उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में देसी शराब की दुकान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कुंवरगांव थाना क्षेत्र के हरनाथपुर मुस्तखर्जा गांव में महिलाओं ने शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। विरोध इतना बढ़ गया कि महिलाओं ने दुकान में तोड़फोड़ कर दी और वहां रखी शराब की पेटियों को नष्ट कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने दुकान के सेल्समैन की तहरीर पर 40 महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ महिलाएं शराब की दुकान को सामाजिक बुराइयों की जड़ बता रही हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर बढ़ता जा रहा था विरोध
हरनाथपुर मुस्तखर्जा गांव की महिलाओं का आरोप है कि गांव की आबादी के बीच स्थित शराब की दुकान के कारण क्षेत्र में नशाखोरी लगातार बढ़ रही थी। महिलाओं का कहना है कि शराब पीने के बाद कई लोग अभद्र व्यवहार करते थे, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार शाम के समय शराबियों का जमावड़ा लग जाता था। इससे महिलाओं और बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था। कई परिवारों में शराब की वजह से झगड़े बढ़ रहे थे और घरेलू हिंसा की घटनाएं भी सामने आ रही थीं।
महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और आबकारी विभाग से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं निकला तो गांव की महिलाओं में नाराजगी बढ़ने लगी।
मंगलवार शाम फूटा महिलाओं का गुस्सा
मंगलवार शाम करीब पांच बजे बड़ी संख्या में महिलाएं शराब की दुकान के बाहर एकत्र हो गईं। शुरुआत में उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया और दुकान हटाने की मांग दोहराई। लेकिन कुछ ही देर बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
आरोप है कि महिलाओं ने दुकान की दीवार को नुकसान पहुंचाया और अंदर रखी शराब की पेटियों को बाहर निकाल दिया। कुछ महिलाओं ने शराब के ट्रेटा पैक फोड़ दिए और बड़ी मात्रा में शराब नाली में बहा दी। वहीं कई शराब की पेटियों को तालाब में फेंकने की भी बात सामने आई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह हालात को नियंत्रित किया और भीड़ को वहां से हटाया। हालांकि तब तक दुकान को काफी नुकसान पहुंच चुका था।
40 महिलाओं के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना के बाद शराब दुकान के सेल्समैन धीरेश ने पुलिस को तहरीर देकर नुकसान और तोड़फोड़ की शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 40 महिलाओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यदि किसी को किसी सरकारी अनुमति प्राप्त दुकान से शिकायत है तो उसके लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं का आरोप: शराब से बिगड़ रहा था गांव का माहौल
गांव की महिलाओं का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं था बल्कि पूरे गांव के हित में था। महिलाओं का आरोप है कि शराब की दुकान के कारण युवा पीढ़ी नशे की ओर बढ़ रही थी।
उनका कहना है कि कई नाबालिग बच्चे भी शराबियों की संगत में आने लगे थे, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई थी। महिलाओं का यह भी आरोप है कि
शराब की दुकान के आसपास अक्सर झगड़े और विवाद होते रहते थे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन उनकी शिकायतों पर ध्यान देता तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।
प्रशासन और आबकारी विभाग पर उठे सवाल
इस घटना के बाद आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की
भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के
बावजूद दुकान को आबादी क्षेत्र से हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की दुकानों को
लेकर संवेदनशीलता बरतना जरूरी है। यदि स्थानीय लोग किसी दुकान का विरोध कर रहे हैं तो
प्रशासन को समय रहते संवाद स्थापित कर समाधान निकालना चाहिए।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि दुकान पूरी तरह नियमों के तहत संचालित की जा रही थी और
किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।
गांव में बढ़ा तनाव, पुलिस सतर्क
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर
अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी
अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के
खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। साथ ही ग्रामीणों की शिकायतों की भी समीक्षा की जाएगी।
बदायूं के हरनाथपुर मुस्तखर्जा गांव में शराब की दुकान को लेकर हुआ विवाद
अब कानूनी मोड़ ले चुका है। महिलाओं का आरोप है कि
शराब की दुकान से गांव का माहौल खराब हो रहा था,
जबकि प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रहा है। दुकान में तोड़फोड़ और
शराब नष्ट करने के आरोप में 40 महिलाओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
अब पूरे मामले में पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
FAQ
यह मामला कहां का है?
यह मामला बदायूं जिले के कुंवरगांव थाना क्षेत्र के हरनाथपुर मुस्तखर्जा गांव का है।
महिलाओं ने शराब की दुकान का विरोध क्यों किया?
महिलाओं का आरोप था कि दुकान के कारण गांव में नशाखोरी, पारिवारिक विवाद और सामाजिक समस्याएं बढ़ रही थीं।
पुलिस ने कितनी महिलाओं पर केस दर्ज किया है?
पुलिस ने 40 महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
महिलाओं पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
उन पर दुकान में तोड़फोड़ करने, शराब नष्ट करने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने का आरोप है।
क्या गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है?
हां, घटना के बाद गांव में तनाव है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
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