों का पंजीकरण हुआ, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। इन नई इकाइयों के माध्यम से करीब ₹3,900 करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ और लगभग 1.45 लाख लोगों को रोजगार मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर औद्योगिक नीतियों, सरकारी योजनाओं और बढ़ते निवेश के कारण गौतमबुद्ध नगर MSME विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।

पांच वर्षों में MSME सेक्टर ने दर्ज की रिकॉर्ड वृद्धि

जिला उद्योग केंद्र के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में जिले में 20,810 नई MSME इकाइयों का पंजीकरण हुआ था। यह संख्या वर्ष 2025 में बढ़कर 35,800 हो गई, यानी पांच वर्षों में लगभग 72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में निवेश ₹2,395 करोड़ से बढ़कर ₹3,900 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि रोजगार के अवसर 1 लाख से बढ़कर 1.45 लाख हो गए। यह वृद्धि बताती है कि जिले में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल लगातार मजबूत हुआ है।

माइक्रो उद्योगों का सबसे बड़ा योगदान

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कुल पंजीकृत इकाइयों में सबसे अधिक योगदान माइक्रो उद्योगों का रहा। अकेले माइक्रो श्रेणी में 25,300 नई इकाइयों का पंजीकरण हुआ, जो कुल पंजीकरण का लगभग 71 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि युवा उद्यमियों का रुझान स्वरोजगार और छोटे उद्योगों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। दूसरी ओर, मीडियम उद्योगों की संख्या कम होने के बावजूद उन्होंने बड़े निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

निवेश और रोजगार में भी हुआ बड़ा उछाल

वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में MSME क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की। 2024 में जहां 29,860 इकाइयों का पंजीकरण हुआ था, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 35,800 हो गई। इसी तरह निवेश ₹3,270 करोड़ से बढ़कर ₹3,900 करोड़ पहुंच गया। वर्ष 2021 से 2025 के बीच जिले में कुल 1,41,525 MSME इकाइयों का पंजीकरण हुआ और लगभग ₹17,447 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया। इन उद्योगों के माध्यम से पांच वर्षों में 6.37 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली।

सरकार की योजनाओं और औद्योगिक ढांचे का मिला लाभ

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, बेहतर औद्योगिक बुनियादी ढांचे, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो और डिजिटल सुविधाओं ने MSME क्षेत्र को नई गति दी है। विशेषज्ञों ने रिसर्च एंड डेवलपमेंट, स्वदेशी क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। उनका मानना है कि यदि छोटे और मध्यम उद्योगों को तकनीकी सहयोग मिलता रहा तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र और तेजी से आगे बढ़ेगा।

निष्कर्ष

वर्ष 2025 गौतमबुद्ध नगर के MSME सेक्टर के लिए उपलब्धियों का वर्ष साबित हुआ है। रिकॉर्ड पंजीकरण, हजारों करोड़ रुपये का निवेश और लाखों लोगों को रोजगार मिलने से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास लगातार

नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यदि सरकार की नीतियां और निवेश का यह सिलसिला जारी रहता है, तो

आने वाले वर्षों में MSME क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

FAQ

Q1. वर्ष 2025 में कितनी नई MSME इकाइयों का पंजीकरण हुआ?

उत्तर: वर्ष 2025 में गौतमबुद्ध नगर में रिकॉर्ड 35,800 नई MSME इकाइयों का पंजीकरण हुआ।

Q2. MSME क्षेत्र में कितना निवेश हुआ?

उत्तर: वर्ष 2025 में MSME क्षेत्र में लगभग ₹3,900 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया।

Q3. कितने लोगों को रोजगार मिला?

उत्तर: वर्ष 2025 में MSME इकाइयों के माध्यम से लगभग 1.45 लाख लोगों को रोजगार मिला।

Q4. पांच वर्षों में कुल कितनी MSME इकाइयां पंजीकृत हुईं?

उत्तर: वर्ष 2021 से 2025 के बीच कुल 1,41,525 MSME इकाइयों का पंजीकरण हुआ।

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